लालू यादव को 'सुप्रीम' राहत, चारा घोटाला मामले में SC ने जमानत रद्द करने से किया इनकार
बिहार के पूर्व CM लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने जमानत रद्द करने से इनकार करते हुए हाई कोर्ट से कहा कि वो लंबित अपीलों पर सुनवाई में तेजी लाएं.

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. देश की सर्वोच्च अदालत ने उनकी जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया है. इसके अलावा झारखंड हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत पर रोक लगाने की CBI की मांग भी स्वीकार नहीं की है.
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, CBI ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें लालू यादव को देवघर चारा घोटाला मामले में जमानत दी गई थी. जांच एजेंसी ने उनकी जमानत रद्द करने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव की जमानत रद्द करने से इनकार करते हुए हाई कोर्ट से कहा है कि वो लंबित अपीलों पर सुनवाई में तेजी लाएं और कोशिश करें कि यह सुनवाई 6 महीने के भीतर पूरी हो जाए.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर संभव हो तो छह महीने के भीतर ही अपील का निपटारा कर लिया जाए. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया कि मामले में उठाए गए कानूनी सवालों को फिलहाल खुला रखा गया है, जिसका मतलब है भविष्य में सुनवाई के दौरान इन बिंदुओं पर विस्तार से विचार किया जा सकेगा.
क्या है चारा घोटाला
ये अविभाजित बिहार के पशुपालन विभाग में सरकारी खजाने से जाली दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा मामला है और इसे देश के सबसे बड़े भ्रष्टाचार के मामलों में गिना जाता है. बता दें कि इस घोटाले का खुलासा साल 1996 में हुआ था. इसके बाद CBI ने जांच शुरू की और कई नेताओं के अलावा अधिकारियों और सप्लायरों के खिलाफ भी केस दर्ज किए गए. इसी मामले के बाद लालू प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा था.
सीबीआई का आरोप है कि मुख्यमंत्री रहते हुए लालू यादव पशुपालन विभाग से फर्जी निकासी की साजिश में शामिल थे. उन्हें चाईबासा, देवघर, दुमका और डोरंडा कोषागार से जुड़े कई मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है.
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