डिलीट हो गया है गैस बुकिंग DAC कोड? जानें इसे रिकवर करने का तरीका
DAC Code: गैस सिलेंडर बुकिंग के बाद DAC कोड डिलीट हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं. आइए जानते हैं इस जरूरी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड को दोबारा कैसे प्राप्त किया जा सकता है.

LPG Cylinder Booking: आज के समय में रसोई गैस की बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो चुकी है. जब भी आप अपने मोबाइल से गैस सिलेंडर बुक करते हैं, तो आपके रजिस्टर्ड फोन नंबर पर एक डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड यानी 'डीएसी' नंबर भेजा जाता है. गैस चूल्हा जलाने वाले हर आम इंसान के लिए यह कोड बेहद जरूरी है, क्योंकि इसके बिना डिलीवरी बॉय आपको सिलेंडर नहीं सौंप सकता.
मगर कई बार अनजाने में या फोन रीसेट होने पर यह जरूरी डीएसी कोड हमारे इनबॉक्स से डिलीट हो जाता है, जिससे उपभोक्ता परेशान होने लगते हैं. आइए इस लेख इसी के बारे में समझते हैं कि अगर आपका डीएसी कोड गायब हो जाता है, तो उसे दोबारा कैसे प्राप्त कर सकते हैं.
क्या होता है DAC कोड?
DAC का मतलब डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (Delivery Authentication Code) है. यह आमतौर पर 4 अंकों का सुरक्षा कोड होता है. इसे गैस बुकिंग के बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए भेजा जाता है. डिलीवरी के समय यही कोड डिलीवरी एजेंट को बताने पर सिलेंडर की डिलीवरी पूरी होती है. इसका इस्तेमाल गैस सिलेंडर की सही ग्राहक तक डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है.
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कैसे पाएं दोबारा DAC कोड?
- अपनी गैस कंपनी (Indane, HP Gas या Bharat Gas) के आधिकारिक ऐप को मोबाइल में लॉगिन करें.
- जिस्टर्ड मोबाइल नंबर से साइन इन करें.
- 'My Orders' या 'Book Cylinder' सेक्शन में जाएं.
- एक्टिव बुकिंग के साथ आपका DAC कोड दिखाई देगा.
WhatsApp और SMS से भी मिल सकता है कोड
- कई एलपीजी कंपनियां WhatsApp के जरिए भी सेवाएं देती हैं.
- कंपनी के आधिकारिक WhatsApp नंबर पर "Hi" या "STATUS" भेजकर बुकिंग की जानकारी प्राप्त की जा सकती है.
- कई मामलों में सिस्टम चैट पर दोबारा DAC कोड भी भेज देता है.
- जरूरत पड़ने पर आप बुकिंग हेल्पलाइन पर कॉल करके दोबारा SMS भी मंगाया जा सकता है.
























