केले में लगाएं काली मिर्च और कर दें दफन, फिर देखिए जादू
Black Pepper With Banana Farming Trick: घर में काली मिर्च उगाने के लिए केले वाला तरीका नहीं जानते होंगे आप. जानें किस तरह इस तरीके से बीजों तेजी से अंकुरित होते है.

Black Pepper With Banana Farming Trick: घर की छत पर गमले में काली मिर्च उगाने का मन है तो इसके लिए बहुत तामझाम करने की जरूरत नहीं है. किचन में रखा एक पका केला और थोड़ी सी काली मिर्च आपके काम आ सकती है. सुनने में तरीका थोड़ा अजीब जरूर लगता है. लेकिन इसे आजमाना काफी आसान है. केले के अंदर काली मिर्च के साबुत दाने दबाकर उन्हें मिट्टी में गाड़ दिया जाता है. इसके साथ एलोवेरा जेल का इस्तेमाल भी किया जाता है.
माना जाता है कि केले की नमी और जैविक पोषक तत्व बीज के आसपास सही माहौल बनाने में मदद करते हैं. लेकिन यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि बाजार में मिलने वाली हर काली मिर्च अंकुरित नहीं होती. बहुत ज्यादा प्रोसेस की गई या पुरानी काली मिर्च से पौधा निकलना मुश्किल हो सकता है. इसलिए ताजे और अच्छी क्वालिटी वाले साबुत दानों का इस्तेमाल करें जानें पूरी खबर.
पहले केले में काली मिर्च को ऐसे करें सेट
सबसे पहले एक अच्छी तरह पका हुआ केला लें. केला बहुत ज्यादा सड़ा हुआ नहीं होना चाहिए. अब इसके बीच में चाकू की मदद से छोटा सा चीरा लगाएं. इसी जगह पर काली मिर्च के कुछ साबुत दाने अंदर दबा दें. दानों को केले के अंदर अच्छी तरह सेट कर दें जिससे वे बाहर न निकलें. इसके बाद एलोवेरा की पत्ती से थोड़ा ताजा जेल निकालकर दानों के ऊपर लगा सकते हैं.
अब बारी आती है इसे गमले में लगाने की. इसके लिए ऐसा गमला लें जिसके नीचे पानी बाहर निकलने के लिए छेद हों. गमले में भुरभुरी मिट्टी भरें और बीच में छोटा सा गड्ढा बना लें. केले को उस गड्ढे में रखकर ऊपर से हल्की मिट्टी डाल दें. ध्यान रखें कि इसे बहुत ज्यादा गहराई में न दबाएं. लगाने के बाद थोड़ा पानी दें जिससे कि मिट्टी में नमी बनी रहे. मिट्टी को इतना भी गीला न करें कि पानी जमा होने लगे.

मिट्टी ऐसी होगी तो पौधा जल्दी संभलेगा
काली मिर्च के लिए मिट्टी का सही होना काफी जरूरी है. ऐसी मिट्टी चुनें जो भुरभुरी हो और जिसमें पानी आसानी से निकल जाए. गमले की सामान्य मिट्टी में कोकोपीट और अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिला सकते हैं. इससे मिट्टी ज्यादा भारी नहीं होगी और जड़ों को फैलने के लिए बेहतर जगह मिलेगी.गमले को रखने की जगह भी सोच समझकर चुनें. काली मिर्च तेज और कड़क धूप वाला पौधा नहीं है.
इसे सुबह की हल्की धूप अच्छी लगती है. शुरुआत में गमले को ऐसी जगह रखें जहां तेज दोपहर की धूप सीधे न पड़े. मिट्टी की ऊपरी परत सूखी लगे तो पानी दें. हर दिन जरूरत से ज्यादा पानी डालने की गलती न करें. ज्यादा नमी से बीज और बाद में जड़ें खराब हो सकती हैं.केले के अंदर मौजूद जैविक पदार्थ समय के साथ मिट्टी में मिल जाता है. यही वजह है कि इस तरीके में केले को बीज के साथ मिट्टी में दबाया जाता है.

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अंकुर निकल आए तो सहारा देना न भूलें
अगर कुछ समय बाद मिट्टी से काली मिर्च का छोटा पौधा निकलता है तो काम यहीं खत्म नहीं होता. काली मिर्च सामान्य पौधों की तरह सीधी खड़ी होकर बढ़ने के बजाय बेल के रूप में फैलती है. इसलिए जैसे ही पौधा थोड़ा बड़ा होने लगे, उसके पास लकड़ी की छड़ी या फिर जाली का सहारा लगा दें. इससे बेल को ऊपर चढ़ने में मदद मिलेगी.पौधे की मिट्टी को हल्की नम रखें लेकिन पानी जमा न होने दें. समय समय पर जैविक खाद की थोड़ी मात्रा दी जा सकती है.
पौधा बढ़ने लगे तो उसकी बेल को सहारे के साथ धीरे से बांध सकते हैं. कीड़ों से बचाने के लिए जरूरत के हिसाब से नीम तेल का इस्तेमाल भी किया जा सकता है.सबसे जरूरी बात यह है कि बीज से काली मिर्च का पौधा तैयार होने और उसमें फल आने में समय लग सकता है. इसलिए केले में दाने दबाने के बाद कुछ ही दिनों में काली मिर्च मिलने की उम्मीद न रखें.
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