Induction Working Mechanism: Induction पर सिर्फ बर्तन गर्म होता है, चूल्हा क्यों नहीं? जानें टेक्नोलॉजी
Induction Working Mechanism: Induction के अंदर ऐसी कौन सी तकनीक होते है जो बिना चूल्हे को गर्म किए, खाना पका देती है. जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण.

Induction Working Mechanism: आज के दौर में हर किचन में Induction रसोई बनाने का एक जरुरी हिस्सा बन चुका है. इसका इस्तेमाल करने वाले गैस सिलेंडर के खत्म होने की टेंशन से दूर हो जाते हैं. क्योंकि यह बिजली से चलने वाला चूल्हा बेहद तेजी से खाना बना देता है. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि इंडक्शन चूल्हे पर रखा बर्तन तो खौलने लगता है, लेकिन अगर आप उसके ठीक बगल में या बर्तन हटाकर चूल्हे की सतह पर हाथ रख दें, तो वह बिल्कुल ठंडी महसूस होती है. आम गैस चूल्हा या इलेक्ट्रिक हीटर खुद गर्म होकर बर्तन को गर्मी देते हैं, जिससे उनके ऊपर हाथ रखना नामुमकिन होता है. लेकिन इंडक्शन के मामले में ऐसा बिल्कुल नहीं होता.
क्या है इसके पीछे की टेक्नोलॉजी?
इंडक्शन चूल्हे के इस अनोखे तरीके के पीछे कोई जादू नहीं, बल्कि विज्ञान का एक बेहद सीधा नियम काम करता है, जिसे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन या विद्युत चुंबकत्व कहते हैं. जब हम इंडक्शन का स्विच ऑन करते हैं, तो इसके सिरेमिक या कांच की ऊपरी सतह के नीचे छिपी तांबे की एक गोल कॉइल में बिजली की धारा दौड़ने लगती है. बिजली की यह लहर उस कॉइल के चारों ओर एक अदृश्य चुंबकीय क्षेत्र तैयार कर देती है. यह चुंबकीय क्षेत्र चूल्हे की ऊपरी सतह को बिना छुए सीधे पार कर जाता है.
बर्तन कैसे गर्म होता है?
ऐसे में जब आप इस चुंबकीय क्षेत्र के ऊपर इंडक्शन सपोर्टेड बर्तन जैसे लोहे या स्टेनलेस स्टील का बर्तन रखते हैं, तो वह अदृश्य चुंबकीय क्षेत्र बर्तन के पेंदे से टकराता है. चुंबकीय क्षेत्र के टकराते ही बर्तन के धातु के अंदर बिजली के छोटे-छोटे गोल चक्कर घूमने लगते हैं, जिन्हें विज्ञान की भाषा में एडी करंट कहा जाता है. जब यह करंट बर्तन के पेंदे में दौड़ने की कोशिश करता है, तो भारी घर्षण और रुकावट पैदा होती है. इसी रुकावट के कारण बर्तन के अंदर ही गर्मी पैदा होने लगती है. यह गर्मी चूल्हे से बर्तन में नहीं आती, बल्कि खुद बर्तन के पेंदे के अंदर ही पैदा होती है और सीधे उसमें रखे दूध, पानी या सब्जी को गर्म कर देती है.
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चूल्हा ठंडा क्यों रहता है?
दरअसल, चूल्हे की ऊपरी सतह आमतौर पर सिरेमिक या एक खास किस्म के कांच से बनी होती है. कांच और सिरेमिक जैसी चीजें नॉन मैग्नेटिक होती हैं, यानी इन पर चुंबकीय क्षेत्र का कोई असर नहीं होता. हां, खाना पकने के बाद जब आप बर्तन हटाते हैं, तो बर्तन की अपनी गर्मी की वजह से वह कांच थोड़ा गुनगुना जरूर महसूस हो सकता है, लेकिन चूल्हा खुद से कोई गर्मी पैदा नहीं करता.
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