सावन से पहले खेत में करें लौकी की खेती, कमा सकते हैं तगड़ा मुनाफा
Lauki Ki Kheti Ke Tips: लौकी की इस खास वैरायटी और अलन तकनीक को अपनाकर किसान सावन के सीजन में कम लागत में बंपर उत्पादन ले सकते हैं. इस तरीके से किसान बेहद कम समय में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

Lauki Ki Kheti Ke Tips: अगर आप इस सीजन में खेती से बंपर कमाई करने की सोच रहे हैं. तो सावन की शुरुआत से ठीक पहले लौकी की खेती आपके लिए एक लॉटरी साबित हो सकती है. आजकल मार्केट में बारह महीने लौकी की डिमांड बनी रहती है. लेकिन सावन के महीने में इसकी मांग आसमान छूने लगती है. इस मौके का फायदा उठाने के लिए किसानों को पारंपरिक तरीका छोड़कर थोड़ा स्मार्ट बनना पड़ेगा और आधुनिक तकनीकों को अपनाना होगा.
अगर आप सही समय पर उन्नत किस्मों के बीजों का चुनाव करते हैं और मचान या अलन विधि जैसी लेटेस्ट तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी लागत बेहद कम आएगी और पैदावार इतनी जबरदस्त होगी कि मुनाफा सीधा दोगुना हो जाएगा. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आप इस सीजन में लौकी की खेती करके अपनी जेबें भर सकते हैं.
इस किस्म को लगाएं
बेहतर मुनाफे के लिए सबसे जरूरी है सही किस्म का चुनाव करना और आजकल कृषि वैज्ञानिकों की तैयार की गई BRBG-65 किस्म किसानों की पहली पसंद बनी हुई है. इस वैरायटी की सबसे खास बात यह है कि इसके फल का साइज बहुत बड़ा नहीं होता.
बल्कि 32 से 35 सेंटीमीटर लंबा और वजन करीब 800 ग्राम से 1 किलो तक होता है. जिसकी डिमांड छोटे परिवारों में सबसे ज्यादा होती है. यह वैरायटी गर्मी और बरसात दोनों मौसम के लिए एकदम परफेक्ट है और इसमें बीमारियां लगने का खतरा भी न के बराबर होता है.
अलन विधि का करें इस्तेमाल
इसके साथ ही खेती के लिए पारंपरिक जमीन वाले तरीके के बजाय अलन विधि यानी मचान विधि का इस्तेमाल करें. इस तकनीक में बांस और तारों की मदद से एक ढांचा तैयार किया जाता है. जिस पर लौकी की बेलें ऊपर चढ़ती हैं. इससे फल जमीन के संपर्क में नहीं आते जिससे वे सड़ने से बच जाते हैं और उनका रंग-रूप एकदम फ्रेश और चमकदार बना रहता है.
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इस सीजन में खेती करने के बड़े फायदे
सावन के ठीक पहले लौकी लगाने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि जब तक सावन शुरू होता है आपकी फसल पूरी तरह तैयार हो जाती है और उस समय मंडियों में इसके भाव बहुत ऊंचे मिलते हैं. अलन विधि से खेती करने के कारण एक तो पौधों को पूरी धूप और हवा मिलती है, जिससे कीटों का हमला कम होता है और दूसरा फलों की क्वालिटी नंबर वन होने की वजह से व्यापारी इन्हें हाथों-हाथ अच्छे दामों पर खरीद लेते हैं.
इतना कमा सकते हैं मुनाफा
इस आधुनिक तरीके से खेती करने पर साधारण खेती के मुकाबले तीन गुना ज्यादा उत्पादन हासिल किया जा सकता है. लागत की बात करें तो मचान बनाने और अच्छे बीजों में शुरुआत में थोड़ा खर्च जरूर होता है लेकिन एक बार फसल टूटना शुरू होती है तो मात्र दो महीने के भीतर ही किसान भाई अपनी पूरी लागत निकालकर लाखों रुपए का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं.
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