एक्सप्लोरर

रोज 8 km पैदल चल गुब्बारे बेचते हैं 70 साल के चाचा, रुला देगी कहानी

इंस्टाग्राम पर क्रिएटर अराधना चटर्जी ने समीर काका की कहानी शेयर की. उन्होंने बताया कि एक दिन उनकी नजर एक बुजुर्ग शख्स पर पड़ी, जो सड़कों पर धीरे-धीरे चलते हुए गुब्बारे बेचने की कोशिश कर रहे थे.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो इन दिनों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है. वीडियो में 70 साल के एक बुजुर्ग शख्स हाथों में रंग-बिरंगे गुब्बारों का गुच्छा लिए सड़कों पर धीरे-धीरे चलते नजर आ रहे हैं. उम्र का असर उनके कदमों पर साफ दिखाई देता है, लेकिन परिवार की जिम्मेदारी उन्हें हर दिन घर से निकलने के लिए मजबूर करती है. 

कोलकाता के ठाकुरपुकुर में रहने वाले समीर काका रोज करीब 8 किलोमीटर का सफर पैदल तय करते हैं. वह करीब 4 किलोमीटर पैदल चलकर गुब्बारे बेचने की जगह पहुंचते हैं, फिर 6 घंटे से ज्यादा समय तक ग्राहकों का इंतजार करते हैं और इसके बाद 4 किलोमीटर पैदल चलकर वापस घर लौटते हैं. उनकी कहानी सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी भावुक नजर आ रहे हैं.

हाथों में गुब्बारे, आंखों में ग्राहक की तलाश

इंस्टाग्राम पर क्रिएटर अराधना चटर्जी ने समीर काका की कहानी शेयर की. उन्होंने बताया कि एक दिन उनकी नजर एक बुजुर्ग शख्स पर पड़ी, जो सड़कों पर धीरे-धीरे चलते हुए गुब्बारे बेचने की कोशिश कर रहे थे. समीर लंगड़ाकर चल रहे थे और हाथ में गुब्बारों का गुच्छा था. वह लगातार इधर-उधर देखते हुए ऐसे ग्राहक की तलाश कर रहे थे, जो उनके पास रुककर गुब्बारा खरीद ले.

 
 
 
 
 
View this post on Instagram
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Aradhana Chatterjee (@storiesbyaradhana)

रोज 8 किलोमीटर का सफर, फिर घंटों इंतजार

समीर काका की रोजमर्रा की जिंदगी किसी संघर्ष से कम नहीं है. वह अपने किराए के घर से करीब 4 किलोमीटर पैदल चलकर उस जगह पहुंचते हैं, जहां गुब्बारे बेचते हैं. वहां पहुंचने के बाद भी उनका संघर्ष खत्म नहीं होता. वह 6 घंटे से ज्यादा समय तक ग्राहकों का इंतजार करते हैं. दिन खत्म होने के बाद उन्हें फिर करीब 4 किलोमीटर पैदल चलकर अपने घर वापस लौटना पड़ता है. यानी रोज का करीब 8 किलोमीटर का पैदल सफर और उसके बाद घंटों सड़क पर ग्राहकों की राह देखना उनकी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है.

26 साल से बेच रहे हैं गुब्बारे

समीर काका पिछले 26 साल से गुब्बारे बेचकर अपना और अपने परिवार का गुजारा चला रहे हैं. इतने लंबे समय से यही उनका रोजगार है. उम्र बढ़ने के साथ शरीर ने उनका साथ देना कम कर दिया, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों ने उन्हें रुकने नहीं दिया. आज भी वह अपने हाथों में गुब्बारों का गुच्छा लेकर रोज उसी उम्मीद के साथ निकलते हैं कि दिन में कुछ ग्राहक मिल जाएंगे और घर चलाने लायक कमाई हो जाएगी.

स्ट्रोक ने छीना शरीर का साथ

समीर की जिंदगी में मुश्किलें सिर्फ आर्थिक नहीं हैं. उन्हें एक समय स्ट्रोक भी आया था, जिसके कारण वह कई सालों तक पैरालाइज्ड रहे. इस बीमारी का असर आज भी उनकी शारीरिक स्थिति पर दिखाई देता है. स्ट्रोक के बाद उनकी गर्दन भी ठीक तरह से सीधी नहीं हो पाती. इसके बावजूद उन्होंने काम करना नहीं छोड़ा और धीरे-धीरे अपनी जिंदगी को दोबारा आगे बढ़ाया.

पैरों की गंभीर बीमारी से चलना भी मुश्किल

समीर के पैरों में त्वचा से जुड़ी गंभीर समस्या भी है. इसकी वजह से उनके लिए चलना काफी दर्दनाक और मुश्किल हो जाता है. वीडियो में भी उन्हें लंगड़ाते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ते देखा जा सकता है. आम तौर पर जहां एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए कुछ किलोमीटर पैदल चलना भी थकाने वाला हो सकता है, वहीं समीर अपनी शारीरिक परेशानियों के बावजूद रोज करीब 8 किलोमीटर का सफर पूरा करते हैं.

दिनभर की मेहनत के बाद सिर्फ 150 रुपये

समीर काका की कहानी का सबसे भावुक कर देने वाला पहलू उनकी कमाई है. रिपोर्ट के मुताबिक, वह एक सामान्य दिन में करीब 150 रुपये ही कमा पाते हैं. इतनी कम कमाई के बावजूद उनके ऊपर पूरे परिवार की जिम्मेदारी है. समीर पांच लोगों के परिवार में अकेले कमाने वाले सदस्य हैं. ऐसे में गुब्बारे बेचकर मिलने वाली छोटी सी रकम ही परिवार की जरूरतों को पूरा करने का जरिया बनी हुई है.

यह भी पढ़ें: चलती ट्रेन के एसी कोच में शीशा तोड़ अंदर घुसा पत्थर, होश उड़ा देगा वीडियो

वीडियो वायरल हुआ तो लोगों ने अराधना को दिया धन्यवाद

अराधना चटर्जी के वीडियो ने समीर की कहानी को सोशल मीडिया पर लोगों तक पहुंचाया. वीडियो देखने वाले कई लोगों ने अराधना की तारीफ की और कहा कि ऐसी कहानियों को सामने लाना जरूरी है. कुछ लोगों ने उन्हें आशीर्वाद दिया, तो कई यूजर्स ने किसी ऐसे व्यक्ति की जिंदगी दिखाने के लिए धन्यवाद कहा, जो बिना किसी शोर के हर दिन अपने परिवार के लिए मेहनत कर रहा है.

यह भी पढ़ें: बप्पा की भक्ति में डूबी तेलंगाना पुलिस, विसर्जन के दौरान लगाए ठुमके; देखें वीडियो

शेख इंजमाम उल हक

हजरत शेख इंजमाम को पत्रकारिता में 2 साल से ज्यादा का अनुभव है. भारत की शाही संस्कृति और गौरवशाली इतिहास के गवाह राजस्थान से उनका संबंध है. भारत की शिक्षा नगरी के तौर पर मशहूर कोटा उनकी कर्मभूमि है, जहां हर साल हजारों युवक बड़े-बड़े सपने लेकर, आईआईटी–जेईई और नीट की तैयारी के लिए इस शहर को अपना बसेरा बनाते हैं, लेकिन इंजमाम को इस शहर का ये माहौल रास नहीं आया और उन्होंने डॉक्टर, इंजीनियर बनने के बजाए पत्रकार बनने का फैसला किया. हालांकि, कोटा से 72 किमी दूर एक छोटे से गांव सीसवाली में जन्म लेने वाले इंजमाम ने इंटरमीडियट तक की पढ़ाई इसी शहर से की.

बचपन से हिंदी में रुचि और लगाव उन्हें पत्रकारिता के लिए दिल्ली खींच लाया. जहां उन्होंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री ली. उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी साहित्य में MA और एम.फिल. की डिग्री भी हासिल की.

इंडिया न्यूज़ और विकिपीडिया के लिए कार्य करने के बाद इंजमाम एबीपी लाइव से बतौर ट्रेनी जुड़े और अब प्रमोट होकर बतौर कॉपी एडिटर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.

शेख इंजमाम का हिंदी और उर्दू से खासा लगाव है और दोनों भाषाओं में शौकिया शायरी भी करते हैं. उन्होंने कई कविताएं रची हैं और अनेक साहित्यिक लेखों का सृजन किया है. साहित्य की एक अन्य विधा व्यंग्य भी उनका पसंदीदा विषय है.

ट्रेंडिंग और राजनीति उनकी पसंदीदा बीट है. राजनीतिक खबरों पर पैनी नजर की वजह से वो रोजाना के ट्रेंड और सोशल मीडिया पर पनपने वाले विचारों की बखूबी समझ रखते हैं.

शेख इंजमाम को घूमना पसंद है और उन्होंने भारत के कई शहरों और देहात का सफर किया है और वहां के रीति रिवाज, रहन सहन और सामाजिक ताने बाने को खूब समझते हैं.

इंजमाम को फिल्में देखने और गाने सुनने का भी शौक है. अमरीश पुरी और सलमान खान को वह अपने पसंदीदा अभिनेताओं में शुमार करते हैं. सूफी और क्लासिकल म्यूजिक भी उन्हें रुहानी सुकून देता है. उन्हें फिल्मी अभिनेताओं, कलाकारों और नेताओं के इंटरव्यू देखने का भी शौक है.

भाषा पर मजबूत पकड़ और लेखन की विभिन्न शैली में गहरी समझ रखने की वजह से वो खूबसूरत अंदाज़ में बड़ी आसानी से खबरों को पेश करने में सफल रहते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

स्कूटी खरीदने चिल्लर लेकर Showroom पहुंच गया शख्स, गिनने में छूटे पसीने
स्कूटी खरीदने चिल्लर लेकर Showroom पहुंच गया शख्स, गिनने में छूटे पसीने
8 महीने के बच्चे ने माता के भजनों पर यूं किया डांस, जमकर लगाए जयकारे
8 महीने के बच्चे ने माता के भजनों पर यूं किया डांस, जमकर लगाए जयकारे
चोर की आई शामत, पहले खिड़की से लटकाया फिर चलती ट्रेन से फेंका
चोर की आई शामत, पहले खिड़की से लटकाया फिर चलती ट्रेन से फेंका
रेलवे स्टेशन पर रील बनाना पड़ा भारी, पुलिस ने दीदी की यूं लगाई क्लास
रेलवे स्टेशन पर रील बनाना पड़ा भारी, पुलिस ने दीदी की यूं लगाई क्लास
Advertisement

वीडियोज

सोशल मीडिया की हसीन 'विष कन्या !
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल का पूरा प्लान क्या है?
चाय की चुस्की CEC के खिलाफ विपक्ष की 'नई रणनीति' !
एक चाय, दो बिस्किट-SIR की जंग में कौन 'हिट'
राहुल का प्रोटेस्ट..अमित शाह ने संभाल लिया 'मोर्चा'
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
CEC विवाद: अमित शाह पर कांग्रेस का पलटवार, '...ये साबित करते हैं कि वे 2029 में भी जीतेंगे'
CEC विवाद: अमित शाह पर कांग्रेस का पलटवार, '...ये साबित करते हैं कि वे 2029 में भी जीतेंगे'
अनुष्का के भाई आकाश यादव का बड़ा आरोप, '…पूरे परिवार की हत्या हो जाएगी'
अनुष्का के भाई आकाश यादव का बड़ा आरोप, '…पूरे परिवार की हत्या हो जाएगी'
क्या मोदी कैबिनेट में फेरबदल तय है? एक और मंत्री ने दिया इस्तीफा
क्या मोदी कैबिनेट में फेरबदल तय है? एक और मंत्री ने दिया इस्तीफा
सचिन तेंदुलकर के इन 3 रिकॉर्ड्स को कोई नहीं तोड़ पाएगा, विराट-रूट के लिए भी असंभव
सचिन तेंदुलकर के इन 3 रिकॉर्ड्स को कोई नहीं तोड़ पाएगा, विराट-रूट के लिए भी असंभव
'पति पत्नी और पंगा 2': सिर पर पल्लू लिए सास का हाथ थामे दिखीं मनोज तिवारी की पत्नी सुरभि
'पति पत्नी और पंगा 2': सिर पर पल्लू लिए सास का हाथ थामे दिखीं मनोज तिवारी की पत्नी सुरभि
INDIA गठबंधन पर अभिजीत दीपके बोले, 'मैं सिर्फ ये चाहता हूं कि...
INDIA गठबंधन पर अभिजीत दीपके बोले, 'मैं सिर्फ ये चाहता हूं कि...
'हम एकजुट', इंडिया गठबंधन के नेताओं से बैठक के बाद बोले राहुल- लोकतंत्र की बहाली मिशन
'हम एकजुट', इंडिया गठबंधन के नेताओं से बैठक के बाद बोले राहुल- लोकतंत्र की बहाली मिशन
सियासी हंगामें के बीच CM विजय ने चंद्रबाबू नायडू से की मुलाकात, क्या कुछ हुई बात?
सियासी हंगामें के बीच CM विजय ने चंद्रबाबू नायडू से की मुलाकात, क्या कुछ हुई बात?
Embed widget