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खरीफ सीजन में क्या बोएं किसान? धान-मक्का या सोयाबीन, कौन सी फसल देगी सबसे ज्यादा मुनाफा

Farming Tips: खरीफ सीजन में धान, मक्का और सोयाबीन में से सही फसल चुनना किसानों के मुनाफे को तय करता है. इसलिए सब बातें समझकर की गई खेती अच्छा रिटर्न देती है.

Farming Tips:  देश में मानसून की दस्तक हो चुकी है. ऐसे में अब किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बार खरीफ सीजन में किस फसल पर दांव लगाया जाए. धान, मक्का और सोयाबीन इस सीजन की तीन सबसे बड़ी और प्रमुख फसलें हैं. लेकिन इन सबमें से ज्यादा मुनाफा कौन सी देगी यह पता करना भी जरूरी हो जाता है. आपको पता दें कौनसी फसल ज्यादा मुनाफा देगी यह पूरी तरह आपकी जमीन, पानी की उपलब्धता और मार्केट डिमांड पर डिपेंड करता है. 

कई बार किसान बिना सोचे-समझे पारंपरिक तरीके से बुवाई कर देते हैं और बाद में लागत भी नहीं निकाल पाते. इसलिए पहले से ही जानकारी हासिल कर लेना जरूरी है. चलिए आपको समझाते हैं कि इन तीनों फसलों में से इस सीजन में आपके लिए कौन सा ऑप्शन सबसे ज्यादा मुनाफेवाला साबित होने वाला है.

पानी की पूरी व्यवस्था है तो धान बढ़िया

अगर आपके पास सिंचाई के पक्के साधन हैं या फिर आपके इलाके में भारी बारिश होती है. तो धान हमेशा की तरह एक शानदार ऑप्शन है. मार्केट में बासमती से लेकर नॉर्मल वैरायटी तक की डिमांड हमेशा हाई रहती है.

सरकार की तरफ से मिलने वाली एमएसपी भी किसानों को एक सिक्योर रिटर्न की गारंटी देती है. हालांकि धान की खेती में लेबर का खर्चा और पानी की खपत बाकी फसलों के मुकाबले काफी ज्यादा होती है. इसलिए जिन किसानों के पास पानी की कमी है. उन्हें इसके रिस्क से बचना चाहिए.

कम पानी और कम लागत में मक्का बेस्ट

जो किसान पानी की कमी से जूझ रहे हैं या कम लागत में एक अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं. उनके लिए मक्का इस सीजन मुनाफे का पक्का ऑप्शन है. मक्के की सबसे अच्छी बात यह है कि यह बहुत ही कम समय में तैयार हो जाती है और इसे धान के मुकाबले बेहद कम पानी की जरूरत होती है. 

आजकल पोल्ट्री फीड, स्टार्च इंडस्ट्री और इथेनॉल बनाने में मक्के की डिमांड मार्केट में आसमान छू रही है. जिसकी वजह से ओपन मार्केट में भी इसके रेट बहुत अच्छे मिल रहे हैं. अगर आप कम रिस्क के साथ अच्छी कमाई चाहते हैं तो मक्के की खेती आपके लिए बढ़िया है.

यह भी पढ़ें: सौंफ की खेती कैसे कर सकते हैं किसान, सरकार दे रही ट्रेनिंग

सोयाबीन में कितना मुनाफा?

नकदी फसल के रूप में सोयाबीन पिछले कुछ सालों में किसानों की पहली पसंद बनकर उभरी है. तेल मिलों और मार्केट में इसकी बढ़ती डिमांड की वजह से व्यापारियों के बीच सोयाबीन को लेकर हमेशा होड़ मची रहती है. जिससे किसानों को इसके दाम सही मिल जाते हैं. 

दलहनी और तिलहनी फसल होने के चलते यह खेत की मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को भी बढ़ाती है जिससे अगली फसल की लागत अपने आप कम हो जाती है. इसलिए अगर आपके खेत में पानी निकलने की अच्छी व्यवस्था है. तो सोयाबीन आपको इस सीजन में मोटा मुनाफा कमा कर दे सकती है.

तीनों में से सबसे ज्यादा फायदा किसमें?

अब सवाल आता है कि धान, मक्का और सोयाबीन में से सबसे ज्यादा मुनाफा कौन सी फसल देगी. तो धान इस मामले में आज भी काफी आगे है. क्योंकि इसकी एमएसपी और मार्केट वैल्यू हमेशा फिक्स रहती है.

लेकिन अगर आप कम लागत में ज्यादा रिटर्न चाहते हैं. तो मक्का और सोयाबीन इस मामले में धान को पीछे छोड़ देते हैं. खासकर सोयाबीन अपनी भारी इंडस्ट्रियल डिमांड की वजह से बहुत ही कम समय में किसानों को तगड़ा प्रॉफिट दे सकती है.

यह भी पढ़ें: दुनिया में कहां पैदा होती है सबसे ज्यादा लाल मिर्च, भारत में कितनी है इसकी पैदावार?

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

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