आ गए नंदलाला.. देशभर में जन्माष्टमी की धूम। Janamashtami
भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर 'आ गए नंदलाला' के पावन नारों के साथ पूरा देश भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव (श्रीकृष्ण जन्माष्टमी) के भक्तिमय उल्लास में डूब गया है। देश के कोने-कोने में स्थित मंदिरों को भव्य रोशनी और अलौकिक फूलों से सजाया गया है। पावन नगरी मथुरा, वृंदावन, गोकुल, नंदगांव और द्वारका से लेकर देश के तमाम छोटे-बड़े मंदिरों में आधी रात को ठीक 12 बजे कान्हा के जन्म लेते ही "नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" के जयकारों की गूंज से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया....भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर 'आ गए नंदलाला' के पावन नारों के साथ पूरा देश भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव (श्रीकृष्ण जन्माष्टमी) के भक्तिमय उल्लास में डूब गया है। देश के कोने-कोने में स्थित मंदिरों को भव्य रोशनी और अलौकिक फूलों से सजाया गया है। पावन नगरी मथुरा, वृंदावन, गोकुल, नंदगांव और द्वारका से लेकर देश के तमाम छोटे-बड़े मंदिरों में आधी रात को ठीक 12 बजे कान्हा के जन्म लेते ही "नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" के जयकारों की गूंज से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
























