कमरा होगा सुपरकूल और बिल भी आएगा कम, AC खरीदते वक्त टन का इसलिए हमेशा रखें ख्याल
AC Buying Guide: एसी की कूलिंग को BTU में मापा जाता है. 1 टन का एसी प्रति घंटे कमरे से 12000 BTU गर्मी बाहर निकालता है. 1 टन वाले एसी की कूलिंग पावर लगभग 3.5 किलोवाट के बराबर होती है.

- एसी का टन कूलिंग क्षमता (BTU) बताता है.
AC Tonnage Guide: गर्मी के इस मौसम में जैसे-जैसे पारा चढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे एयर कंडीशनर (Air Conditoner) की डिमांड बढ़ती जा रही है. एयर कंडीशनर खरीदते वक्त हम हमेशा ब्रांड और कीमत पर ज्यादा फोकस करते हैं. हालांकि, यह काफी नहीं है. कमरे के साइज के हिसाब से सही टनेज वाला एसी चुनना भी बहुत जरूरी है.
अगर आप कम टनेज वाला एयर कंडीशनर चुनते हैं, तो वह आपके कमरे को ठीक से ठंडा नहीं कर पाएगा. वहीं, अगर आप ज्यादा टनेज वाला एयर कंडीशनर चुनते हैं, तो आपको बिजली का बिल ज्यादा देना पड़ सकता है. एयर कंडीशनर का टनेज आपको अपने कमरे के लिए एक सही एयर कंडीशनर चुनने में मदद करता है ताकि गर्मियों में कमरे की कूलिंग सही से हो सके.
एसी में टन का क्या होता है मतलब?
AC के 'टन' (Tonnage) का मतलब है, एयर कंडीशनर की ठंडा करने की क्षमता. एसी की कूलिंग को BTU (British Thermal Unit) में मापा जाता है. 1 टन का एसी प्रति घंटे कमरे से 12000 BTU गर्मी बाहर निकालता है. 1 टन वाले एसी की कूलिंग पावर लगभग 3.5 किलोवाट (3517 वॉट) कूलिंग पावर के बराबर होती है.
अगर आपका कमरा बड़ा है और एसी कम टन का है, तो लगातार चलने के बावजूद वह कमरे को ज्यादा ठंड नहीं कर पाएगा और बिल ज्यादा बैठेगा. वहीं, अगर कमरा छोटा हे और एसी ज्यादा टन का है, तो कमरा बहुत जल्दी ठंड तो हो जाएगा, लेकिन बार-बार ऑन-ऑफ होता रहेगा. इससे कमरे में Humidity बढ़ जाएगी.
कमरे के साइज के हिसाब से AC टनेज गाइड
| रूम साइज (Sq. Ft.) | कितने टन का लगेगा AC? |
| 100 से 120 स्क्वॉयर फीट तक | 1 टन |
| 121 से 180 स्क्वॉयर फीट तक | 1.5 टन |
| 181 से 250 स्क्वॉयर फीट तक | 2 टन |
| 250 से 400 स्क्वॉयर फीट तक | 2.5 टन |
इन बातों का भी रखें ध्यान
कमरे की साइज के अलावा कुछ और भी फैक्टर्स हैं, जिनका ध्यान हमेशा रखना चाहिए. किस फ्लोर पर आपका कमरा है, अगर आपका कमरा टॉप फ्लोर पर है और छत पर सीधी धूप पड़ती है, तो आपको 0.5 टन की कैपेसिटी बढ़ाते हुए एसी खरीदना चाहिए. जैसे कि 120 स्क्वॉयर फीट वाले कमरे के लिए 1 टन की जगह 1.5 टन का एसी लें.
इसके अलावा, अगर कमरे में खिड़कियां ज्यादा हैं, तो 1.5 टन का ही एसी चुनें ताकि कूलिंग सही से हो. कमरे में इन्सुलेशन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का भी ध्यान रखें, जिनसे ज्यादा गर्मी पैदा होती है.
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Source: IOCL























