राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को बताया 'बहिष्कार व्यवस्था', कहा- 'पैसा, ताकत...'
नेता प्रतिपक्ष ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर एक रील में छात्रों से बात करते हुए कहा है कि भारत कि शिक्षा व्यवस्था शिक्षा व्यवस्था कहने लायक ही नहीं है. यह "बहिष्कार व्यवस्था" है.

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो में युवाओं से संवाद करते हुए कहा है कि "देश में फिलहाल जो व्यवस्था प्रचलित है, वह शिक्षा व्यवस्था नहीं, बल्कि ऐसी ‘‘बहिष्कार व्यवस्था’’ है.
जिसका मकसद लाखों भारतीय युवाओं को इससे बाहर रखना है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह हाल ही में छात्रों के एक समूह के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो में गांधी ने यह टिप्पणी की. राहुल गांधी ने कहा, ‘‘अगर आपके पास पैसा, ताकत नहीं है या आप अंग्रेजी नहीं बोलते हैं, तो व्यवस्था बिना एक पल सोचे आपको बाहर कर देगी.’’
वर्तमान शिक्षा व्यवस्था बहिष्कार की व्यवस्था
उन्होंने कहा, ‘‘आप इसे शिक्षा व्यवस्था नहीं कह सकते. यह बहिष्कार की व्यवस्था है, जिसे लाखों भारतीय युवाओं को इससे बाहर रखने के लिए बनाया गया है.’’ राहुल गांधी सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से छात्रों के साथ बातचीत करने के अलावा अपनी ‘छात्रों की गूंज’ पहल के जरिए बड़े पैमाने पर युवाओं से संवाद भी कर रहे हैं. इस महीने की शुरुआत में चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला बोला था.
सोची-समझी रुकावटें
उन्होंने यह भी कहा कि "वर्तमान शिक्षा प्रणाली असल में एक 'बाहर रखने वाली' प्रणाली है. इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि 99% भारतीय युवा उच्च शिक्षा, बेहतरीन नौकरियों और अवसरों से दूर रहें. अनुचित परीक्षाओं, बहुत ज़्यादा फीस और सोची-समझी रुकावटों के जरिए, लाखों होनहार युवाओं को जानबूझकर बाहर धकेल दिया जाता है, बजाय इसके कि उनका स्वागत किया जाए.
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