फुल-बॉडी विट्रिफाइड और ग्लेज्ड विट्रिफाइड टाइल्स में क्या है अंतर, जानें आपके लिए कौनसी है सबसे बेस्ट?
ग्लेज्ड विट्रिफाइड टाइल्स और फुल बॉडी टाइल्स की अपनी-अपनी अलग खासियत है. ग्लेज्ड विट्रिफाइड टाइल्स खूबसूरती और डिजाइन के लिए बेस्ट है, जबकि फुल बॉडी मजबूती और टिकाऊ होती है.

आजकल घर, ऑफिस और बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में टाइल्स का इस्तेमाल सिर्फ खूबसूरती के लिए नहीं, बल्कि मजबूती और लंबे समय तक टिकाऊपन के लिए भी किया जाता है. मार्केट में कई तरह की टाइल्स मिलते हैं, लेकिन ग्लेज्ड विट्रिफाइड टाइल्स और फुल बॉडी विट्रिफाइड टाइल्स सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली टाइल्स हैं. वैसे तो देखने में दोनों लगभग एक जैसी लग सकती हैं, लेकिन इनके बीच काफी सारा अंतर होता है. यहां से आप इन दोनों ही टाइल्स के बारे में डिटेल में जान सकते हैं औ इनके बीच का अंतर भी समझ सकते हैं.
क्या होती हैं ग्लेज्ड विट्रिफाइड टाइल्स?
ग्लेज्ड विट्रिफाइड टाइल्स को मिट्टी, सिलिका, क्वार्ट्ज और फेल्डस्पार जैसे मटेरियल्स से बनाया जाता है. इन टाइल्स को बहुत ज्यादा दबाव और लगभग 1200°C तापमान पर पकाया जाता है. टाइल्स बनाने के इस प्रोसेस को ही विट्रिफिकेशन कहा जाता है, जिससे टाइल्स मजबूत और कम पानी सोखने वाली बनती हैं. इन टाइल्स की सबसे खास बात ये है कि इनके ऊपर एक डिजाइन वाली ग्लेज लेयर लगाई जाती है. डिजिटल प्रिंटिंग की मदद से इन पर मार्बल, लकड़ी या पत्थर जैसा लुक दिया जा सकता है. यही वजह है कि ये टाइल्स घरों और मॉडर्न इंटीरियर में काफी पसंद की जाती हैं.
क्या होती हैं फुल बॉडी टाइल्स?
फुल बॉडी टाइल्स भी विट्रिफाइड टाइल्स की ही एक कैटेगरी हैं, लेकिन इनमें रंग और डिजाइन पूरी टाइल में एक समान होता है. यानी अगर टाइल कट जाए या घिस जाए, तब भी अंदर और बाहर का रंग एक जैसा दिखाई देगा. इन टाइल्स को बनाते समय रंग सीधे कच्चे मटेरियल में मिलाया जाता है. यही कारण है कि ये ज्यादा टिकाऊ और मजबूत मानी जाती हैं. भारी भीड़भाड़ वाली जगहों पर इनका इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है.
दोनों टाइल्स के बीच का खास अंतर-
1. डिजाइन और रंग
फुल बॉडी टाइल्स यानी GVT/PGVT टाइल्स में डिजाइन सिर्फ ऊपर की सतह पर होता है. वहीं फुल बॉडी टाइल्स में पूरा रंग और पैटर्न अंदर तक एक जैसा रहता है.
2. टिकाऊपन
ग्लेज्ड टाइल्स ज्यादा घिसने पर अपनी ऊपरी डिजाइन खो सकती हैं. फुल बॉडी टाइल्स लंबे समय तक एक जैसी दिखती हैं क्योंकि उनका रंग पूरी टाइल में होता है.
3. मजबूती
फुल बॉडी टाइल्स स्क्रैच, टूट-फूट और भारी दबाव को बेहतर तरीके से सहन करती हैं और GVT टाइल्स मजबूत तो होती हैं, लेकिन इनका फोकस ज्यादा डिजाइन और फिनिश पर होता है.
4. इस्तेमाल
GVT टाइल्स घरों, बेडरूम, किचन और दीवारों के लिए बेहतर हैं. वहीं फुल बॉडी टाइल्स एयरपोर्ट, मॉल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बड़े कमर्शियल एरिया के लिए उपयुक्त हैं.
कौन-सी टाइल कहां लगानी चाहिए?
अगर आप अपने घर को स्टाइलिश और मॉडर्न लुक देना चाहते हैं, तो ग्लेज्ड विट्रिफाइड टाइल्स बेहतर विकल्प हैं. ये कम बजट में महंगे मार्बल और लकड़ी जैसा लुक देती हैं. वहीं, अगर जगह पर लोगों की आवाजाही ज्यादा है और टाइल्स को लंबे समय तक टिकाऊ रखना है, तो फुल बॉडी टाइल्स ज्यादा सही रहेंगी.
Source: IOCL


























