विदेश से अब भारत ला सकते हैं इतना सोना, बदल गया है नियम
अब तक विदेश से लौटते समय यात्रियों को ज्वेलरी की कीमत के हिसाब से कस्टम ड्यूटी भरनी पड़ती थी. यात्रियों को अक्सर एयरपोर्ट पर ज्वेलरी की कीमत और वैल्यू लिमिट को लेकर विवाद का सामना करना पड़ता था.

अगर आप विदेश घूमने जाते हैं या किसी काम से विदेश में रहते हैं और भारत लौटते समय अपने साथ सोना, ज्वेलरी या अन्य सामान लाना चाहते हैं, तो आपके लिए बहुत अच्छी खबर है. हाल ही में भारत सरकार ने Baggage Rules 2026 के तहत विदेश से लौटने वाले यात्रियों के लिए ड्यूटी-फ्री सीमा और ज्वेलरी की नियमावली में बड़े बदलाव किए हैं. ये बदलाव 2 फरवरी 2026 से लागू हो चुके हैं और इसका उद्देश्य यात्रियों के लिए नियमों को आसान, पारदर्शी और विवाद-मुक्त बनाना है.
अब तक, विदेश से लौटते समय यात्रियों को ज्वेलरी की कीमत के हिसाब से कस्टम ड्यूटी भरनी पड़ती थी. यात्रियों को अक्सर एयरपोर्ट पर ज्वेलरी की कीमत और वैल्यू लिमिट को लेकर विवाद का सामना करना पड़ता था. कई बार यात्रियों को यह साबित करना पड़ता था कि यह सामान व्यक्तिगत यूज के लिए है, बेचने के लिए नहीं. हालांकि, अब नई पॉलिसी के तहत सोने और चांदी की ज्वेलरी की ड्यूटी-फ्री सीमा वजन आधारित हो गई है, कीमत अब मायने नहीं रखेगी.
अब क्या बदला है सोने की ज्वेलरी के नियम में?
नई नियम के अनुसार, महिला यात्री अब अधिकतम 40 ग्राम तक की ज्वेलरी ड्यूटी-फ्री लाया जा सकता है. पुरुष यात्री और अन्य अधिकतम 20 ग्राम तक की ज्वेलरी ड्यूटी-फ्री लाई जा सकती है. ज्वेलरी सिर्फ व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए होनी चाहिए. इसे बेचने के लिए लाया गया सामान माना जाएगा तो उस पर कस्टम ड्यूटी लगेगी. ज्वेलरी के अलावा अगर कोई गोल्ड बार, गोल्ड सिक्के या सिल्वर बार लाता है, तो वह ड्यूटी-फ्री छूट में शामिल नहीं होंगे. ऐसे सामान पर अलग नियम लागू होंगे. इस बदलाव से लंबे समय से विदेश में रहने वाले एनआरआई और भारतीय मूल के यात्रियों को काफी राहत मिलेगी. अब एयरपोर्ट पर ज्वेलरी की कीमत को लेकर झंझट नहीं होगा, सिर्फ वजन देख कर ड्यूटी लगाई जाएगी.
सामान की ड्यूटी-फ्री सीमा भी बढ़ी
सरकार ने सिर्फ ज्वेलरी ही नहीं, बल्कि सामान पर ड्यूटी-फ्री सीमा भी बढ़ा दी है. भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के विदेशी निवासी अब 75,000 रुपये तक का सामान ड्यूटी-फ्री ला सकते हैं. पहले यह सीमा सिर्फ 50,000 रुपये थी. विदेशी पर्यटक अब 25,000 रुपये तक का सामान बिना ड्यूटी के ला सकते हैं. इस छूट में छोटे-मोटे गिफ्ट, पर्सनल इस्तेमाल का सामान और शॉपिंग आइटम शामिल हैं. लेकिन ध्यान रहे कि यह सीमा यात्रियों के बीच शेयर नहीं की जा सकती है.
एनआरआई और लंबे समय तक विदेश में रहने वाले यात्रियों के लिए विशेष छूट
अगर आप एक साल से ज्यादा समय तक विदेश में रहे हैं, तो अब आपके लिए ड्यूटी-फ्री सीमा बढ़ाई गई है. 1 साल तक विदेश में रहने वाले व्यक्ति1.5 लाख रुपये तक का सामान, 1 से 2 साल तक विदेश में रहने वाले व्यक्ति 3 लाख रुपये तक का सामान और 2 साल से ज्यादा समय विदेश में रहने वाले व्यक्ति 7.5 लाख रुपये तक का सामान ला सकते हैं. इससे विदेश से लंबी अवधि में लौटने वाले यात्रियों को काफी फायदा मिलेगा, खासकर उन लोगों को जो विदेश से महंगी ज्वेलरी या इलेक्ट्रॉनिक सामान लाते हैं.
लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर राहत
नई नियमावली में टेक्नोलॉजी उपयोगकर्ताओं के लिए भी राहत है 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के यात्री अपने साथ एक नया लैपटॉप या नोटपैड ड्यूटी-फ्री ला सकते हैं. यह लैपटॉप सिर्फ पर्सनल यूज के लिए होना चाहिए. भारत में करेंसी लाने या बाहर ले जाने के नियम पुराने Foreign Exchange Management Regulations, 2015 के अनुसार ही लागू रहेंगे. ड्यूटी-फ्री सामान सिर्फ पर्सनल यूज के लिए होना चाहिए और तय सीमा से ज्यादा लाने पर कस्टम ड्यूटी और जुर्माना लगेगा.
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Source: IOCL























