चेक बाउंस हो गया, जेल में सजा भी पूरी काट ली, क्या फिर भी लौटाने पड़ते हैं उधारी के पैसे?
Cheque Bounce: राजपाल यादव को दिल्ली हाई कार्ट ने चेक बाउंस मामले में 3 महीने जेल की सजा सुनाई है. अब लोगों के मन में सवाल आ रहा है कि क्या जेल की सजा काटने के बाद भी उधार के पैसे लौटाने पड़ते हैं?

- शिकायतकर्ता बकाया वसूली के लिए सिविल कोर्ट भी जा सकता है।
Cheque Bounce: बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला एक बार फिर चर्चा में है. दिल्ली हाई कार्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को तीन महीने जेल की सजा सुनाई है. अब ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अगर कोई व्यक्ति चेक बाउंस के मामले में जेल जाता है और उसकी सजा पूरी हो जाती है तो उसके बाद भी उसे उधारी के पैसे लौटाने पड़ते हैं या नहीं?
जेल जाने के बाद भी लौटाने होंगे पैसे?
इसका सीधा जवाब है हां. जेल की सजा पूरी होने के बाद भी उस व्यक्ति को पूरे पैसे वापस करने पड़ेंगे. भारतीय कानून के मुताबिक, जेल जाने का मतलब यह नहीं है कि पैसे लौटाने की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है, बल्कि यह है कि जेल जाने से अपराधी की सजा पूरी होती है. नेगोशिएबल इंस्टुमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 138 के तहत चेक बाउंस का मामला एक आपराधिक मामला है, इसलिए उस व्यक्ति को जेल की सजा के बाद भी सारे पैसे लौटाने पड़ते हैं.
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ऐसे वसूले जाएंगे पैसे
- आरोपी के जेल जाने के बाद भी शिकायतकर्ता के पास पैसे वसूलने का अधिकार होता है.
- अगर जरूरत पड़ती है तो अदालत आरोपी पर जुर्माना लगा सकती है.
- साथ ही आरोपी को पूरी रकम वापस करने का आदेश दे सकती है.
- इसके बाद भी अगर जुर्माना वापस नहीं किया जाता है तो आरोपी की संपत्ति से भी पैसे वसूल किए जा सकते हैं.
सिविल कोर्ट भी जा सकता है शिकायतकर्ता
- अगर आरोपी इतना सबके बाद भी पैसे वापस नहीं करता है तो शिकायतकर्ता सिविल कोर्ट तक जा सकता है.
- इतना ही नहीं, बल्कि अदालत जरूरत पड़ने पर आरोपी से चल या अचल संपत्ति से पैसे वसूल करने का आदेश दे सकती है.
- यह करने के पीछे अदालत का यहीं मकसद होता है कि वह शिकायतकर्ता के पैसे वापस दिला सकें.
- इसलिए यह सोचना गलत होगा कि जेल जाने के बाद रकम वापस नहीं करनी पड़ेगी.
कुछ बातों का रखें खास ध्यान
- जब भी आप किसी को चेक दें तो ध्यान रखें की आपके बैंक अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस हो.
- चेक जारी करते हुए सही डेट और रकम लिखें.
- आपने जो चेक पर सिग्नेचर किया है वह बैंक रिकॉर्ड से मैच करने चाहिए.
- कभी भी किसी को खाली चेक न दें.
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