PPF में पैसे जमा करने का सही समय क्या है, यह EPFO और FD से कितना अलग है? निवेश से पहले दें ध्यान
PPF Investment: अपने भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए लोग निवेश करते हैं. निवेश के लिए EPFO, FD और PPF जैसे कई विकल्प है. लेकिन इनके फायदे और नियम अलग होते हैं. जानिए.

- एफडी, ईपीएफओ नियम, ब्याज, टैक्स पीपीएफ से भिन्न।
PPF Investment: हर कोई चाहता है कि नौकरी करने के दौरान ही वह अपने भविष्य के लिए अच्छी-खासी बचत कर ले, ताकि रिटायरमेंट के बाद होने वाले मेडिकल और रोजमर्रा के खर्चों के लिए किसी प्रकार की दिक्कत न हो. ऐसे में लोग सोचते हैं कि वह ऐसी जगह निवेश करें, जहां उन्हें अच्छा ब्याज मिले. निवेश के लिए EPFO, FD और PPF जैसे कई ऑप्शन मौजूद है. लेकिन यह तीनों ही निवेश के अलग-अलग ऑप्शन हैं और इनके नियम और फायदे सब अलग होते हैं.
PPF में पैसे जमा करने का सही समय क्या है?
ज्यादातर लोग सुरक्षित और लंबे समय के निवेश के लिए PPF यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड को पसंद करते हैं. लेकिन निवेश करना ही काफी नहीं होता है, बल्कि सही समय पर किया गया निवेश आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. अगर आप PPF में निवेश करने की सोच रहे हैं तो जान लें, इसमें हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करना फायदेमंद हो सकता है. इसका सबसे बड़ा कारण है कि ब्याज की गणना महीने की 5 तारीख के बाद और महीने के आखिरी दिन तक मौजूद सबसे कम बैलेंस को देखते हुए की जाती है.
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PPF के फायदे क्या है?
पब्लिक प्रोविडेंट फंड ऐसे लोगों के लिए एक अच्छा ऑप्शन है जो लंबे समय के लिए निवेश करना पसंद करते हैं.
- अगर आप PPF में निवेश करना चाहते हैं जो जान लें, इसमें 15 साल तक निवेश किया जा सकता है.
- फिलहाल पब्लिक प्रोविडेंट फंड पर 7.1 प्रतिशत ब्याज दर मिल रहा है.
- खासबात यह है कि इसमें मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाले पैसे टैक्स फ्री होते है.
- निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत छूट भी मिलती है.
- इस खाते के तीन साल पूरे हो जाने के बाद आप लोन ले सकते हैं.
- वहीं खाते के 6 साल पूरे होते ही आपको कुछ पैसे निकालने की सुविधा दी जाती है.
PPF से अलग है FD?
- FD यानी Fixed Deposit की अवधि 7 दिन से लेकर 10 साल तक की हो सकती है.
- इसका ब्याज पहले से तय होता है. आमतौर पर 6 प्रतिशत से लेकर 8.5 प्रतिशत के बीच रहता है.
- ध्यान रहे, इसके ब्याज पर टैक्स और TDS लागू हो सकता है.
- अगर किसी कारणवश आपको FD समय से पहले तोड़नी प़ड़े तो ऐसा किया जा सकता है.
- लेकिन ऐसे मामलों में बैंक पेनाल्टी ले सकता है.
EPFO और PPF में अंतर समझें
EPFO खासतौर पर नौकरी करने वाले लोगों के लिए होता है.
- EPFO में जो राशि जमा होती है वह रिटायरमेंट के बाद सेविंग के तौर पर काम करती है.
- इसकी मैच्योरिटी की बात करें तो यह आमतौर पर 58 साल की उम्र में होती है.
- खासबात यह है कि इसका ब्याज PPF से ज्यादा है.
- इसमें फिलहाल 8.25 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है.
- अगर आप नौकरी छोड़ रहे हैं तो पैसा निकाला जा सकता है.
- वहीं रिटायरमेंट जैसी स्थितियों में भी पैसा निकाला जा सकता है.
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