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1 रुपये में हजारों का फायदा देती है केंद्र सरकार की यह योजना, किसानों के लिए काम की बात

PM Fasal Bima Yojana In Maharashtra: सरकार की इस योजना के तहत किसानों को मात्र 1 रुपये में हजारों का लाभ मिलता है. चलिए बताते हैं क्या है यह योजना और किन किसानों को मिलता है इस योजना का लाभ. 

PM Fasal Bima Yojana In Maharashtra: देश की आधे से ज्यादा आबादी खेती और किसानी पर अपनी जीवन बिताती है. इसलिए भारत सरकार भी देश के किसानों के हितों का खास ख्याल रखती है. सरकार किसानों के लिए अलग-अलग तरह की योजनाएं लाती है. ताकि किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिया जा सके. देश के सीमांत किसानों को लाभ देने के लिए सरकार ने पीएम किसान सम्मान योजना निधि योजना शुरू की है.

इसके अलावा अलग-अलग उपकरणों को खरीदने के लिए भी मदद देती है. तो वहीं अगर किसानों को फसल उगाने में नुकसान न हो इसलिए भी सरकार की योजनाएं संचालित हैं. केंद्र सरकार की एक योजना के तहत किसानों को मात्र 1 रुपये में हजारों का लाभ मिलता है. चलिए बताते हैं क्या है यह योजना और किन किसानों को मिलता है इस योजना का लाभ. 

किसान इस योजना में 1 रुपये देकर लें फायदा

अक्सर अलग-अलग कारणों के चलते किसानों द्वारा उगाई जाने वाली फसल नष्ट हो जाती है. जिसके चलते किसानों को हजारों-लाखों रुपये का नुकसान होता है. कई बार ओलावृष्टि, ज्यादा बारिश, सूखा, बाढ़ या और कई अलग कारणों से फसल को नुकसान पहुंचता है. किसानों को इस नुकसान से बचाने के लिए भारत सरकार ने साल 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की थी.

इस योजना के तहत सरकार किसानों की फसलों का बीमा करती है. जिसमें अगर ओलावृष्टि, ज्यादा बारिश, सूखा, बाढ़ या और कई अलग कारणों से फसल खराब हो जाती है. तो फिर सरकार मुआवाज देती है. बता दें भारत सरकार की योजना के तहत महाराष्ट्र में 1 रुपये के प्रीमियम पर बीमा मिलता है. 

1 रुपये में हुआ हजारों का फायदा

दरअसल साल 2023 में महाराष्ट्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत राज्य में किसानों को सिर्फ 1 रुपये के प्रीमियम पर बीमा देना शुरू किया है .सरकारी आंकड़ों के मुताबिक साल 2024-25 में महाराष्ट्र में 7.43 लाख हेक्टेयर से भी ज्यादा प्याज की फसल का बीमा किया गया है. महाराष्ट्र के किसान तुकाराम प्याज की खेती करते हैं. और उन्होंने 1 रुपये में अपनी फसल का बीमा करवाया था.

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पिछले साल अप्रैल में बारिश हो गई थी. जिसके चलते उनकी फसल खराब हो गई. इसके बाद सरकार ने 1 रुपये के प्रीमियम पर तुकाराम को 60,000 रुपये का मुआवजा दिया था. इसके अलावा एक और किसान ने बताया कि मुआवजे में मिली रकम भरपाई के लिए पूरी नहीं थी. लेकिन बुवाई की लागत निकल आई. यानी उन्हें फसल खराब होने पर ज्यादा नुकसान नहीं उठाना पड़ा.

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 कैसे करवाएं बीमा?

अगर कोई किसान प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना के तहत बीमा के लिए आवेदन देना चाहता है. तो उसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmfby.gov.in/ पर जाना होगा. इसके बाद होमपेज के ऊपरी राइट साइड में, 'किसान कॉर्नर' के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा. इसके बाद पॉपअप विंडो में 'गेस्ट फार्मर' पर क्लिक करना होगा. फिर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा. और उसे सबमिट करना होगा. इसके अलावा कोऑपरेटिव सोसाइटी या सीएससी जाकर के भी अप्लाई किया जा सकता है. 

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

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