एक्सप्लोरर

किसान भाई शुरू करें जीरो बजट फार्मिंग, नोट छापने की मशीन बन जाएगी खेती

Zero Budget Farming: जीरो बजट नेचुरल फार्मिंग अपनाकर किसान अपनी लागत को जीरो कर सकते हैं. बिना महंगे केमिकल और खाद के शुद्ध फसल उगाएं और मार्केट में ऊंचे दाम पाएं.

Zero Budget Farming:  आज के दौर में खेती को केवल मेहनत का काम समझना पुरानी बात हो गई है. अब यह एक ऐसा स्मार्ट बिजनेस बन चुका है जिसे अगर सही तरीके से किया जाए तो मात्र 1 एकड़ जमीन भी नोट छापने की मशीन साबित हो सकती है. बहुत से किसान भाई अब पारंपरिक खेती के ढर्रे को छोड़कर आधुनिक और नेचुरल फार्मिंग का रास्ता अपना रहे हैं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण तब देखने को मिला जब एक छोटे से खेत में मल्टी-लेयर फार्मिंग के जरिए एक साथ 22 तरह की फसलें उगाई गईं. 

हैरानी की बात तो यह है कि सही मार्केट टाइमिंग और ऑर्गेनिक क्वालिटी के दम पर सिर्फ एक हफ्ते में प्याज जैसी फसल बेचकर 50,000 रुपये तक की कमाई की गई. यह इस बात का सबूत है कि तकनीक और विजन के साथ की गई खेती किसी भी कॉर्पोरेट जॉब से कहीं ज्यादा मुनाफा दे सकती है.

1 एकड़ में 22 फसलों का स्मार्ट मॉडल

अगर आप अपनी 1 एकड़ जमीन से मैक्सिमम रिटर्न चाहते हैं. तो मल्टी-लेयर फार्मिंग सबसे बेस्ट तरीका है. इसमें खेत का मैनेजमेंट इस तरह किया जाता है कि एक ही समय पर अनाज, सब्जियां और फलदार पौधे साथ-साथ बढ़ सकें. इस मॉडल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि एक फसल दूसरी फसल के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है.

  • इस तकनीक में ऊंची फसलें छोटी फसलों को तेज धूप से बचाती हैं. जिससे पानी की बचत होती है.
  • अलग-अलग ऊंचाई की फसलें उगाने से जमीन के एक-एक इंच का सही इस्तेमाल सुनिश्चित होता है.

इस तरीके से खेती करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान का रिस्क जीरो हो जाता है और कमाई का फ्लो बना रहता है.

यह भी पढ़ें: मशरूम की इस खास वैरायटी ने बदली किसानों की किस्मत, एक किलो की कीमत 40 हजार रुपये

प्याज और सब्जियों से छप्परफाड़ कमाई

सब्जियों की खेती में टाइमिंग का बहुत बड़ा रोल होता है. अगर आप प्राकृतिक खाद और जीवामृत का इस्तेमाल करके फसल तैयार करते हैं, तो आपकी पैदावार की चमक और स्वाद बाजार में सबसे अलग होता है. हाल ही में देखा गया कि कैसे सही मंडी मैनेजमेंट के जरिए महज 7 दिनों के भीतर प्याज बेचकर 50,000 रुपये का मुनाफा निकाला गया.

  • नेचुरल फार्मिंग की वजह से फसलों की शेल्फ लाइफ ज्यादा होती है. जिससे व्यापारियों से बेहतर रेट मिलते हैं.
  • डिमांड वाले सीजन में शुद्ध और ऑर्गेनिक प्याज की सप्लाई सीधे प्रीमियम ग्राहकों तक की जा सकती है.

जब आप बिना केमिकल के शुद्ध फसल उगाते हैं, तो मार्केट में उसकी डिमांड खुद-ब-खुद बढ़ जाती है और मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है.

लागत कम में डबल मुनाफा 

खेती को बिजनेस बनाने का सबसे पहला नियम है लागत में कटौती करना. जब हम बाजार से महंगी खाद और कीटनाशक खरीदना बंद कर देते हैं और घर पर ही गोबर-गोमूत्र से खाद तैयार करते हैं, तो खेती की इनपुट कॉस्ट लगभग जीरो हो जाती है. इससे जो भी पैसा फसल बेचने पर मिलता है, वह सीधा किसान का शुद्ध मुनाफा होता है.

  • घर पर बना जीवामृत और नीम का तेल महंगे पेस्टिसाइड्स का खर्चा पूरी तरह खत्म कर देते हैं.
  • मिट्टी की उर्वरता बढ़ने से बार-बार जुताई और बाहरी सप्लीमेंट्स की जरूरत नहीं पड़ती.

मार्डन टेक्निक और नैचुरल खाद के मिक्सचर से आप हर हफ्ते खेत से कुछ न कुछ बेचकर मोटी नकदी कमा सकते हैं.

यह भी पढ़ें: खेती को ही बनाना है बिजनेस तो ये फसलें देंगी तगड़ा मुनाफा, किसानों के लिए है फायदे का सौदा

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा एबीपी न्यूज़ में कार्यरत हैं और फिलहाल टेक बीट संभाल रहे हैं. इससे पहले वह स्पोर्ट्ज़विकी और क्रिकएडिक्टर में सब एडिटर, इनशॉर्ट्स में हिंदी कंटेट स्पेशलिस्ट और ज़ी हिंदुस्तान और ज़ी राजस्थान में काम कर चुके हैं. पत्रकारिता के दौरान उन्होंने कई क्रिकेट मैच कवर किए हैं और क्रिकेट लाइव स्ट्रीमिंग भी होस्ट की है.

न्यूज़ और खेल के साथ नीलेश की दिलचस्पी गीत लेखन में भी है. पिछले साल उनके लिखे एक गीत को बॉलीवुड सिंगर अर्नब दत्ता की आवाज़ में रिलीज़ किया गया. पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने मुरैना के अंबाह पीजी कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से डिजिटल जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Kisan Credit Card: किसान क्रेडिट कार्ड से खेती के लिए कितना कर्ज मिल सकता है, जानें नियम
किसान क्रेडिट कार्ड से खेती के लिए कितना कर्ज मिल सकता है, जानें नियम
Purple Potato: कितना अनोखा है पर्पल आलू? पैदावार और फायदे जान चौंक जाएंगे आप
कितना अनोखा है पर्पल आलू? पैदावार और फायदे जान चौंक जाएंगे आप
Crop Irrigation: खेत में पानी देने का सही समय कब? ऐसे पहचानें किसान
खेत में पानी देने का सही समय कब? ऐसे पहचानें किसान
Beekeeping Insurance: मधुमक्खी पालकों को 6.25 लाख तक का बीमा कवर, सरकार का बड़ा ऐलान
मधुमक्खी पालकों को 6.25 लाख तक का बीमा कवर, सरकार का बड़ा ऐलान

वीडियोज

Bhopal Crime News: भोपाल के छोला इलाके में खूनी कांड!
Delhi Pollution & Weather Update: फिर वही कहानी, दमघोंटू बनी राजधानी! | Delhi NCR | AQI Today
Dhirendra Shashtri: बागेश्वर का ज्ञान कितना टेढ़ा? | ABP News
Janhit with Chitra Tripathi: यूपी में एक्टिव बीजेपी का 'OPERATION बिहार' | Yogi Vs Akhilesh | UP
UP Election 2027 BJP Plan: SIR पर नई चिंगारी अब यूपी की बारी! | CM Yogi | Amit Shah | Akhilesh Yadav

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
‘दिल्ली पुलिस क्यों प्रोटेस्ट कर रही है, क्या ये पब्लिक के लिए...’, CJP का निशाना
‘दिल्ली पुलिस क्यों प्रोटेस्ट कर रही है, क्या ये पब्लिक के लिए...’, CJP का निशाना
RLD क्या अकेले लड़ेगी 2027 का यूपी चुनाव? सभी 403 सीटों पर तैयारी शुरू
RLD क्या अकेले लड़ेगी 2027 का यूपी चुनाव? सभी 403 सीटों पर तैयारी शुरू
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में 13वीं गिरफ्तारी, करनाल से सुनेहा पंडित अरेस्ट, एक फरार
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में 13वीं गिरफ्तारी, करनाल से सुनेहा पंडित अरेस्ट, एक फरार
कितने बजे से शुरू होंगे भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के मैच? जानें सभी 5 मुकाबलों की टाइमिंग
कितने बजे से शुरू होंगे भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के मैच? जानें सभी 5 मुकाबलों की टाइमिंग
राज्यसभा में अभिषेक मनु सिंघवी तीसरे सबसे अमीर सांसद, नंबर 1 पर कौन? ADR की रिपोर्ट में खुलासा
राज्यसभा में अभिषेक मनु सिंघवी तीसरे सबसे अमीर सांसद, नंबर 1 पर कौन? ADR की रिपोर्ट में खुलासा
महिलाओं को सोशल मीडिया हमलों से बचाना मकसद, केरल सरकार लाएगी कानून
महिलाओं को सोशल मीडिया हमलों से बचाना मकसद, केरल सरकार लाएगी कानून
ITBPS DG Sanjay Singhal: कौन हैं ITBP के नए DG IPS संजय सिंघल? जिन्होंने संभाली भारत-चीन सीमा की सुरक्षा
कौन हैं ITBP के नए DG IPS संजय सिंघल? जिन्होंने संभाली भारत-चीन सीमा की सुरक्षा
वेटिकन में सदियों पुरानी परंपरा टूटी, पहली बार एक आम महिला बनीं मीडिया हेड, जानिए कौन हैं मारिया अल्वाराडो
वेटिकन में सदियों पुरानी परंपरा टूटी, पहली बार एक आम महिला बनीं मीडिया हेड, जानिए कौन हैं मारिया अल्वाराडो
Embed widget