एक्सप्लोरर

आम खाने और खेती के लिए कौन सा महीना है सबसे बेस्ट, जान लीजिए काम की बात

Mango Farming Tips: आम की खेती में जनवरी का महीना सबसे ज्यादा अहम होता है. क्योंकि इसी समय पेड़ों पर बौर आने की शुरुआत होती है. जान लीजिए इसे खाने के लिए कौनसा महीना है बेस्ट.

Mango Farming Tips: आम को फलों का राजा कहा जाता है और इसकी मिठास का जादू हर किसी के सिर चढ़कर बोलता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आम की बंपर पैदावार और इसकी क्वालिटी के पीछे साल का एक खास महीना सबसे अहम रोल निभाता है? एक्सपर्ट्स की मानें तो जनवरी का महीना आम की खेती के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होता है. 

इसी समय आम के पेड़ों पर बौर (मंजर) आने की शुरुआत होती है और यही वो वक्त है जब किसानों को सबसे ज्यादा एक्टिव रहने की जरूरत होती है. अगर इस महीने में सही मैनेजमेंट और देखभाल न की जाए. तो पूरी फसल बर्बाद हो सकती है. इसलिए मॉडर्न फार्मिंग में जनवरी को आम की तकदीर लिखने वाला महीना माना जाता है. तो साथ ही जान लीजिए आम खाने के लिए कौनसा महीना है बेस्ट.

खेती के लिए जनवरी सबसे अहम

जनवरी का महीना आम के बागानों के लिए सबसे क्रुशियल पीरियड होता है. क्योंकि इसी दौरान पेड़ों पर फूलों के गुच्छे यानी बौर निकलने लगते हैं. इस समय मौसम में बदलाव और ओस की वजह से फसल पर कीटों और बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है. किसानों को इस महीने में पेड़ों की बारीकी से मॉनिटरिंग करनी चाहिए ताकि किसी भी इन्फेक्शन को शुरुआत में ही रोका जा सके.  

  • जनवरी में ही बौर आने की प्रोसेस शुरू होती है जो आगे चलकर फलों में बदलती है. 
  • इस समय बाग में हल्की सिंचाई और साफ-सफाई रखना बहुत जरूरी होता है ताकि नमी का लेवल मेंटेन रहे.  

अगर किसान इस महीने में लापरवाही बरतते हैं. तो बौर झड़ने की समस्या हो सकती है जिससे सीधे तौर पर पैदावार कम हो जाती है.  

यह भी पढ़ें: गर्मी में नहीं घटेगा गाय-भैंसों का दूध, इस तरीके से खिलाया चारा तो होगा बंपर फायदा

उगाते समय इन बातों का रखें ध्यान

आम की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान कीट और फंगस पहुंचाते हैं, जो खासकर जनवरी के मौसम में एक्टिव होते हैं. इस समय भुनगा(Mango Hopper) जैसे कीट बौर का रस चूस लेते हैं, जिससे फूल सूखकर गिर जाते हैं. इसके अलावा 'पाउडरी मिल्ड्यू' जैसी बीमारी भी इसी दौरान अटैक करती है. जो बौर पर सफेद पाउडर की तरह फैल जाती है.  

  • इन समस्याओं से बचने के लिए वैज्ञानिकों की ओर से बताए गए कीटनाशकों और फंगीसाइड्स का सही टाइम पर स्प्रे करना जरूरी है. 
  • स्प्रे करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मधुमक्खियों को नुकसान न पहुंचे, क्योंकि वे पॉलिनेशन में मदद करती हैं.  

सही समय पर उठाए गए ये कदम न केवल फसल को बचाते हैं. बल्कि आम के साइज और मिठास को भी बेहतर बनाने में मदद करते हैं.  

आम खाने का सबसे बेस्ट समय

आम की खेती के लिए भले ही जनवरी सबसे अहम हो. लेकिन खाने वालों के लिए मई और जून के महीने सबसे बेस्ट होते हैं. इस समय गर्मी अपने पीक पर होती है और लू की तपिश से आम कुदरती तौर पर पेड़ पर ही पककर पूरी तरह मीठे हो जाते हैं. इस मौसम में मिलने वाले आमों में रस और गूदे का सही बैलेंस होता है. जो उन्हें स्वाद में बेमिसाल बनाता है.

  • मई के अंत और जून की शुरुआत में दशहरी, लंगड़ा और चौसा जैसी पॉपुलर वैरायटी मार्केट में अपनी पूरी मिठास के साथ आती हैं.
  • पेड़ पर पके हुए आमों की खुशबू और फ्लेवर इस समय सबसे शानदार होता है, जो इन्हें खाने के लिए परफेक्ट बनाता है.

जून का महीना खत्म होते-होते आमों का सीजन अपने अंतिम पड़ाव पर होता है. इसलिए असली स्वाद के लिए इसी टाइम विंडो को सबसे बेहतर माना जाता है.

यह भी पढ़ें: एक दिन में कितना दूध देती है बकरी के साइज वाली गाय, कितने रुपये लीटर होती है इसकी कीमत?

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

प्रचंड गर्मी में गाय-भैंस को नहीं पिला रहे हैं पर्याप्त पानी, दूध उत्पादन पर होगा असर
प्रचंड गर्मी में गाय-भैंस को नहीं पिला रहे हैं पर्याप्त पानी, दूध उत्पादन पर होगा असर
एक पेड़ से 1000 लौकी, कटिंग की इस टेक्निक को जान लेंगे तो मुनाफा ही मुनाफा
एक पेड़ से 1000 लौकी, कटिंग की इस टेक्निक को जान लेंगे तो मुनाफा ही मुनाफा
एक खेत फसलें अनेक... ऐसे करेंगे खेती तो डबल नहीं मल्टीपल हो जाएगी कमाई
एक खेत फसलें अनेक... ऐसे करेंगे खेती तो डबल नहीं मल्टीपल हो जाएगी कमाई
गेहूं स्टोर करने से पहले इस तरह नमी चेक करें किसान, नहीं होगा नुकसान
गेहूं स्टोर करने से पहले इस तरह नमी चेक करें किसान, नहीं होगा नुकसान
Advertisement

वीडियोज

Bengal Election Result 2026: बंगाल में किसकी सरकार? बता रहा सट्टा बाजार! | Betting Market
Delhi Vivek Vihar Fire: सावधान! AC बन सकता है 'Time Bomb', दिल्ली में एक झटके में ली 9 जान!
Delhi Vivek Vihar Fire: AC बना मौत का कारण! इस्तेमाल करते है तो ध्यान दें! | Delhi News | Tragedy
Delhi Vivek Vihar Fire: फायर एग्जिट था या नहीं? विवेक विहार में 9 मौतों का दर्द! | Delhi News
West Bengal Repolling Breaking: बंगाल में Voting के बाद बड़ा कांड! | CRPF | BJP Vs TMC | Mamata
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Kangra News: हिमाचल के कांगड़ा में हादसा, 40 सवारियों से भरी बस पलटी, ड्राइवर को आया था हार्ट अटैक!
हिमाचल के कांगड़ा में हादसा, 40 सवारियों से भरी बस पलटी, ड्राइवर को आया था हार्ट अटैक!
मुंबई सट्टा बाजार की भविष्यवाणी ने बढ़ाई धुकधुकी! तमिलनाडु में DMK, असम में BJP की वापसी, बंगाल में क्या है ट्रेंड?
मुंबई सट्टा बाजार की भविष्यवाणी ने बढ़ाई धुकधुकी! तमिलनाडु में DMK, असम में BJP की वापसी, बंगाल में क्या है ट्रेंड?
राजस्थान रॉयल्स टीम के नए मालिक, इस परिवार के पास 75% हिस्सेदारी; जानें कितनी है कुल कीमत
राजस्थान रॉयल्स टीम के नए मालिक, इस परिवार के पास 75% हिस्सेदारी; जानें कितनी है कुल कीमत
'युद्ध खत्म करो, प्रतिबंध हटाओ और मुआवजा दो', ईरान ने अमेरिका को भेजा नया प्रस्ताव, ट्रंप के सामने क्या रखीं शर्तें?
'युद्ध खत्म करो, प्रतिबंध हटाओ और मुआवजा दो', ईरान ने अमेरिका को भेजा नया प्रस्ताव, क्या रखीं शर्तें?
'टॉक्सिक' में इंटीमेट सीन देख बदला कियारा आडवाणी का मन? मेकर्स से की कम करने की मांग
'टॉक्सिक' में इंटीमेट सीन देख बदला कियारा आडवाणी का मन? मेकर्स से की कम करने की मांग
अमेरिका ने ईरानी तेल खरीद पर चीन की 5 कंपनियों के खिलाफ लगाया बैन, ड्रैगन ने पहली बार उठाया ये कदम
अमेरिका ने ईरानी तेल खरीद पर चीन की 5 कंपनियों के खिलाफ लगाया बैन, ड्रैगन ने पहली बार उठाया ये कदम
कमरा होगा सुपरकूल और बिल भी आएगा कम, AC खरीदते वक्त टन का इसलिए हमेशा रखें ख्याल
कमरा होगा सुपरकूल और बिल भी आएगा कम, AC खरीदते वक्त टन का इसलिए हमेशा रखें ख्याल
Mango Varieties: नूरजहां, लक्ष्मणभोग से लेकर फजली तक... आम की कितनी वैरायटी के बारे में जानते हैं आप?
नूरजहां, लक्ष्मणभोग से लेकर फजली तक... आम की कितनी वैरायटी के बारे में जानते हैं आप?
Embed widget