बस एक SMS से दूर होंगी ट्रेन यात्रियों की प्राॅब्लम्स, जान लें काम की बात
Train Passengers Helpline: रेल यात्रियों के लिए सुविधा को आसान बनाया गया है. अब एक SMS भेजकर जरूरी जानकारी मिल सकती है और शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं.

Train Passengers Helpline: रेल यात्रा के दौरान सबसे बड़ी परेशानी होती है सही जानकारी और तुरंत मदद मिलना. ट्रेन लेट हो, प्लेटफॉर्म बदल जाए, स्टेशन पर दिक्कत हो या सफर के बीच कोई शिकायत करनी हो. ऐसे में यात्री अक्सर उलझन में पड़ जाते हैं. इसी परेशानी को आसान बनाने के लिए रेलवे ने 139 हेल्पलाइन को और ज्यादा स्मार्ट बना दिया है. अब सिर्फ कॉल ही नहीं.
बल्कि एक नार्मल SMS भेजकर भी यात्री कई जरूरी सेवाओं का फायदा उठा सकते हैं. ट्रेन की लाइव स्थिति से लेकर पार्सल की जानकारी और शिकायत दर्ज कराने तक बहुत कुछ मोबाइल से ही हो जाएगा. खास बात यह है कि इसके लिए इंटरनेट या ऐप की जरूरत नहीं. सामान्य मोबाइल से भेजा गया एक मैसेज ही आपकी समस्या रेलवे तक पहुंचा देगा और जवाब भी दिलाएगा.
139 पर SMS भेजकर प्राॅबल्म करें साॅल्व
रेलवे के इस सिस्टम में यात्रियों के लिए कई काम की सुविधाएं जोड़ी गई हैं. अगर ट्रेन कहां पहुंची है यह जानना हो तो सिर्फ SMS भेजना होगा और कुछ सेकंड में रिप्लाई आ जाएगा. इसी तरह किसी खास तारीख पर ट्रेन का स्टेटस, किस स्टेशन पर कितनी देर रुकेगी या रूट की जानकारी भी मैसेज से मिल सकती है.
पार्सल भेजने वालों के लिए भी यह सुविधा काम की है. क्योंकि पार्सल का स्टेटस और रेफरेंस नंबर से जुड़ी जानकारी सीधे फोन पर मिल जाती है. यानी अब ट्रेन से जुड़ी बुनियादी जानकारी के लिए न तो लंबी कॉल करनी पड़ेगी और न ही किसी काउंटर पर लाइन में लगना होगा. एक छोटा सा SMS काफी है.
एक SMS से मिलेंगी यह सुविधाएं
139 नंबर सिर्फ जानकारी देने के लिए ही नहीं है. यात्री इस पर SMS भेजकर अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं. ट्रेन में सफाई न हो पानी की दिक्कत हो कोच में कोई समस्या आए या स्टेशन पर अव्यवस्था दिखे. तो उसकी जानकारी मैसेज के जरिए रेलवे तक पहुंचाई जा सकती है. शिकायत दर्ज होते ही वह संबंधित विभाग को भेज दी जाती है.
जिससे जल्दी हल निकल आता है. रेलवे का मकसद यही है कि यात्रियों को छोटी समस्या के लिए भी इधर-उधर भटकना न पड़े. सीट पर बैठे-बैठे मोबाइल से मैसेज करें और सिस्टम में शिकायत दर्ज हो जाए. इससे न सिर्फ समय बचेगा बल्कि यात्रियों को यह भरोसा भी मिलेगा कि उनकी बात सीधे रेलवे तक पहुंच रही है.
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