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फेंकने के बजाय पौधों में डालें संतरे के छिलके, नेचुरल कीटनाशक बनकर गार्डन को रखेंगे एकदम हरा-भरा

Orange Peel Uses In Gardening: संतरे के छिलकों को बेकार समझकर फेंकने के बजाय आप उन्हें गार्डन में बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद और नेचुरल कीटनाशक की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं. जिससे बगीचा हरा-भरा रहता है.

Orange Peel Uses In Gardening: सर्दियों और गर्मियों के मौसम में हम सब बड़े चाव से संतरा खाते हैं. लेकिन उसके छिलकों को बेकार समझकर सीधे डस्टबिन में फेंक देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो रुक जाइए क्योंकि ये खट्टे छिलके आपके होम गार्डन या पौधों के लिए किसी जादुई टॉनिक से कम नहीं हैं. संतरे के छिलकों में भरपूर मात्रा में नाइट्रोजन, पोटैशियम और फास्फोरस जैसे जरूरी न्यूट्रिएंट्स होते हैं जो पौधों की ग्रोथ को बूस्ट करते हैं. 

इसके अलावा इनमें मौजूद नेचुरल एसिड और स्ट्रॉन्ग स्मेल पौधों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़े-मकोड़ों को दूर भगाने का काम करती है. बिना किसी महंगे केमिकल पेस्टिसाइड के आप इन छिलकों की मदद से अपने गार्डन को पूरी तरह से सेफ और एकदम हरा-भरा रख सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप संतरे के छिलकों का बेहद आसान और असरदार तरीके से अपने पौधों में इस्तेमाल कर सकते हैं.

कीड़ों को भगाने का सॉलिड फॉर्मूला

संतरे के छिलकों में लिमोनीन नाम का एक नेचुरल ऑयल होता है जिसकी तेज खुशबू चींटियों, एफिड्स, फंगस और मच्छरों जैसे जिद्दी कीड़ों को बिल्कुल रास नहीं आती. इसका बेहतरीन स्प्रे बनाने के लिए छिलकों को पानी में अच्छी तरह उबाल लें और फिर उस पानी को ठंडा करके छान लें. अब इस लिक्विड को एक स्प्रे बोतल में भरकर अपने पौधों की पत्तियों और मिट्टी पर छिड़कें. 

यह ऑर्गेनिक होममेड स्प्रे किसी भी महंगे केमिकल से कई गुना ज्यादा बेहतर और सेफ रिजल्ट देता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इस नेचुरल स्प्रे के इस्तेमाल से पौधों की नाजुक पत्तियों के जलने या खराब होने का कोई डर नहीं रहता और कीड़े भी छूमंतर हो जाते हैं.

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बेहतरीन खाद तैयार करने की आसान ट्रिक

कीड़ों को भगाने के साथ-साथ संतरे के छिलके मिट्टी की क्वालिटी को सुधारने में भी बहुत मददगार साबित होते हैं. अगर आपके गार्डन की मिट्टी बहुत ज्यादा हार्ड है या पौधों को सही पोषण नहीं मिल रहा तो इन छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर सीधे गमले की मिट्टी में दबा दें. 

इसके अलावा आप इन्हें अपने रेगुलर कंपोस्ट बिन यानी कछुआ खाद वाले गड्ढे में भी डाल सकते हैं, जिससे खाद की न्यूट्रिशनल वैल्यू बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. संतरे के छिलके मिट्टी के पीएच लेवल को मेंटेन रखते हैं जिससे मोगरा, गुलाब और मिर्च जैसे पौधों में फूलों और फलों की तादाद अचानक से काफी बढ़ जाती है.

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

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