केसीसी योजना में अधिकतम कितना लोन ले सकते हैं किसान? जान लें लिमिट
किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC के जरिए किसानों 5 लाख रुपये तक का लोन बहुत कम ब्याज पर ले सकते हैं. सही समय पर भुगतान करने पर ब्याज में भारी छूट मिलती है. जानिए लोन की पूरी लिमिट और आवेदन का तरीका.

- नजदीकी बैंक में आधार-पैन दिखाकर आसानी से आवेदन करें.
सरकार देश के किसानों के लिए कई तरह की योजनाएं चला रही है. इनके जरिए खेती का खर्च कम करने और आमदनी बढ़ाने में मदद दी जाती है. बहुत से किसानों को बीज और खाद खरीदने से लेकर सिंचाई और मजदूरी का खर्च निकालने में परेशानी होती है. फसल बिकने से पहले पैसों की जरूरत पड़ती है. ऐसे में किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा काम आती है. इसे केसीसी कहते हैं. इसके जरिए किसान खेती की जरूरतों के लिए बैंक से कर्ज ले सकते हैं.
केसीसी का मकसद किसानों को समय पर पैसा उपलब्ध कराना है जिससे जरूरी काम पैसों की कमी से न रुकें. इसमें फसल की खेती के साथ पशुपालन और मत्स्यपालन से जुड़े खर्चों के लिए भी कर्ज की सुविधा मिलती है. लेकिन इसमें कितनी रकम मिलती है बहुत से किसानों को इस बारे में पूरी जानकारी नहीं होती है. चलिए आपको बताते हैं इस बारे में पूरी जानकारी.
कितना मिल सकता है लोन?
किसानों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि वे केसीसी कार्ड के जरिए बैंक से अधिकतम कितना उधार ले सकते हैं. नियम के मुताबिक किसान इस योजना के तहत बिना किसी गारंटी के 2 लाख रुपये तक नगद ले सकते हैं. इस योजना में कम ब्याज दर 5 लाख रुपये तक का लोन बहुत आसानी से मिल सकता है. सरकार और बैंक किसानों को खेती के छोटे-मोटे खर्चों जैसे बीज, खाद, कीटनाशक और कटाई के लिए यह रकम मुहैया कराते हैं.
अगर किसी किसान को इससे भी ज्यादा पैसों की जरूरत है और उसके पास जमीन या अन्य संपत्ति की अच्छी खासी वैल्यू है. तो वह बैंक के नियमों के अनुसार बड़ी रकम का लोन भी ले सकता है. हालांकि बिना किसी भागदौड़ के मिलने वाला 5 लाख रुपये तक का यह लोन देश के आम और छोटे किसानों के लिए सबसे बड़ा मददगार साबित होता है जिससे वे अपनी फसल को समय पर तैयार कर पाते हैं.

ब्याज दरों में छूट और यह फायदे
केसीसी योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि किसानों को इस पर बहुत कम ब्याज चुकाना पड़ता है. बैंक आमतौर पर इस लोन पर 7 प्रतिशत की सालाना ब्याज दर वसूलते हैं. लेकिन सरकार किसानों को राहत देने के लिए इस पर ब्याज सब्सिडी यानी छूट देती है. जिससे यह महज 4 प्रतिशत सालाना पर पड़ जाता है. शर्त यह होती है कि किसान को लिया गया पैसा तय समय यानी एक साल के भीतर बैंक को वापस लौटना होता है.
अगर कोई किसान समय से पहले या फिर एक साल के भीतर पूरा भुगतान कर देता है. तो उसे सरकार की तरफ से एक्सट्रा छूट मिलती है और कई बार तो ब्याज दर जीरो के बराबर हो जाती है. टाइम पर पैसा चुकाने वाले किसानों को अगली बार बैंक से और आसानी से बड़ा लोन मिलने का रास्ता साफ हो जाता है.
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कैसे बनता है किसान क्रेडिट कार्ड?
केसीसी योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया बहुत ही आसान है. देश का कोई भी ऐसा किसान जो खेती करता है. चाहे वह खुद की जमीन पर हो या बटाई पर इस कार्ड को बनवाने के लिए योग्य माना जाता है. इसके लिए आपको अपने नजदीकी कमर्शियल बैंक, ग्रामीण बैंक या फिर कोऑपरेटिव बैंक की ब्रांच में जाना होगा.

आवेदन करते समय आपको कुछ डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी जिसमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, खेत के कागजात जैसे खसरा-खतौनी और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं. बैंक आपके इन सभी दस्तावेजों की जांच करता है और फॉर्म पूरा होने के कुछ ही दिनों के भीतर आपका किसान क्रेडिट कार्ड जारी कर देता है. इस कार्ड के हाथ में आते ही आप जब चाहें तब बैंक से अपनी जरूरत के हिसाब से पैसे निकाल सकते हैं.
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