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स्मॉल कैप, मिड कैप, लार्ज कैप और मल्टी कैप फंड में क्या अंतर होता है?

Mutual Funds: अगर आप एक नए निवेशक हैं और म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सोच रहे हैं तो आपको जान लेना चाहिए कि स्मॉल कैप, मिड कैप, लार्ज कैप और मल्टी कैप फंड में क्या अंतर होता है?

Mutual Funds: अगर आप के आम निवेशक हैं तो आपके लिए कौन सा फंड बेस्ट है. स्मॉल, मिड, मल्टी कैप और लार्ज कैप. क्योंकि सभी के अपने-अपने फायदे हैं. और उसी हिसाब से इसमें रिस्क भी है. आप अगर निवेश के लिए सही फंड की तलाश में है तो आपको यह जान लेना चाहिए कि इसमें क्या अंतर है और इसमें कैसे निवेश करना चाहिए. देखिए स्माल कैप फंड का मार्केट कैप 5000 करोड़ से कम, मिड कैप का 5,000 से 20,000 करोड़ रुपये के बीच तथा लार्ज कैप का मार्केट कैप 20,000 करोड़ रुपये से अधिक होता है. 

स्मॉल में बिग प्रॉफिट?

आप इनके मार्केट कैप के हिसाब से ही प्रॉफिट का अंदाजा लगा सकते हैं. देखिए जो स्मॉल कैप फंड्स होते हैं उसमें रिस्क अधिक होता है लेकिन उसमें रिटर्न की क्षमता भी सबसे अधिक होती है. क्योंकि स्मॉल कैप बाद में मिड और लार्ज में बदलता है. जैसे-जैसे इसमें बदलाव होता है रिटर्न उसी के अनुसार बढ़ता है. अब अगर हम मल्टी कैप फंड की बात करें तो सेबी के नियम के मुताबिक, मल्टी कैप फंड जारी करने वाले फंड हाउस को अपना पैसा लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियों में 25,25,25 फीसदी लगाना होता है. उसके अलावा बाकि का 25% फंड मैनेजर अपनी समझदारी से किसी अच्छी जगह पर लगा सकता है. 

इसमें बेहतर रिटर्न की उम्मीद अधिक

मल्टी कैप को हमेशा कम जोखिम में बेहतर रिटर्न देने वाला माना जाता है. एक्सपर्ट हमेशा सलाह देते हैं कि कभी भी निवेशक को एक ही टाइप के फंड में पैसा नहीं लगाना चाहिए. अपना पोर्टफोलियो एक शातिर निवेशक कैसे बनाता है इसपर भी हम एक सीरिज बनाएंगे लेकिन अभी के लिए आपको बता दें कि आप हमेशा पैसा लगाते वक्त स्मॉल, मिड, मल्टी और लॉर्ज कैप वाली अलग-अलग कंपनियो में लगाएं. घबराइए मत रिटर्न की गणित अभी हम आपको बताएंगे कि प्रॉफिट कैसे बनता है और आप अपना ड्रीम कैसे पूरा कर सकते हैं.

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