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Railway Compensation: जलकर मरने पर दिल्ली में 10 लाख तो यूपी में 5 लाख का मुआवजा मिला, रेलवे हादसे में कितनी मिलती है रकम

Railway Insurance: ट्रेन हादसे में यात्री की मौत होने पर रेलवे नियमों के तहत परिवार को मुआवजा और बीमा का लाभ मिल सकता है. ऐसे में रकम हादसे की स्थिति और लागू नियमों के आधार पर तय होती है.

Train Accident Compensation: ट्रेन हादसों में यात्रियों की जान गंवाने पर अक्सर उनके परिवारों को आर्थिक सहारा देने के लिए रेलवे की तरफ से बीमा और मुआवजा दी जाती है. हाल ही में दिल्ली और लखनऊ अग्निकांड में सरकार की ओर से मृतकों के परिवार वालों को अलग-अलग मुआवजा देने का ऐलान किया गया. दिल्ली में 10 लाख तो यूपी में 5 लाख के मुआवजे का ऐलान हुआ. ऐसे में लोगों के मन में अब यह सवाल उठ रहा है कि अगर किसी यात्री की मौत ट्रेन हादसे में हो जाती है तो रेलवे की तरफ से उसके परिवार को कितनी रकम मिलेगी. 

यात्रा के दौरान होने वाले हादसों में पीड़ित परिवारों कि मदद करने के लिए रेलवे नियमों के तहत उन्हें मुआवजा दिया जाता है. इसके अलावा यात्रियों के परिवार को टिकट बुकिंग के समय लिए जाने वाले ट्रैवल इंश्योरेंस का भी फायदा मिल सकता है. हालांकि, किसी भी मुआवजे कि रकम हादसे की स्थिति को देखते हुए लागू नियमों के आधार पर तय की जाती है. 

ट्रेन हादसे में मौत पर कितनी मिलती है रकम?

रेलवे यात्रा बीमा के तहत अगर किसी यात्री की ट्रेन हादसे में जान चली जाती है, तो उसके परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जा सकता है. अगर इस हादसे में अगर कोई यात्री पूरी तरह दिव्यांग हो जाता है, तो उसे 10 लाख रुपये तक की रकम दी जाती है.

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रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस सिर्फ मृत्यु और दिव्यांग तक सीमित नहीं है, बल्कि हादसे के बाद यात्री के इलाज के खर्च को भी देखता है. अगर इस हादसे में यात्री को स्थायी आंशिक दिव्यांगता होती है, तो उसे 7.5 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जा सकता है.

इसके अलावा हादसे में घायल हुए यात्री को अस्पताल में भर्ती करने के लिए 2 लाख रुपये खर्च तक की मदद की जाती है. वहीं इस हादसे में मौत होने के बाद मृतक के लाश को ले जाने के लिए 10 हजार रुपये उसके परिवार को दी जाती है.

क्र. सं. (Sl. No.) कवर का दायरा (Scope of Cover)
बीमा राशि रुपए में (Sum Insured in INR)
1 दुर्घटनाजनित मृत्यु (Accidental Death) 10,00,000
2 स्थायी पूर्ण विकलांगता (Permanent Total Disablement) 10,00,000
3 स्थायी आंशिक विकलांगता (Permanent Partial Disablement) 7,50,000 तक
4 चोट के लिए अस्पताल में भर्ती होने का खर्च (Hospitalization Expenses for Injury)
अधिकतम 2,00,000 तक
5 पार्थिव शरीर को ले जाने का खर्च (Transportation of mortal remains)
अधिकतम 10,000 तक
     

सरकारी मुआवजा और रेलवे बीमा में क्या है अंतर?

दिल्ली में हुई आग की घटना के बाद सरकार ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये देने का ऐलान किया था. वहीं, अब लखनऊ में हुई हादसे के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों वालों को 5 लाख रुपये की मदद करने का ऐलान किया है. 

हालांकि, सरकार की तरफ से दी जाने वाली राशि और रेलवे की बीमा सोनों अलग-अलग होती है. सरकारी मुआवजा राज्य सरकार की तरफ से पीड़ित परिवारों को राहत के तौर पर दी जाती है, जबकि रेलवे बीमा यात्री कि ओर से चुनी गई बीमा सुविधा और नियमों के शर्तों के आधार पर मिलता है.

ऐसे में अगर कोई यात्री ट्रेन में सफर करने के लिए टिकट बुक करता है, तो उसे चाहिए कि वह रेलवे बीमा सुविधा की जानकारी जरूर लें, ताकि किसी अनहोनी कि स्थिति में परिवार को इसस योजना का फायदा मिल सके. 

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