भूमि आंवला की खेती से कैसे होगी कमाई? जानिए बुवाई से कटाई तक की पूरी प्रोसेस
Bhumi Amla Cultivation Tips: औषधीय फसलों की बढ़ती मांग के बीच कई किसान नए ऑप्शन तलाश रहे हैं. ऐसी ही एक फसल है भूमि आंवला जो कम समय में तैयार होती है.

Bhumi Amla Cultivation Tips: कम समय में तगड़ा मुनाफा कमाने के लिए औषधीय पौधों की खेती आजकल किसानों की पहली पसंद बनती जा रही है. इन्हीं में से एक बेहद फायदेमंद फसल है भूमि आंवला. नाम भले ही इसका आंवला हो लेकिन यह कोई पेड़ नहीं बल्कि एक छोटा सा पौधा होता है. जिसके पत्तों के नीचे छोटे-छोटे आंवले जैसे फल लगते हैं. लिवर की बीमारियों और पीलिया की दवाएं बनाने में इसका बहुत बड़ा इस्तेमाल होता है.
जिसकी वजह से आयुर्वेदिक फार्मा कंपनियों में इसकी डिमांड हमेशा बनी रहती है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी फसल सिर्फ 3 से 4 महीने में पककर तैयार हो जाती है और इसमें लागत भी नाममात्र की आती है. चलिए आपको बताते हैं कि इसकी बुवाई से लेकर कटाई तक का पूरा प्रोसेस क्या है और इससे कमाई कैसे होती है.
इस तरीके से करें बुवाई
भूमि आंवला की खेती के लिए गर्म और हल्की नमी वाला मौसम सबसे बेस्ट माना जाता है. इसलिए जून-जुलाई का महीना इसकी बुवाई के लिए एकदम सही रहता है. इसके बीजों की सीधी बुवाई करने के बजाय पहले नर्सरी में पौध तैयार की जाती है. जब पौधे 10 से 15 सेंटीमीटर लंबे हो जाएं तो उन्हें खेत में 30-30 सेंटीमीटर की दूरी पर रोप दिया जाता है.
ऐसे करें देखभाल
इसे बहुत ज्यादा पानी की ज़रूरत नहीं होती; मानसून की बारिश में ही यह फसल आराम से लहलहा उठती है. बस शुरुआती दिनों में खेत से खरपतवार निकालते रहें. इसमें बीमारियां और कीड़े बहुत कम लगते हैं. जिससे कीटनाशकों का फालतू खर्च पूरी तरह बच जाता है.
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कटाई का समय
बुवाई के लगभग 90 से 100 दिनों बाद जब पौधे में फल और पत्तियां पूरी तरह आ जाएं. तो ज़मीन के पास से पूरे पौधे की कटाई कर ली जाती है. इसके बाद पौधों को छाया में अच्छी तरह सुखाया जाता है, क्योंकि आयुर्वेद में इसके पत्ते, तना और जड़ यानी पूरा पंचांग ही बिकता है. 1 एकड़ खेत से लगभग 10 से 12 क्विंटल सूखा भूमि आंवला आसानी से मिल जाता है.
इतनी हो सकती है कमाई
बाज़ार या आयुर्वेदिक कंपनियों में इसका सूखा पौधा 40 से 60 रुपये प्रति किलो के भाव बिकता है. इस हिसाब से 1 एकड़ से 40000 रुपये से 60000 रुपये की कमाई आराम से हो जाती है. लागत मुश्किल से 8000 रुपये से 10000 रुपये आती है. यानी महज 3 महीने में किसान 40000 रुपये तक का मुनाफा बना सकते हैं.
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