शॉपिंग करने के बाद क्या पेपर बैग फ्री में ले सकते हैं आप? जान लीजिए जवाब
शॉपिंग के बाद पेपर बैग मुफ्त मिलना जरूरी नहीं है, क्योंकि इस पर कोई स्पष्ट नियम नहीं है. हालांकि, अगर बैग पर स्टोर का लोगो है तो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत उसके लिए शुल्क नहीं लिया जा सकता.

अगर आप भी किसी मॉल या स्टोर से शॉपिंग करने जाते होंगे तो यह जरूर साेचते होंगे कि शॉपिंग के साथ पेपर बैग तो फ्री में मिलना चाहिए. लेकिन आज कल शॉपिंग करने के बाद पेपर बेग फ्री में नहीं दिया जाता है. बल्कि पेपर बैग के लिए आपको अलग से चार्ज देना पड़ता है.
पेपर बैग को लेकर 2011 से शुरू हुई थी बहस
दरअसल पेपर बैग फ्री में दिए जाने को लेकर बहस 2011 में शुरू हुई थी, जब केंद्र सरकार ने प्लास्टिक वेस्ट रूल लागू किया था. इस रूल में कहा गया था कि कोई भी कैरी बैग ग्राहकों को मुफ्त में उपलब्ध नहीं कराया जाएगा. सरकार ने यह नियम प्लास्टिक बैग के बढ़ते उपयोग को रोकने के उद्देश्य से लाया गया था.
रिटेलर्स ने इस नियम का गलत फायदा उठाया
2011 में सरकार की तरफ से प्लास्टिक वेस्ट रूल लागू करने के बाद कई रिटेलर्स ने इसका गलत फायदा उठाया था. सरकार का यह रूल प्लास्टिक बैग को लेकर था, जबकि रिटेलर्स प्लास्टिक बैग के साथ पेपर और कपड़े के बैग्स के लिए भी पैसे वसूलने लगे. वहीं इन अन्य बैग का नियमों में कोई स्पष्ट जिक्र नहीं था.
फ्री बैग को लेकर नियमों में किए गए बदलाव
प्लास्टिक वेस्ट रूल को लेकर सरकार ने 2016 में बदलाव किया था, जिसमें Explicit pricing of carry bags नाम से नया सेक्शन जोड़ा गया था इस सेक्शन में प्लास्टिक बैग बेचने वाले रिटेलर्स को वेस्ट मैनेजमेंट फीस देने और स्टोर पर जानकारी देने की बात कही गई थी कि ग्राहक को प्लास्टिक बैग पैसे देकर ही मिलेगा. लेकिन यह व्यवस्था भी कारगर नहीं रही और 2018 में इसे पूरी तरह हटा दिया गया.
पेपर बैग के चार्ज को लेकर अभी भी नहीं है कोई स्पष्ट नियम
2018 में बैग को लेकर जो सरकार ने नियम बनाए थे उसे हटाने के बाद से अभी तक भी पेपर बैग के चार्ज पर भी कोई स्पष्ट नियम नहीं है. हालांकि कुछ राज्य प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध लगाते हैं, लेकिन कागज के बैग के लिए कोई विशेष नियम नहीं है. कई दुकानदार पेपर के बैग के लिए चार्ज कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करने का कोई कानून नहीं है.
दुकानदार देते हैं Polluters Pay का तर्क
पेपर बैग को लेकर वर्तमान नियमों में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं है. ऐसे में दुकानदार कई बार यह तर्क देते हैं कि कानून में कहीं भी यह नहीं लिखा गया है कि बैग्स मुफ्त में देने होंगे. वह यह भी कहते हैं कि Polluters Pay के अनुसार जो प्रदूषण कर रहा है, उसे ही उसका खर्च उठाना चाहिए. इसलिए ग्राहक यदि कैरी बैग ले रहा है, तो उसे भुगतान करना होगा.
क्या कहता है उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986
शॉपिंग के बाद सामान ले जाने के लिए पेपर बैग के लिए शुल्क लिया जाता है. हालांकि कुछ दुकानें इसे मुफ्त में दे सकती हैं, लेकिन ज्यादातर जगहों पर आपको कुछ पैसे देने पड़ते हैं. शॉपिंग बैग्स को लेकर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के अनुसार दुकानदार अपने लोगो या नाम वाले बैग के लिए चार्ज नहीं कर सकता है. अगर कोई दुकानदार आपसे उनके लोगों वाले बैग का चार्ज कर रहा है तो आप उपभोक्ता फोरम में शिकायत कर सकते हैं.
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Source: IOCL






















