11 साल बाद पुणे लौटेगा NRI कपल, एआई और जॉब स्ट्रेस के कारण लिया फैसला
Tech Couple Return to India: करियर के बढ़ते दबाव और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण यह एनआरआई कपल 11 साल बाद आयरलैंड छोड़ अगले साल तक पुणे वापस आने की प्लानिंग कर रहा है.

Tech Couple Return to India: आयरलैंड में 11 साल बिताने के बाद एक भारतीय टेक कपल अगले साल मई तक हमेशा के लिए भारत के पुणे में शिफ्ट होने जा रहा है. इस कपल का कहना है कि आईटी सेक्टर में नौकरी का बढ़ता तनाव और एआई के आने का दबाव अब उन पर भारी पड़ रहा है. कपल अपनी दो बेटियों के भविष्य को लेकर भी काफी चिंतित है, जो माता-पिता की काम में व्यस्तता के कारण दिनभर डे-केयर में रहती हैं क्योंकि विदेश में उनकी देखभाल के लिए परिवार का कोई दूसरा सदस्य मौजूद नहीं है. अगर यह कपल पुणे चले जाते हैं, तो उनके बच्चों की देखभाल के लिए बस उनके दादा-दादी होंगे.
कपल ने क्या कहा?
विदेश में बच्चों की अकेली परवरिश के दर्द को बताते हुए कपल ने कहा अगर हम आयरलैंड में ही रहे, तो हमारे बच्चों की पूरी जिंदगी सुबह 8 से शाम 6 बजे तक क्रेच, स्कूल और ब्रेकफास्ट क्लबों के चक्कर काटते हुए सिर्फ संस्थागत देखभाल के भरोसे बीत जाएगी. साथ ही विडंबना देखिए कि हम दोनों दिन-रात दफ्तरों में काम कर मोटी कमाई सिर्फ इसलिए करेंगे ताकि उस डे-केयर का भारी-भरकम खर्च उठा सकें, क्योंकि विदेश में हमारे साथ कोई परिवार नहीं है.
उन्होंने एक भावुक अंदाज में कहा पुणे में हमारे बच्चे स्कूल की छुट्टी के बाद सीधे अपने दादा-दादी की गोद में जाएंगे. मेरे लिए यह एक तस्वीर, दुनिया के किसी भी बड़े पैकेज या बैंक बैलेंस के हिसाब-किताब से कहीं ज्यादा कीमती है. कपल ने आगे बताया कि पिछले 11 साल से वे विदेश में अकेले ही जिंदगी जी रहे थे और अब वे अपनी बची हुई जिंदगी को मशीन की तरह उन्हीं थका देने वाले कामों में नहीं दोहराना चाहते.
NRI के अकेलेपन को बताते हुए इस जोड़े ने कहा किराए के हॉलों में मनाए जाने वाले त्योहार कभी असली त्योहार नहीं हो सकते. इसके अलावा कुछ ऐसी भी छोटी-छोटी बातें होती हैं, जिनके बारे में सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट नहीं करता. जैसे ही हम किसी जगह कदम रखते हैं, लोगों के बीच की बातचीत अचानक रुक जाती है. विदेश में सालों रहने के बावजूद, हमेशा एक अजीब सा अहसास बना रहता है कि हम यहां के होकर भी यहां के नहीं हैं.
यह भी पढ़ें - क्या हुआ जब बच्चों के खेलने वाली फिसलपट्टी पर बंदर आ गया? चौंक गए सब
लोगों ने दिए सुझाव
जैसे ही पोस्ट वायरल हुई, लोग तरह-तरह के सुझाव देने लगे. एक यूजर ने बताया कि वे एक मेडिकल प्रोफेशनल होने और नौकरियों की कमी या वीजा संबंधी समस्याओं का सामना न करने के बावजूद अमेरिका से भारत वापस आ गए. तो वह एक और यूजर लिखता है कि भारत वापस लौटने के फैसले में हर नफे-नुकसान को तौलने से कहीं ज्यादा जरूरी है आपका खुद पर भरोसा और फैसला लेने की हिम्मत. क्योंकि कमियां और खूबियां हर देश में होती हैं, लेकिन चाहे भारत हो या विदेश, आप जहां भी रहें, वहां खुश रहने के लिए एक मजबूत संकल्प की जरूरत होती है. आपका यह कदम बेहद साहसी है. हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं, जिंदगी के इस नए अध्याय में आप बेहद सफल होंगे.
एक अन्य यूजर लिखता है कि भारत की शिक्षा व्यवस्था बच्चों को असल जिंदगी की कठोर हकीकत का सामना करने के लिए तैयार करती है. इसके विपरीत, पश्चिमी देशों का एजुकेशन सिस्टम बच्चों को एक तय दायरे और बेहद सीमित सोच में बांधकर रख देता है.
यह भी पढ़ें - 14 अगस्त पर पाकिस्तान में कटा हरा केक, भूखे-नंगों की तरह लूट ले गई पब्लिक





















