घर में सबसे ज्यादा बिजली खाते हैं ये 3 उपकरण, ध्यान से करें इस्तेमाल
कुछ बड़े उपकरण ऐसे होते हैं जो चुपचाप ज्यादा यूनिट खपत करते हैं और हमें अंदाजा भी नहीं होता. अगर इनका इस्तेमाल समझदारी से न किया जाए तो बिजली बिल उछाल मारकर बढ़ता है.

आज के समय में लगभग हर घर में कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इस्तेमाल हो रहे हैं. यह हमारी लाइफ को आसान बनाते हैं. लेकिन कई उपकरण ऐसे होते हैं जिनसे बिजली बिल काफी बढ़ चढ़कर आता है. ज्यादातर लोग सोचते ज्यादा जलने वाले बल्ब या पंखे चलाने से बिल बढ़ता है. लेकिन ऐसा नहीं है
मगर कुछ बड़े उपकरण ऐसे होते हैं जो चुपचाप ज्यादा यूनिट खपत करते हैं और हमें अंदाजा भी नहीं होता. अगर इनका इस्तेमाल समझदारी से न किया जाए. तो बिजली बिल उछाल मारकर बढ़ता है. जिससे मंथली बजट बिगड़ जाता है. चलिए आपको बताते हैं कौनसे हैं वह तीन उपकरण जो सबसे ज्यादा बिजली खाते हैं और जिन पर खास ध्यान देने की जरूरत है.
एसी खाता है सबसे ज्यादा बिजली
मार्च का महीना शुरू हो चुका है. अब देश में गर्मियों की दस्तक शुरू हो चुकी है. और गर्मियां आते ही एसी घर का सबसे अहम उपकरण बन जाता है. लेकिन यही सबसे ज्यादा बिजली खपत करने वालों में भी शामिल है. एक नार्मल 1.5 टन एसी करीब 1500 से 2000 वॉट तक बिजली ले सकता है. अगर इसे रोज 6 से 8 घंटे चलाया जाए.
तो महीने के बिल में बड़ा उछाल दिख सकता है. खासकर जब तापमान बहुत कम सेट किया जाता है. तो कंप्रेसर ज्यादा देर तक चलता रहता है. बेहतर तरीका यह है कि तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखें और कमरे को ठीक से बंद रखें. इनवर्टर टेक्नोलॉजी वाले एसी नार्मल से कम खपत करते हैं.
वॉटर हीटर से भी होती है खूब बिजली खपत
सर्दियों में गीजर लगभग रोजाना इस्तेमाल होता है और यही इसे भारी बिजली खर्च करने वाला उपकरण बना देता है. एक नार्मल वॉटर हीटर 2000 से 3000 वॉट तक बिजली ले सकता है. अगर इसे लंबे समय तक ऑन छोड़ दिया जाए. तो यूनिट तेजी से बढ़ती हैं. कई लोग पानी गर्म होने के बाद भी स्विच ऑफ करना भूल जाते हैं. जिससे बेवजह खपत होती है. जरूरत के हिसाब से ही गीजर चलाना चाहिए. इसके साथ ही अच्छी क्वालिटी का इंसुलेटेड टैंक वाला मॉडल चुनने से भी बिजली बचत हो सकती है.
वॉशिंग मशीन से भी बढ़ता है बिल
वॉशिंग मशीन भले ही दिनभर न चले. लेकिन इसकी मोटर और हीटिंग सिस्टम बिजली की अच्छी खासी खपत करते हैं. खासकर अगर आप हॉट वॉश मोड का इस्तेमाल करते हैं. तो खपत और बढ़ जाती है. रोजाना छोटे लोड में कपड़े धोने के बजाय फुल लोड में मशीन चलाना ज्यादा फायदेमंद है. हफ्ते में दो या तीन बार सही प्लानिंग के साथ इस्तेमाल करने से यूनिट कम खर्च होती हैं. ज्यादा ड्रायर मोड चलाना भी बिल को बढ़ाता है.
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Source: IOCL



























