SBI बैंक लॉकर से चोरी हुए 50 लाख के गहने, क्या कहते हैं नियम? अब कैसे मिलेगा मुआवजा
Bank Locker Rules: कानपुर से एक मामला सामने आया है जहां एक महिला के करीब 50 लाख रुपये के गहने बैंक लॉकर से गायब हो गए हैं. क्या अब उसे मुआवजा मिल पाएगा? आइये जानते हैं नियम क्या कहते हैं.

Bank Locker Theft Rules: जैसे रुपयों की सुरक्षा को लेकर हम बैंक के ऊपर भरोसा करते हैं. वैसे ही सोने- चांदी के गहनों को लेकर भी बैंक के लॉकर पर भी भरोसा किया जाता है. लेकिन हाल ही में कानपुर से सामने आए मामले में बैंक लॉकर की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है.
दरअसल हाल ही में कानपुर के स्वरूप नगरसे एक मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने साल 2003 से बैंक लॉकर में अपने सोने के गहने रखे थे. 17 सालों से ये गहने लॉकर में ही रखे थे और परिवार बेफिक्र था कि गहने सुरक्षित हैं. लेकिन जब 17 साल बाद बैंक लॉकर खोला गया तो उसमें एक भी गहना मौजूद नहीं था. ये गहने करीब 50 लाख रुपये के थे, इसके अलावा कुछ अन्य कीमती सामान भी लॉकर में रखा हुआ था जो अब नहीं है.
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मामले ने उठाए बैंक की सुरक्षा पर सवाल
महिला जब चार महीने बाद बैंक में गहने चेक करने आई तो खाली लॉकर देख चौंक गई. जिसके बाद जब इस बारे में बैंक मैनेजर को बताया गया तो उसने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया. हालांकि मामले की शिकायत पुलिस में की गई है और फिलहाल जांच चल रही है. लेकिन इस मामले से बैंक की सुरक्षा सवालों के घेरे में आ गई है. क्या बैंक लॉकर से आसानी से गहने गायब हो सकते हैं? क्या हमारा पैसा और गहने बैंक में रखे होने पर सुरक्षित नहीं है.
ऐसा मामला हो जाने पर क्या कहते हैं नियम? क्या बैंक की तरफ से कोई मुआवजा मिलता है या फिर बैंक इस मामले में कोई जिम्मेदारी नहीं लेता? आइये जानते हैं क्या कहते हैं RBI के नियम.
लॉकर में रखें सामान की जिम्मेदारी किसकी?
अगर आप भी अपना सोना- चांदी या कोई भी कीमती चीज बैंक के लॉकर में रखते हैं, और बेफिक्र हो जाते हैं कि अब सारी जिम्मेदारी बैंक की है. तो अब इस बेफिक्री को छोड़ दीजिए, क्योंकि बैंक में रखे सामान की जिम्मेदारी बैंक की तो होती है लेकिन पूरी तरह से नहीं. RBI के मुताबिक बैंक लॉकर सुविधा सिर्फ एक स्टोरेज सर्विस है. यदि बैंक से गहने चोरी हो जाते हैं तो इसका जिम्मेदार बैंक तब ही माना जाएगा जब उसकी कोई लापरवाही प्रूव हो जाए.
जैसे कि यदि बैंक ने लॉकर की सुरक्षा में कमी रखी है या रिकॉर्ड को ठीक से मेंटेन नहीं किया है. या फिर स्टाफ की लापरवाही है या सीसीटीवी सही से काम नहीं कर रहे हैं, तभी बैंक इस मामले का जिम्मेदार माना जाएगा और मुआवजा देगा. साल 2022 में लागू नए नियमों के तहत बैंक अधिकतम 100 गुना सालाना किराए तक का मुआवजा देगा, लेकिन ये तभी होगा है जब बैंक की गलती साबित हो जाएगी.
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ग्राहकों को रखना होगा इन बातों का ध्यान
अगर आपका भी बैंक में लॉकर है और उसमें कीमती जेवर रखे हैं, तो आपको कुछ जरूरी बातें हैं उनका ध्यान रखना होगा. जिससे कि भविष्य में आपको किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े.
- लॉकर में रखी चीजों की लिस्ट अपने पास लिखकर रखें.
- लॉकर में रखे सामानों की फोटो और रसीद दोनों को सुरक्षित रखें.
- दूसरा लॉकर का कॉन्ट्रेक्ट ध्यान से पढ़ें, उसमें लिखे हर एक क्लॉज को अच्छे से पढ़कर समझें.
- इससे आपको जानकारी मिलेगा कि बैंक किन चीजों के लिए जिम्मेदार होगा और किन के लिए नहीं.
- कभी भी लॉकर में नुकसान या चोरी की आशंका हो तो सबसे पहले पुलिस और बैंक दोनों को सूचना दें.
- अपनी कीमती ज्वैलरी या दस्तावेजों का अलग से बीमा करवाएं.
- इससे नुकसान होने पर भी मुआवजा मिलने की संभावना रहेगी.























