आपके Pan और Aadhar पर किसी ने फर्जी GST तो नहीं ले लिया? हाई कोर्ट ने मांगा जवाब
PAN-Aadhaar के गलत इस्तेमाल से फर्जी GST रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. अदालत ने इसे रोकने के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनाने को कहा है.

अगर आपके PAN और Aadhaar की जानकारी किसी गलत शख्स के हाथ लग जाए, तो इसका गलत इस्तेमाल सिर्फ बैंकिंग या अन्य वित्तीय कामों में ही नहीं, बल्कि फर्जी GST रजिस्ट्रेशन कराने के लिए भी किया जा सकता है. इससे आपके लिए कोई बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है. ऐसे मामलों में आपको उस बिजनेस से जुड़ी टैक्स देनदारी आ सकती है, जिसे आपने कभी चलाया ही नहीं.
ऐसे ही एक गंभीर मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. कोर्ट ने अधिकारियों को कहा कि निर्दोष लोगों के PAN और Aadhaar का गलत इस्तेमाल करके फर्जी GST रजिस्ट्रेशन किए जाने के मामलों को रोक लगाने के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करना बेहद जरूरी है. कोर्ट ने इस परेशानी का समाधान तलाशने के लिए संबंधित अधिकारियों को आखिरी मौका दिया है. हालांकि इस मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी.
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली हाई कोर्ट में फर्जी GST रजिस्ट्रेशन से जुड़े दो मामलों की सुनवाई चल रही थी. इनमें से एक मामला नेहा नाम की महिला ने दायर की थी. उनका आरोप था कि किसी दूसरे शख्स ने उनके PAN और Aadhaar की जानकारी का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी से उनके नाम पर GST रजिस्ट्रेशन करा लिया.
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अदालत ने कहा कि उसके सामने इस तरह का यह दूसरा मामला है. ऐसे में अगर महिला का यह आरोप सही पाया जाता है, तो इससे यह पता चलता है कि ऐसे और भी कई लोग हो सकते हैं, जिनके नाम पर फर्जी GST रजिस्ट्रेशन कराया गया है. इससे उन्हें ऐसे कारोबार की भारी टैक्स देनदारी का सामना करना पड़ सकता है, जिसे उन्होंने कभी किया ही नहीं.
फर्जी GST रजिस्ट्रेशन रोकने के लिए क्या सुझाव दिए गए?
इस मामले में अदालत की मदद कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता तरुण गुलाटी ने कुछ उपाय सुझाव के तौर पर दिए हैं. इनमें GST रजिस्ट्रेशन करने वाले व्यक्ति का आधार डेटाबेस के जरिए फेस वेरीफिकेशन जरूरी करने की बात कही गई है. इसके लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति का करीब 20-30 सेकंड का वीडियो लेकर उसकी पहचान की जांच की जा सकती है.
इसके अलावा GST आवेदन के दौरान इस्तेमाल किए गए IP एड्रेस और डिवाइस की लोकेशन का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जा सकता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इससे बाद में फर्जी रजिस्ट्रेशन होने पर यह पता लगाया जा सकता है कि आवेदन कहां और किस डिवाइस से किया गया था.
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