बार-बार बीमा कराने का झंझट खत्म, भारत में 'एनुअल डोमेस्टिक ट्रैवल इंश्योरेंस' लॉन्च, जानें क्या हैं फायदे
Domestic Travel Insurance: अब बार-बार इंश्योरेंस लेने की जरूरत नहीं है. एक ही प्लान में आपको फ्लाइट डिले, कैंसिलेशन, बैगेज लॉस, मेडिकल इमरजेंसी और एक्सीडेंट जैसी यात्रा से जुड़ी सारी सुविधाएं मिलेंगी.

- घरेलू यात्राओं के लिए वार्षिक ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान उपलब्ध हो रहे हैं
- पॉलिसी की शर्तें ध्यान से पढ़ें, सभी चीजें कवर नहीं होतीं
- बार-बार यात्रा करने वालों, परिवार संग सफर करने वालों को लाभ
Domestic Travel Insurance: अब तक लोग ट्रैवल इंश्योरेंस को सिर्फ विदेश यात्रा से जोड़कर देखते थे. लेकिन अब भारत में घरेलू यात्राओं के लिए भी सलाना ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान आने लगे हैं. यानी अगर आप सालभर में कई बार फ्लाइट, ट्रेन या रोड ट्रिप करते हैं तो एक ही पॉलिसी में पूरे साल का कवर मिल सकता है. हाल ही में कई कंपनियों ने ऐसे प्लान लॉन्च किए हैं, जिनमें बार-बार पॉलिसी लेने की जरूरत नहीं पड़ती. आजकल लोग काम, छुट्टियों और फैमिली ट्रिप के लिए काफी यात्रा करते हैं. ऐसे में फ्लाइट कैंसिल होना, सामान खो जाना या अचानक मेडिकल इमरजेंसी जैसी परेशानियां कभी भी हो सकती हैं. यही वजह है कि घरेलू ट्रैवल इंश्योरेंस की मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है.
क्या-क्या मिलता है कवर?
घरेलू ट्रैवल इंश्योरेंस में आमतौर पर फ्लाइट डिले, ट्रिप कैंसिलेशन, बैगेज लॉस, मेडिकल इमरजेंसी और एक्सीडेंट जैसी चीजें कवर होती हैं. कुछ प्लान्स में ट्रेन, बस और रोड ट्रिप भी शामिल किए जा रहे हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इसका प्रीमियम बहुत ज्यादा नहीं होता. कई बेसिक प्लान कुछ सौ रुपये में मिल जाते हैं. बार- बार यात्रा करने वालों के लिए सलाना प्लान ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि हर ट्रिप के लिए अलग पॉलिसी लेने की जरूरत नहीं पड़ती.
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लेकिन हर चीज कवर नहीं होती
यहीं पर लोग सबसे ज्यादा गलती कर देते हैं. कई लोग बिना शर्तें पढ़े इंश्योरेंस ले लेते हैं और बाद में क्लेम रिजेक्ट हो जाता है. दरअसल, हर पॉलिसी में कुछ एक्सक्लुजन यानी ऐसी चीजें होती हैं जो कवर नहीं होतीं. उदाहरण के तौर पर, पहले से मौजूद बीमारी कई पॉलिसी में शामिल नहीं होती. अगर किसी व्यक्ति को पहले से गंभीर बीमारी है और यात्रा के दौरान उसी वजह से दिक्कत होती है, तो क्लेम रिजेक्ट हो सकता है. इसी तरह एडवेंचर एक्टिविटीज जैसे ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग या रिस्की स्पोर्ट्स भी कई प्लान्स में कवर नहीं होते. कुछ पॉलिसी व्यक्तिगत कारण से ट्रिप कैंसल होने पर भी पैसा नहीं देतीं.
क्लेम करते समय भी होती है परेशानी
कई बार लोग सोचते हैं कि इंश्योरेंस है तो पैसा आसानी से मिल जाएगा, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता. बैगेज लॉस या फ्लाइट डिले के मामले में एयरलाइन या रेलवे से पूरे दस्तावेज लेने पड़ते हैं. बिना फ्रूफ के क्लेम अटक सकता है. यही वजह है कि एक्सपर्ट हमेशा पॉलिसी की टर्म्स एंड कंडीशन ध्यान से पढ़ने की सलाह देते हैं.
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किसे लेना चाहिए ये इंश्योरेंस?
अगर आप साल में कई बार ट्रैवल करते हैं, महंगी टिकट बुक करते हैं या फैमिली के साथ सफर करते हैं, तो यह इंश्योरेंस आपके काम आ सकता है. खासकर सीनियर सीटिजन और बच्चों के साथ यात्रा करने वालों के लिए यह काफी फायदेमंद माना जा रहा है. वहीं अगर छोटी दूरी की यात्रा है और बुकिंग रिफंडेबल हैं, तो कई लोग इसे जरूरी नहीं मानते.
पॉलिसी लेने से पहले क्या देखें?
- क्या मेडिकल इमरजेंसी कवर मिल रहा है?
- बैगेज लॉस कितना कवर होगा?
- ट्रिप कैंसिलेशन के नियम क्या हैं?
- कौन-कौन सी चीजें पॉलिसी में शामिल नहीं हैं?
- क्लेम प्रॉसेस कितना आसान है?
ट्रैवल इंश्योरेंस लेते समय सिर्फ सस्ता प्रीमियम देखकर फैसला नहीं करना चाहिए. कई बार कम कीमत वाले प्लान में कवरेज भी बहुत कम होता है. आज के समय में यात्रा बढ़ रही है और उसके साथ रिस्क भी. ऐसे में सही ट्रैवल इंश्योरेंस कई परेशानियों से बचा सकता है, लेकिन पॉलिसी की बारीकियां समझना उतना ही जरूरी है.





















