जी हां! कट गई आपकी जेब? समझें टिकट कैंसिलेशन के रिफंड में कैसे रेलवे ने किया खेल
Railway Rules For Ticket Cancellation: टिकट कैंसिलेशन के लिए अब टाइमिंग सेट कर दी गई हैं. 72 घंटे, 24 घंटे और 8 घंटे के रूल बनाए गए हैं. टिकट कब कैंसिल कराने पर कितना आएगा रिफंड? जान लें.

Railway Rules For Ticket Cancellation: देश में अब ट्रेन टिकट कैंसिल करने को लेकर नए नियम लागू होने जा रहे हैं. 72 घंटे, 24 घंटे और 8 घंटे यह तीन टाइम स्लॉट तय करेंगे कि आपकी जेब से कितना पैसा कटेगा और कितना वापस मिलेगा. रेलवे ने नियम सख्त कर दिए हैं. जिससे आखिरी समय पर टिकट कैंसिल करना महंगा पड़ सकता है.
पहले जहां थोड़ा राहत थी वहीं अब अगर आप बिना सोचे-समझे टिकट कैंसिल करते हैं. तो नुकसान हो सकता है. इसलिए जरूरी है कि इन तीनों टाइमिंग का पूरा हिसाब समझ लिया जाए. जिससे अगली बार टिकट कैंसिल करते वक्त आपका पैसा कम से कम कटे.
8 घंटे बचे के कोई रिफंड नहीं मिलेगा
रेलवे में टिकट कैंसिलेशन को लेकर अब नियम और मुश्किल कर दिए हैं. पहले नियम थोड़ा राहत देने वाले थे. अगर ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करते थे. तो कुछ न कुछ रिफंड मिल जाता था. लेकिन अब यही लिमिट बढ़ाकर 8 घंटे कर दी गई है. यानी अगर ट्रेन के डिपार्चर में 8 घंटे से कम समय बचा है.
तो टिकट कैंसिल करने पर कोई पैसा वापस नहीं मिलेगा. अब आखिरी वक्त तक इंतजार करना अब भारी पड़ सकता है. ऐसे में अगर लग रहा है कि आप ट्रैवल नहीं कर पाएंगे. तो 8 घंटे से पहले ही टिकट कैंसिल कर दें. वरना किराए के पैसे डूब जाएंगे.

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72 घंटे पहले कैंसिल करने पर फायदा
पहले 48 घंटे से पहले टिकट कैंसिल करने पर सबसे ज्यादा रिफंड मिल जाता था और सिर्फ मामूली चार्ज कटता था. लेकिन अब इस सीमा को बढ़ाकर 72 घंटे कर दिया गया है. यानी अगर आप ट्रेन के 3 दिन पहले टिकट कैंसिल करते हैं. तभी आपको ज्यादा फायदा मिलेगा. 72 घंटे के अंदर आते ही कटौती शुरू हो जाती है. इसका मतलब है कि अब आप टिकट कैंसिल करने में जितनी देर करेंगे धीरे-धीरे रिफंड उतना ही कम होता जाएगा.
24 घंटे के अंदर कटेंगे इतने रुपये
नए नियमों के मुताबिक अब 24 घंटे के अंदर टिकट कैंसिल करना अब सबसे महंगा साबित हो सकता है. पहले इस समय में भी कुछ राहत मिल जाती थी. लेकिन अब नियम सख्त हो गए हैं. 24 से 8 घंटे के बीच कैंसिल करने पर करीब 50 प्रतिशत तक किराया कट सकता है.
पहले क्या थे नियम?
पहले ट्रेन टिकट कैंसिलेशन के नियम थोड़े आसान थे. खासकर आखिरी समय के लिए. उस समय नो रिफंड की सीमा सिर्फ 4 घंटे थी. यानी अगर ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल कर देते थे. तो कुछ पैसा वापस मिल जाता था. 48 घंटे से पहले कैंसिल करने पर सिर्फ मामूली चार्ज कटता था और ज्यादातर किराया रिफंड हो जाता था.
वहीं 48 से 24 घंटे के बीच कैंसिल करने पर कटौती कम रहती थी. और 24 से 4 घंटे के बीच भी पूरा पैसा नहीं कटता था. कुल मिलाकर पहले सिस्टम ऐसा था जहां आखिरी समय तक भी थोड़ा राहत मिल जाती थी और जेब पर इतना बड़ा असर नहीं पड़ता था.
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