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भारी बारिश से बर्बाद नहीं होगी सब्जी की फसल, बस कर लें ये छोटा सा काम

Vegetable Farming Tips: भारी बारिश के बाद सब्जियों को सड़ने से बचाने के लिए जल निकासी जरूरी है. नालियों से पानी बाहर निकालें और मिट्टी सूखते ही गुड़ाई करें. जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है.

Vegetable Farming Tips:  बरसात के मौसम में सब्जियों की खेती करना किसी चुनौती से कम नहीं होता. अक्सर भारी बारिश के बाद खेतों में पानी जमा हो जाता है. जिससे फसल गलने लगती है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. लेकिन अगर आप बारिश रुकते ही कुछ स्मार्ट और जरूरी कदम उठा लें, तो अपनी मेहनत को बर्बाद होने से बचा सकते हैं.

बारिश का पानी जितना फसलों के लिए जरूरी है. उतना ही उसका जमाव खतरनाक भी हो सकता है. सही समय पर जल निकासी और पौधों की एक्स्ट्रा केयर ही आपकी फसल की लाइफलाइन साबित होती है. अगर आप खेती के इन छोटे-छोटे नुस्खों को अपनाते हैं. तो न केवल आपकी फसल सुरक्षित रहेगी. बल्कि पैदावार भी उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर होगी.

खेत से पानी बाहर निकालें

भारी बारिश के बाद सबसे पहला और सबसे जरूरी काम है खेत में जमा एक्स्ट्रा पानी को बाहर निकालना. अगर पानी ज्यादा देर तक जड़ों के पास जमा रहा. तो ऑक्सीजन की कमी से पौधे दम तोड़ने लगते हैं और जड़ें सड़ने लगती हैं. जैसे ही बारिश थमे, नालियों को साफ करें जिससे पानी तेजी से निकल सके.

हल्की गुड़ाई करें

इसके बाद जब मिट्टी थोड़ी सूखने लगे और चलने लायक हो जाए. तो हल्की गुड़ाई जरूर करें. गुड़ाई करने से मिट्टी के पोर्स खुल जाते हैं और पौधों की जड़ों तक ताजी हवा पहुँचती है. यह छोटी सी मेहनत पौधों को नया जीवन देती है और उन्हें मिट्टी से पोषक तत्व सोखने में मदद करती है, जिससे वे दोबारा तेजी से बढ़ने लगते हैं.

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फंगल इन्फेक्शन से बचाएं

बरसात के बाद हवा में नमी और मिट्टी में गीलापन फंगस और कीटों के लिए दावत जैसा होता है. इस समय पौधों पर डैम्पिंग ऑफ या झुलसा रोग लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. अपनी फसल को बचाने के लिए बारिश के तुरंत बाद किसी अच्छे फफूंदनाशक (Fungicide) का छिड़काव करना जरूरी.

कीटनाशकों का छिड़काव करें

इसके साथ ही पौधों की पत्तियों की जांच करें कि कहीं कोई कीट तो नहीं पनप रहा है. अगर जरूरत हो तो जैविक कीटनाशकों का इस्तेमाल करें ताकि फसल की क्वालिटी खराब न हो. याद रखें, रोगों का हमला होने से पहले ही अगर आप सुरक्षा कवच तैयार कर लेंगे, तो आपकी सब्जियाँ बाजार में सबसे ताजी और बेहतरीन दिखेंगी.

पोषक तत्व और टॉप ड्रेसिंग

लगातार होने वाली बारिश अक्सर मिट्टी के ऊपरी हिस्से से जरूरी पोषक तत्वों को बहा ले जाती है, जिससे पौधे पीले और कमजोर दिखने लगते हैं. फसल को दोबारा एनर्जी देने के लिए बारिश के बाद खाद की हल्की डोज देना बहुत फायदेमंद रहता है. इस समय आप यूरिया की टॉप ड्रेसिंग या लिक्विड फर्टिलाइजर का छिड़काव कर सकते हैं. जो सीधे पत्तियों और जड़ों के जरिए पौधों को ताकत देता है.

वहीं अगर मिट्टी ज्यादा बह गई है. तो पौधों की जड़ों पर थोड़ी सूखी मिट्टी चढ़ा दें जिससे वे सीधे खड़े रह सकें. सही पोषण मिलते ही आपकी फसल फिर से लहलहा उठेगी और आपको सीजन के अंत में तगड़ा मुनाफा देकर जाएगी.

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

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