एक्सप्लोरर

Beetroot Farming: 300 क्विंटल तक उत्पादन और मोटी कमाई के लिये शुरू करें चुकंदर की खेती, 3 महीने के अंदर बदल जायेगी जिंदगी

Beetroot Farming in India:चुकंदर की बिजाई के बाद यह फसल 120 दिनों में यानी 3 महीने में पककर तैयार हो जाती है, जिससे 300 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन ले सकते है.

Beetroot Cultivation: चुकंदर एक कंदवर्गीय फसल है, जिसे फल, सब्जी और सलाद के रूप में इस्तेमाल करते हैं. चुकंदर (Beetroot Benefits) में आयरन भरपूर मात्रा में होता है. इसके सेवन में शरीर में खून की मात्रा बढ़ती और इम्यूनिटी भी मजबूत रहती है. इसका सेवन करना शरीर के लिये जितना फायदेमंद है. उतना ही फायदेमंद है, इसकी खेती (Beetroot Cultivation) करना.

बता दें कि चुकंदर का इस्तेमाल आयुर्वेदिक (Beetroot in Ayurveda) औषधी के रूप में भी किया जाता है, जिससे कैंसर जैसी घातक बीमारियों का उपचार भी होता है. किसान चाहें तो इसकी खेती करके सिर्फ 3 महीने में 300 क्विंटल तक उत्पादन (Beetroot Production)  ले सकते हैं. इसके लिये जरूरी है कि खेती की उन्नत तकनीकों का प्रयोग किया जाये, जिससे किसानों को भी कम मेहनत में अच्छा मुनाफा मिल सकता है.

मिट्टी और जलवायु
सामान्य मौसम और बलुई दोमट मिट्टी को चुकंदर की खेती के लिये सबसे उपयुक्त मानते हैं. इसकी खेती के लिये गर्मी और बारिश का मौसम सही नहीं रहता और जल भराव वाली मिट्टी में भी फसल सड़ जाती है, इसलिये 6 से 7 पीएच मान वाली मिट्टी, जल निकासी की व्यवस्था और सर्दियों के मौसम मेंही चुकंदर की खेती करना सुरक्षित रहती है. भारत में सितंबर से मार्च के महीने के बीच चुकंदर की खेती करने की सलाह दी जाती है.

चुकंदर की खेती के लिए उन्नत किस्में
चुकंदर की खेती से अच्छा मुनाफा कमाने के लिये उन्नत और रोगरोधी किस्मों का चयन करना चाहिये, जिससे कीट-कवकनाशी दवाओं पर ज्यादा खर्च ना करना पड़े और कम खर्च में अच्छा उत्पादन मिल सके. वैस तो चुकंदर की चारा और अन्य किस्में काफी लोकप्रिय है, लेकिन भारत में किसान ज्यादातर डेट्रॉइट डार्क रेड, क्रिमसन ग्लोब, अर्ली वंडर, मिस्त्र की क्रॉस्बी, रूबी रानी, रोमनस्काया और एम.एस.एच.–102 किस्मों को लगाना पसंद करते हैं.

खेत की तैयारी
चुकंदर की फसल लगाने के लिए मिट्टी को महीन और दरदरा बनाया जाता है. कल्टीवेटर और रोटावेटर मशीनों की मदद से खेतों की जुताई का कम कई गुना आसान हो जाता है. इसके बाद आखिरी जुताई से पहले प्रति एकड़ खेत में 4 टन गोबर की खाद डाली जाती है और पाटा लगाकर चुकंदर की बुवाई का काम किया जाता है.

चुकंदर की बुवाई 
बेहतर उत्पादन के लिये चुकंदर की बिजाई दो विधियों से की जाती है, जिसमें छिटकवां विधि और मेड़ विधि शामिल है.

  • छिटकवां विधि में क्यारियां बनाकर बीजों को फेंक दिया जाता है, जिससे खाद और मिट्टी के बीच इन बीजों का अंकुरण हो जाता है. इस विधि में करीब 4 किलोग्राम प्रति एकड़ बीजों की जरूरत होती है. 
  • वहीं मेड़ विधि से चुकंदर की बुवाई करने के लिए 10 इंच की दूरी ऊंची मेड़ या बेड बनाया जाता है. इन पर 3-3 इंच की दूरी रखकर मिट्टी में बीजों को लगाया जाता है. इस विधि में अधिक बीजों की जरूरत नहीं होती और कृषि कार्य करने में भी आसानी होती है.

चुकंदर में खरपतवार प्रबंधन 
चुकंदर एक कंदवर्गीय फसल है, जिसकी अच्छी बढ़वार के लिए निराई-गुड़ाई करने की सलाह दी जाती है. ये काम खरपतवार नियंत्रण के लिए लिहाज से भी काफी अहम है, क्योंकि खरपतवार पौधे चुकंदर की फसल को कमजोर बना सकते हैं. ऐसे में निराई गुड़ाई करके इन अनावश्यक पौधों को उखाड़कर खेत के बाहर फेंक दिया जाता है.

चुकंदर में सिंचाई 
चुकंदर की खेती के लिए अधिक पानी की जरूरत नहीं होती, जिसके चलते किसानों को कम खर्च में ही अधिक मुनाफा मिल जाता है. इसकी खेती सर्दियों में की जाती है, इसलिए खेतों में अधिक सिंचाई के मुकाबले हल्की नमी बनाकर ही काम चल जाता है. बता दें कि चुकंदर की फसल में पहली सिंचाई बीच की रोपाई के बाद और दूसरी सिंचाई निराई-गुड़ाई के बाद यानी 20 से 25 दिनों की जाती है, जिससे बीजों का अंकुरण और पौधों का विकास ठीक प्रकार हो सके.

चुकंदर की खेती से आमदनी
चुकंदर एक मध्यम अवधि की फसल है, जो बेहद कम समय में किसानों को अच्छा मुनाफा देती है. चुकंदर की बिजाई (Beetroot Cultivation) के बाद यह फसल 120 दिनों में यानी 3 महीने में पककर तैयार हो जाती है, जिससे 300 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन ले सकते है. बता दें कि बाजार में चुकंदर का भाव (Beetroot Price) ₹60 प्रति किलो है. इसका इस्तेमाल पशु चारे (Beetroot Animal Fodder) के रूप में भी किया जाता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारियों पर आधारित है. ABPLive.com किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

इसे भी पढ़ें:-

Subsidy Offer: बूंद-बूंद सिंचाई के लिये मिल रहा है 75% तक अनुदान, आवेदन करने पर खाते में ट्रांसफर होगी सब्सिडी की राशि

Subsidy Offer: 1 लाख किसानों को मिल चुकी है डीजल पर भारी सब्सिडी, यहां आवेदन करके आप भी उठायें फायदा

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

भारतीय एयरफोर्स की बढ़ने वाली है ताकत, थर-थर कांपेंगे दुश्मन! फ्रांस से 114 राफेल खरीद को मिली मंजूरी
भारतीय एयरफोर्स की बढ़ने वाली है ताकत, थर-थर कांपेंगे दुश्मन! फ्रांस से 114 राफेल खरीद को मिली मंजूरी
चिन्नास्वामी स्टेडियम में AI तय करेगा फैंस की सुरक्षा, सारा खर्चा उठाने को तैयार RCB
चिन्नास्वामी स्टेडियम में AI तय करेगा फैंस की सुरक्षा, सारा खर्चा उठाने को तैयार RCB
सिद्धार्थ मल्होत्रा के बर्थडे सेलिब्रेशन में कियारा ने गाया गाना, बेटी सरायाह के फेवरेट हैं पापा
सिद्धार्थ मल्होत्रा के बर्थडे सेलिब्रेशन में कियारा ने गाया गाना, बेटी सरायाह के फेवरेट हैं पापा
एक बार फिर ठप पड़ा X, एलन मस्क के सोशल मीडिया ऐप के डाउन होने से परेशान हुए लाखों यूजर्स
एक बार फिर ठप पड़ा X, एलन मस्क के सोशल मीडिया ऐप के डाउन होने से परेशान हुए लाखों यूजर्स

वीडियोज

भारत की No.1 कार SUV नहीं! Dzire ने Creta–Nexon को पछाड़ा | Auto Live
Maharashtra BMC Municipal Election Poll Results: कहां जीती, कहां हारी कांग्रेस? | ABP News
Maharashtra BMC Municipal Election Poll Results: क्यों इतनी बुरी तरह हारे ठाकरे ब्रदर्स?
MG Majestor जल्द लॉन्च: Gloster से ऊपर पोजिशन, Fortuner को देगी सीधी चुनौती | Auto Live
BMC Election Result 2026: शिंदे–BJP फैक्टर, ठाकरे ब्रदर्स की सियासत को ऐसे किया खत्म |Vote Counting

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
भारतीय एयरफोर्स की बढ़ने वाली है ताकत, थर-थर कांपेंगे दुश्मन! फ्रांस से 114 राफेल खरीद को मिली मंजूरी
भारतीय एयरफोर्स की बढ़ने वाली है ताकत, थर-थर कांपेंगे दुश्मन! फ्रांस से 114 राफेल खरीद को मिली मंजूरी
चिन्नास्वामी स्टेडियम में AI तय करेगा फैंस की सुरक्षा, सारा खर्चा उठाने को तैयार RCB
चिन्नास्वामी स्टेडियम में AI तय करेगा फैंस की सुरक्षा, सारा खर्चा उठाने को तैयार RCB
सिद्धार्थ मल्होत्रा के बर्थडे सेलिब्रेशन में कियारा ने गाया गाना, बेटी सरायाह के फेवरेट हैं पापा
सिद्धार्थ मल्होत्रा के बर्थडे सेलिब्रेशन में कियारा ने गाया गाना, बेटी सरायाह के फेवरेट हैं पापा
एक बार फिर ठप पड़ा X, एलन मस्क के सोशल मीडिया ऐप के डाउन होने से परेशान हुए लाखों यूजर्स
एक बार फिर ठप पड़ा X, एलन मस्क के सोशल मीडिया ऐप के डाउन होने से परेशान हुए लाखों यूजर्स
BJP National President Election: क्या आम आदमी भी लड़ सकता है BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव, जानें कौन-कौन सी शर्तें करनी होती हैं पूरी?
क्या आम आदमी भी लड़ सकता है BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव, जानें कौन-कौन सी शर्तें करनी होती हैं पूरी?
यूपी में कहां-कहां 17 जनवरी को बंद रहेंगे स्कूल, एक क्लिक में देख लें पूरी लिस्ट
यूपी में कहां-कहां 17 जनवरी को बंद रहेंगे स्कूल, एक क्लिक में देख लें पूरी लिस्ट
Indian Army Resignation Rules: आर्मी के जवान अपनी मर्जी से नहीं दे सकते इस्तीफा, जानें क्यों है ऐसा नियम
आर्मी के जवान अपनी मर्जी से नहीं दे सकते इस्तीफा, जानें क्यों है ऐसा नियम
Why Antibiotics Are Failing In Humans: लोगों पर नहीं हो रहा एंटीबायोटिक दवाओं का असर, स्टडी में सामने आई चौंकाने वाली वजह?
लोगों पर नहीं हो रहा एंटीबायोटिक दवाओं का असर, स्टडी में सामने आई चौंकाने वाली वजह?
Embed widget