India vs Pakistan: भारत या पाकिस्तान में कौन अपने किसानों पर ज्यादा खर्च करता है पैसा, कहां का किसान ज्यादा अमीर?
India vs Pakistan: भारत और पाकिस्तान दोनों कृषि प्रधान देश हैं, लेकिन सरकारी खर्च, सब्सिडी और किसान सहायता योजनाओं के मामले में भारत का निवेश पाकिस्तान से अधिक माना जाता है

India vs Pakistan: भारत और पाकिस्तान दोनों ही कृषि प्रधान देश माने जाते हैं. दोनों देशों की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर करती हैं. किसान खुश रहेगा , तभी देश आगे बढ़ेगा यह कहावत तो काफी सुना होगा, लेकिन जब बात किसानों पर सरकारी खर्च, सब्सिडी और उनकी आर्थिक स्थिति की आती है, तो तस्वीर काफी अलग नजर आती है. क्योंकि पिछले कुछ समय से पाकिस्तान के साथ झड़प के बाद दोनों देशों के बीच पानी लेकर घमासान जबानी जंग जारी है, खास तौर पर जब से सिंध नदीं का पीनी रोका गया है. जिसके बाद से पाकिसतान के दो राज्य पंजाब और सिंधके किसान पाी के लिए बेचैन है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किस देश की सरकार अपने किसानों पर ज्यादा पैसा खर्च करती है और किस देश के किसान की आर्थिक स्थिति बेहतर मानी जाती है? क्या आपने कभी सोचा किकहां का किसान ज्यादा अमीर है?
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भारत में किसानों पर कितना खर्च करती है सरकार?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि कुल बजट ₹63,500 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो कृषि मंत्रालय के कुल बजट का लगभग 45% है, जिसका लाभ देश के 9.5 करोड़ से अधिक किसानों को ₹6,000 सालाना की नकद राशि, ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है. जून 2026 तक सरकार इस योजना के तहत ₹4.46 लाख करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर कर चुकी है. वहीं पाकिस्तान सरकार का किसानों और कृषि क्षेत्र पर खर्च मुख्य रूप से लोन योजनाओं, सीमित इनपुट सब्सिडी और IMF पर आधारित है. सरकार ने छोटे किसानों को राहत देने के लिए लगभग ₹10,425 करोड़ (पाकिस्तानी आवंटन भारतीय मुद्रा मूल्य में) की ब्याज मुक्त लोन योजना शुरू की है.
कहां का किसान ज्यादा अमीर, भारत या पाकिस्तान?
किसान की समृद्धि केवल सरकारी खर्च से तय नहीं होती. खेती का आकार, फसल की कीमत, सिंचाई, बाजार तक पहुंच, तकनीक और उत्पादकता भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं. औसतन देखें तो भारत के किसानों को सरकारी योजनाओं, कृषि ऋण, एमएसपी व्यवस्था और सब्सिडी का ज्यादा लाभ मिलता है. दूसरी ओर पाकिस्तान के किसानों को आर्थिक अस्थिरता और सीमित सरकारी सहायता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए समग्र रूप से देखा जाए तो किसानों पर सरकारी खर्च और सहायता के मामले में भारत पाकिस्तान से आगे माना जाता है, लेकिन दोनों देशों के किसानों की आय क्षेत्र, फसल और जोत के आकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है.
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