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एथेनॉल के चूल्हे चलाना कितना फायदेमंद, जानें ये एलपीजी सिलेंडर से कितने पड़ते हैं सस्ते?

Ethanol Stove: एलपीजी महंगा होने के बीच एथेनॉल चूल्हे नया ऑप्शन बनकर आए हैं. यह खर्च कम करने और किचन बजट संभालने में मदद कर सकते हैं. लेकिन इस्तेमाल से पहले जान लें यह बातें.

Ethanol Stove: मिडिल ईस्ट में जंग के हालात ने दुनिया भर के एनर्जी सेक्टर्स पर असर डाला है. भारत में भी एलपीजी को लेकर सरकार को कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं. इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है और किचन का बजट लगातार बिगड़ता जा रहा है. ऐसे में लोग अब सस्ते और टिकाऊ ऑप्शन तलाशने लगे हैं. इसी चर्चा में एथेनॉल से चलने वाले चूल्हे तेजी से सामने आए हैं. 

यह न सिर्फ एलपीजी का ऑप्शन बनकर उभर रहे हैं. बल्कि खर्च और पर्यावरण दोनों के लिहाज से बेहतर बताए जा रहे हैं. एथेनॉल एक क्लीन फ्यूल है जो गन्ने जैसी फसलों से बनता है. इसलिए इसे रिन्यूएबल भी माना जाता है. अब सवाल यह है कि क्या यह सच में आपके महीने का खर्च कम कर सकता है और क्या रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए सही साबित होगा. 

एथेनॉल चूल्हे का खर्च और बचत

अगर खर्च की बात करें तो एथेनॉल चूल्हे कई मामलों में एलपीजी से सस्ते पड़ सकते हैं. इसमें आपको एक बार में भारी रकम खर्च करके सिलेंडर लेने की जरूरत नहीं होती. आप जरूरत के हिसाब से फ्यूल खरीद सकते हैं. जिससे खर्च कंट्रोल में रहता है. एथेनॉल की कीमत आमतौर पर एलपीजी के मुकाबले कम रहती है और इसकी खपत भी संतुलित होती है.

खासकर छोटे परिवार या कम कुकिंग वाले घरों में इसका फायदा ज्यादा नजर आता है. इसके अलावा, एथेनॉल चूल्हों की फ्यूल एफिशिएंसी भी ठीक-ठाक होती है. जिससे कम फ्यूल में ज्यादा काम हो जाता है. शुरुआत में चूल्हा खरीदने का खर्च जरूर जुड़ता है. लेकिन लंबे समय में यह खर्च धीरे-धीरे बचत में बदल सकता है.

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एलपीजी के मुकाबले कितना सस्ता?

अगर कीमत के हिसाब से देखें तो एथेनॉल चूल्हे एलपीजी के मुकाबले सस्ते पड़ सकते हैं. उदाहरण के तौर पर दिल्ली में एक एलपीजी सिलेंडर करीब 915 रुपये के आसपास मिलता है. जो महीने का बड़ा खर्च बन जाता है. वहीं एथेनॉल फ्यूल आप जरूरत के हिसाब से खरीद सकते हैं, जिससे एक बार में ज्यादा पैसे खर्च नहीं करने पड़ते. इसकी प्रति लीटर कीमत कम होती है और खपत भी कंट्रोल में रहती है.

इसलिए धीरे-धीरे कुल खर्च कम हो सकता है. खासकर छोटे परिवारों के लिए यह ज्यादा फायदेमंद साबित होता है. हालांकि एलपीजी तेज फ्लेम और आसानी से उपलब्ध होने की वजह से अब भी भरोसेमंद है. लेकिन अगर आप खर्च कम करना चाहते हैं तो एथेनॉल एक सस्ता ऑप्शन बन सकता है.

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा एबीपी न्यूज़ में कार्यरत हैं और फिलहाल टेक बीट संभाल रहे हैं. इससे पहले वह स्पोर्ट्ज़विकी और क्रिकएडिक्टर में सब एडिटर, इनशॉर्ट्स में हिंदी कंटेट स्पेशलिस्ट और ज़ी हिंदुस्तान और ज़ी राजस्थान में काम कर चुके हैं. पत्रकारिता के दौरान उन्होंने कई क्रिकेट मैच कवर किए हैं और क्रिकेट लाइव स्ट्रीमिंग भी होस्ट की है.

न्यूज़ और खेल के साथ नीलेश की दिलचस्पी गीत लेखन में भी है. पिछले साल उनके लिखे एक गीत को बॉलीवुड सिंगर अर्नब दत्ता की आवाज़ में रिलीज़ किया गया. पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने मुरैना के अंबाह पीजी कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से डिजिटल जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा किया है.

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