इलेक्ट्रिक केतली को कैसे पता चलता है गर्म हो गया पानी, खुद कैसे होती है बंद?
Electric Kettle Technology: इलेक्ट्रिक केतली का में ऐसी कौन सी तकनीक होती है, जिससे इलेक्ट्रिक केतली को पता चल जाता है कि पानी गर्म हो चुका है? जानिए इसके पीछे के विज्ञान को.

Electric Kettle Technology: सर्दियों के मौसम में हर व्यक्ति को सुबह उठते ही अगर कुछ याद आता है, तो वह है गरमा-गरम चाय. इसके बिना कई लोगों का तो दिन ही नहीं बनता. ऐसे में आज हर घर में इलेक्ट्रिक केतली का इस्तेमाल एक जरुरत बन चुकी है. हम बस केतली में पानी भरते हैं, बटन दबाते हैं और कुछ ही मिनटों में पानी उबल जाता है. सबसे मजेदार बात यह है कि पानी उबलते ही केतली का बटन खट से अपने आप बंद हो जाता है.
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना किसी कंप्यूटर या सेंसर स्क्रीन के, इस साधारण सी दिखने वाली केतली को कैसे पता चल जाता है कि पानी गर्म हो चुका है. क्या इसके पीछे का विज्ञान? आइए जानते है इन सब सवालों के जवाब.
भाप बनने से बंद होती है केतली
ज्यादातर लोगों को लगता है कि केतली के अंदर कोई ऐसा थर्मामीटर लगा है जो पानी के 100 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचते ही उसे बंद कर देता है. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. केतली पानी के तापमान को नहीं, बल्कि उबलते पानी से निकलने वाली भाप को भांपती है. जब आप केतली का बटन चालू करते हैं, तो इसके नीचे लगा हीटिंग एलिमेंट गर्म होने लगता है, जिससे पानी गर्म होता है.
जब पानी पूरी तरह उबलने लगता है, तो केतली के अंदर तेजी से भाप बनने लगती है. केतली का ढक्कन बंद होने के कारण यह भाप बाहर नहीं भाग पाती और अंदर एक दबाव बनता है. साथ ही केतली के हैंडल में एक खास तरीके का बटन लगा होता है. ऐसे में जब पानी उबलता है, तो भारी मात्रा में गर्म भाप इस हैडंल से होती हुई नीचे की तरफ जाती है. यही भाप सीधे जाकर उस बटन से टकराती है जो पूरी केतली को बंद करने का काम करता है.
केतली का असली दिमाग
हैंडल के बिल्कुल नीचे, जहां स्विच लगा होता है, वहां एक छोटी सी धातु की पत्ती होती है. विज्ञान की भाषा में इसे बायोमेटालिक स्ट्रिप या द्वि-धातु पट्टी कहा जाता है. इस पट्टी को दो अलग-अलग धातुओं जैसे तांबा और लोहा को आपस में जोड़कर बनाई जाती है. जैसे ही उबलते पानी की गर्म भाप नली से होकर इस बायोमेटालिक पट्टी पर गिरती है, यह पट्टी गर्म होकर एक तरफ मुड़ जाती है. ऐसे में पट्टी के मुड़ते ही केतली के इलेक्ट्रिक सर्किट का कनेक्शन टूट जाता है. जिससे केतली के बिजली की सप्लाई बंद हो जाती है.
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ढक्कन खुला रखने पर क्यों बंद नहीं होती केतली?
दरअसल, ढक्कन खुला रहने पर भाप ऊपर से बाहर निकल जाती है और हैंडल के अंदर बनी नली में नहीं जा पाती. जब भाप नीचे स्विच तक पहुंचेगी ही नहीं, तो बायोमेटालिक स्ट्रिप गर्म होकर मुड़ेगी नहीं, और केतली लगातार चलती रहेगी. ऐसा होने पर केतली के जलने या शॉर्ट सर्किट होने का खतरा रहता है.
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