बाजार में मिलने वाला गुलाल असली है या नकली, दो मिनट में ऐसे करें चेक
Gulaal Quality Check: होली पर रंग खरीदते समय सतर्क रहना जरूरी है. कुछ आसान तरीकों से आप घर पर ही गुलाल की क्वालिटी चेक कर सकते हैं. जिससे त्योहार की खुशी बिना किसी परेशानी के बनी रहे.

Gulaal Quality Check: होली का त्योहार अब कुछ ही दिनों की दूरी पर है. घरों में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, बाजार रंगों और गुलाल से भर गए हैं. हर कोई चाहता है कि इस बार की होली यादगार हो. लेकिन चमकीले पैकेट और सस्ते दाम के चक्कर में लोग अक्सर ऐसे रंग खरीद लेते हैं जिनमें खतरनाक केमिकल मिले होते हैं.
यह रंग स्किन, आंखों और सांस से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकते हैं. इसलिए होली खेलने से पहले यह जानना जरूरी है कि जो गुलाल आप खरीद रहे हैं. वह सुरक्षित है या नहीं. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान तरीकों से आप दो मिनट में असली और नकली गुलाल की पहचान कर सकते हैं. जान लें तरीके.
सूंघकर और पानी में घोलकर करें टेस्ट
गुलाल खरीदने से पहले उसकी हल्की सी महक जरूर लें. अगर खुशबू बहुत तेज और केमिकल जैसी लगे, तो सावधान हो जाएं. ऑर्गेनिक या हर्बल गुलाल की खुशबू आमतौर पर हल्की और प्राकृतिक होती है. दूसरा तरीका है पानी टेस्ट. थोड़ा सा गुलाल एक गिलास पानी में डालें. अगर रंग आसानी से घुल जाए और नीचे कोई भारी कण न जमें, तो यह बेहतर संकेत है. लेकिन अगर रंग ऊपर तैरता रहे या नीचे कचरे जैसा कुछ बैठ जाए. तो उसे इस्तेमाल न करें. यह मिलावट की निशानी हो सकती है.
रगड़कर और लेबल पढ़कर ऐसे पहचानें असली गुलाल
थोड़ा सा गुलाल हथेली पर लेकर रगड़ें. असली और सुरक्षित गुलाल बेहद मुलायम महसूस होता है. अगर उसमें दरदरे कण हों या चमकते कण नजर आएं. तो यह स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है. पैकेट पर लिखी जानकारी भी ध्यान से पढ़ें. सिर्फ हर्बल लिखा होना काफी नहीं है. सामग्री में हल्दी, चंदन, फूलों का पाउडर या अन्य प्राकृतिक चीजों का जिक्र होना चाहिए. भरोसेमंद ब्रांड से ही खरीदारी करें.
नकली गुलाल से क्या हो सकता है नुकसान?
सस्ते और मिलावटी गुलाल में अक्सर ऐसे केमिकल मिलाए जाते हैं जो शरीर के लिए हानिकारक होते हैं. इनमें लेड, मरकरी या क्रोमियम जैसे तत्व हो सकते हैं. कई बार रंग को चमकदार बनाने के लिए बारीक कांच के कण भी मिला दिए जाते हैं. ऐसे गुलाल से स्किन पर खुजली, लाल चकत्ते और जलन हो सकती है. आंखों में चला जाए तो गंभीर इरिटेशन हो सकता है. जिन लोगों को एलर्जी या अस्थमा की समस्या है. उनके लिए यह और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है. इसलिए सिर्फ रंग देखकर फैसला करना समझदारी नहीं है.
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Source: IOCL


























