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15 अगस्त के बाद किसानों के लिए कौन-सी योजनाएं आएंगी? जानें हर अपडेट

Schemes For Farmers:15 अगस्त के बाद देश के किसानों के लिए सरकारी योजनाओं को लेकर कई बड़े बदलाव और अपडेट्स आने वाले हैं. पीएम किसान, फसल बीमा और सब्सिडी से जुड़े नियमों के बारे में जान लें.

Schemes For Farmers: अगस्त और सितंबर का समय किसानों के लिए सरकारी योजनाओं के लिहाज से काफी अहम रहने वाला है. इस दौरान पीएम किसान की अगली किस्त, खरीफ फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड और अलग-अलग सब्सिडी स्कीम से जुड़े कामों पर नजर रखना जरूरी है. आपको बता दें यह सभी योजनाएं अलग हैं इनके नियम भी अलग-अलग हैं.

इसलिए सरकार की गाइडलाइन भी सभी योजनाओं के लिए अलग -अलग है. कुछ योजनाओं का क्रियान्वयन सीधे केन्द्र सरकार की ओर से किया जाता है. तो वहीं कुछ योजनाओं के नियम, पात्रताएं राज्य सरकारें तय करती हैं. चलिए आपको बताते हैं इन योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी, पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया.

आने वाली है पीएम किसान योजना की अगली किस्त 

पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को साल में 6000 रुपये दिए जाते हैं. यह रकम तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में पहुंचती है. 23वीं किस्त 20 जून को जारी हो चुकी है इसलिए अब किसानों की नजर अगली किस्त पर है. जो कि अगस्त से नवंबर के बीच कभी भी आ सकती है. 24वीं किस्त किस महीने आएगी इस बात की जानकारी आधिकारिक तौर पर आने पर ही तारीख का पता चलेगा. 

जिन किसानों का ई-केवाईसी पूरा नहीं है उन्हें इसे जल्द अपडेट कर लेना चाहिए. जमीन का रिकॉर्ड, आधार और बैंक खाते की जानकारी में गड़बड़ी होने पर भी पेमेंट अटक सकता है. सरकार की वेबसाइट पर किसान अपना स्टेटस और लाभार्थी लिस्ट चेक कर सकते हैं. अगर किसी किसान का नाम संदिग्ध मामलों की वजह से रोका गया है तो उसे पहले अपनी जानकारी और पात्रता की जांच करनी चाहिए.


15 अगस्त के बाद किसानों के लिए कौन-सी योजनाएं आएंगी? जानें हर अपडेट

फसल बीमा और KCC के अलावा सब्सिडी स्कीम

अगस्त में खरीफ फसलों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर भी किसानों की नजर रहती है. इसमें बाढ़, सूखा, कीट और बीमारी जैसी वजहों से फसल को हुए नुकसान से आर्थिक सुरक्षा मिल सकती है. 2026 के लिए PMFBY पोर्टल पर खरीफ सीजन की अधिसूचनाएं उपलब्ध हैं. लेकिन आवेदन की आखिरी तारीख फसल और राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है. इसलिए किसान अपने राज्य की नोटिफिकेशन जरूर देखें.

किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC भी खेती के खर्च के लिए काफी काम का ऑप्शन है. इसके जरिए बीज, खाद, कीटनाशक और दूसरी कृषि जरूरतों के लिए बैंक से कर्ज की सुविधा मिलती है. मौजूदा व्यवस्था में पात्र किसानों को ब्याज में राहत और समय पर भुगतान करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलता है. इसके अलावा किसानों को अलग-अलग योजनाओं के तहत सब्सिडी मिल रही है जिनमें मशीनों से लेकर फसल उगाने तक के लिए सब्सिडी मिल रही है.

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इन योजनाओं में कौन किसान ले सकता है फायदा?

अगस्त और सितंबर में किसी योजना का फायदा लेने से पहले किसान को उसकी पात्रता जरूर देख लेनी चाहिए. पीएम किसान योजना का लाभ ऐसे किसान परिवारों को मिलता है जिनके नाम खेती की जमीन दर्ज है. पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों को एक किसान परिवार माना जाता है. हालांकि सरकारी कर्मचारी, 10000 रुपये या उससे ज्यादा मासिक पेंशन लेने वाले कुछ रिटायर्ड कर्मचारी, इनकम टैक्स भरने वाले और डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, सीए जैसे कुछ प्रोफेशनल्स इसके दायरे से बाहर हैं. ई-केवाईसी भी जरूरी है.

पीएम फसल बीमा योजना में शामिल इलाके में शामिल फसल उगाने वाले किसान पात्र हो सकते हैं, बशर्ते किसान की फसल उस सीजन और इलाके के लिए योजना में शामिल होनी चाहिए. KCC या फसल लोन वाले किसानों के लिए भी योजना के नियम लागू होते हैं. जबकि दूसरे पात्र किसान स्वेच्छा से बीमा करा सकते हैं. फसल और आवेदन की तारीख राज्य के नोटिफिकेशन के हिसाब से देखना जरूरी है.

वहीं किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC खेती से जुड़े खर्चों के लिए कर्ज की सुविधा देता है. किसान बैंक में अपनी खेती और जमीन से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आवेदन कर सकता है. KCC के तहत फसल उत्पादन के साथ कृषि से जुड़ी दूसरी जरूरतों के लिए भी क्रेडिट सुविधा मिल सकती है. आवेदन से पहले अपने बैंक या संबंधित कृषि विभाग से मौजूदा नियम और लिमिट की जानकारी लेना बेहतर रहेगा. पीएम किसान पोर्टल पर भी KCC फॉर्म उपलब्ध कराया गया है.


15 अगस्त के बाद किसानों के लिए कौन-सी योजनाएं आएंगी? जानें हर अपडेट

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

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