EPFO Rules: पीएफ निकालने पर नहीं लगेगा टैक्स, बस ध्यान रखें ये जरूरी बातें
EPFO के नियमों के तहत पीएफ से मेडिकल खर्च, पढ़ाई, शादी और घर के लिए पैसे निकाल सकते हैं. निकासी पर टैक्स लगेगा या नहीं, यह नौकरी की अवधि और निकासी के तरीके पर निर्भर करता है.

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत कर्मचारी मेडिकल खर्च, बच्चों की पढ़ाई, शादी, बेरोजगारी या घर खरीदने जैसी जरूरतों के लिए PF से पैसे निकाल सकते हैं. हालांकि, PF निकालने पर टैक्स लगेगा या नहीं, यह आपकी नौकरी की अवधि और निकासी के तरीके पर डिपेंड करता है. इसलिए PF से पैसे निकालते समय टैक्स के नियमों को समझना बेहद जरूरी है, ताकि बाद में आपको अतिरिक्त टैक्स नहीं चुकाना पड़े.
नियमों के मुताबिक, आमतौर पर पांच साल की लगातार सेवा पूरी होने के बाद PF की निकासी टैक्स-फ्री होती है. वहीं, पांच साल से पहले पूरी रकम निकालने पर कुछ शर्तों के तहत टैक्स देना पड़ सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि PF से पैसे निकालते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
5 साल से पहले PF निकालने पर क्या होगा?
अगर आप पांच साल की लगातार सेवा पूरी होने से पहले PF की पूरी रकम निकालते हैं, तो कुछ परिस्थितियों में निकाली गई रकम टैक्स के दायरे में आ सकती है. इसमें कर्मचारी के योगदान, नियोक्ता के योगदान और उन पर मिले ब्याज के टैक्स नियम अलग-अलग हो सकते हैं.
वहीं, अगर आपने पहले PF में योगदान पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट ली है, तो निर्धारित शर्तें पूरी न होने पर पुरानी छूट भी प्रभावित हो सकती है. इसलिए जरूरत पड़ने पर PF निकालने से पहले अपनी सेवा अवधि और टैक्स से जुड़े नियमों की जांच जरूर करें.
नौकरी बदलने पर PF के 5 साल का नियम कैसे लागू होता है?
अगर आप एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी में नौकरी करना शुरू कर देते हैं, तो पुराने PF खाते की रकम नए खाते में ट्रांसफर कराना फायदेमंद हो सकता है. PF ट्रांसफर करने पर आमतौर पर पिछली नौकरी की सेवा अवधि को नई नौकरी की सेवा अवधि के साथ जोड़कर देखा जाता है. इससे पांच साल की लगातार सेवा की शर्त पूरी करने में मदद मिल सकती है.
वहीं, अगर आप पुरानी कंपनी छोड़ने के बाद PF की रकम निकाल लेते हैं और नई कंपनी में नए सिरे से योगदान शुरू करते हैं, तो पिछली सेवा अवधि का लाभ उसी तरह नहीं मिल सकता. ऐसे में टैक्स की गणना पर असर पद सकता है.
PF निकालने से पहले ध्यान रखें ये बातें
- अगर आप नौकरी बदल रहे हैं, तो PF निकालने के बजाय उसे नई कंपनी के खाते में ट्रांसफर करने पर विचार करें.
- पांच साल की लगातार सेवा पूरी होने से पहले निकासी करने पर टैक्स देनदारी बन सकती है, इसलिए पहले अपनी स्थिति की जांच करें.
- कर्मचारी और नियोक्ता के योगदान पर टैक्स के नियम अलग हो सकते हैं. इसलिए निकासी से पहले यह समझना जरूरी है कि कौन-सी रकम टैक्स के दायरे में आएगी.
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