खेत में क्यों डालनी चाहिए गोबर की खाद, जान लीजिए इसके फायदे
क्या आप जानते हैं कि खेत में गोबर क्यों डाला जाता है? दरअसल, गोबर की अच्छी तरह सड़ी खाद मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ पोषक तत्वों को बढ़ाने में भी मदद करती है.

किसान को खेती में अच्छी पैदावार के लिए केवल केमिकल फर्टिलाइजर पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. उन्हें मिट्टी की सेहत बनाए रखने के लिए जैविक खाद का इस्तेमाल भी करना चाहिए. इन्हीं जैविक खादों में गोबर की खाद यानी Farmyard Manure (FYM) अहम है. इसमें पशुओं का गोबर, मूत्र, बिछावन और अन्य जैविक अवशेषों का अच्छी तरह सड़ा हुआ मिश्रण शामिल होता है.
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अनुसार, गोबर की खाद मिट्टी की संरचना, जैविक कार्बन, जलधारण क्षमता और सूक्ष्मजीव गतिविधि को बेहतर बनाने में मदद करती है. ऐसे में अगर आप भी अपने खेत में गोबर की खाद इस्तेमाल करने का सेच रहे हैं, तो आइए जानते हैं इसके फायदें और जरुरत के बारे में.
मिट्टी की संरचना होती है बेहतर
लगातार खेती और एक ही तरह की फसल लेने से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होने लगती है. गोबर की सड़ी खाद मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ाती है, जिससे मिट्टी की संरचना और भुरभुरापन बेहतर होता है. इससे पौधों की जड़ों को फैलने और मिट्टी में हवा के आवागमन के लिए बेहतर वातावरण मिलता है. ICAR भी FYM को मिट्टी की संरचना और सॉइल ऑर्गेनिक कार्बन सुधारने वाले महत्वपूर्ण जैविक स्रोतों में शामिल करता है.
पानी को ज्यादा देर तक रोकने में मदद
गोबर की खाद का एक अहम फायदा मिट्टी की जलधारण क्षमता में सुधार है. जैविक पदार्थ वाली मिट्टी पानी को बेहतर तरीके से रोक सकती है. इससे सिंचाई के बाद नमी कुछ समय तक बनी रहने में मदद मिलती है. खासकर हल्की या रेतीली मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ाना उपयोगी होता है. ICAR ने FYM के इस्तेमाल को मिट्टी की वॉटर होल्डिंग कैपेसिटी सुधारने से जोड़ा है.
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पौधों को मिलते हैं जरूरी पोषक तत्व
अच्छी तरह तैयार गोबर की खाद में पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं. इसके इस्तेमाल से मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलती है. हालांकि इसकी पोषक मात्रा एक समान नहीं होती और यह खाद की गुणवत्ता पर निर्भर करती है.
मिट्टी के लाभकारी सूक्ष्मजीवों को बढ़ावा
मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीव पोषक तत्वों के चक्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. जैविक खाद इनके लिए कार्बनिक पदार्थ का स्रोत उपलब्ध कराती है. इससे लाभकारी माइक्रोबियल गतिविधि को बढ़ावा मिलता है और मिट्टी का जैविक स्वास्थ्य बेहतर होता है. वहीं हमेशा कच्चे गोबर को सीधे खेत में डालने के बजाय अच्छी तरह सड़ी और तैयार गोबर की खाद का इस्तेमाल करना बेहतर होता है. इससे जैविक पदार्थ अधिक स्थिर रूप में मिट्टी में जाता है.
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