एक्सप्लोरर

टीवी रिमोट ब्लूटूथ से क्यों नहीं चलते? वर्षों पुरानी वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

TV Remote Bluetooth: इन दिनों जब हर गैजेट में ब्लूटूथ कनेक्टिविटी दी जा रही है तो टीवी और एसी आदि के रिमोट अभी भी इंफ्रारेड से क्यों चलते हैं? इसके जवाब में कई कारण छिपे हुए हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • ब्लूटूथ से ज्यादा रेंज, कई डिवाइस कंट्रोल करने के फायदे हैं।

TV Remote Bluetooth: जब स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच और यहां तक की स्मार्ट टीवी में ब्लूटूथ है तो टीवी के रिमोट में ब्लूटूथ क्यों नहीं है? क्या आपके मन में यह सवाल आया है कि अब जब सारे मॉडर्न गैजेट ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के साथ आ रहे हैं तो टीवी रिमोट अभी भी इंफ्रारेड के साथ क्यों चिपके हुए हैं? इसका जवाब और वजह बड़ी आसान-सी है. यह जानने से पहले जानते हैं कि टीवी रिमोट काम कैसे करते हैं और क्यों इनमें अभी भी दशकों पुरानी टेक्नोलॉजी यूज हो रही है.

कैसे काम करते हैं इंफ्रारेड वाले रिमोट?

1970 और 80 के दशक में इंफ्रारेड रिमोट का चलन शुरू हुआ था. अल्ट्रासॉनिक क्लिकर की जगह लेने वाले ये रिमोट जल्दी ही पॉपुलर हो गए और टीवी, प्रोजेक्टर से लेकर एयर कंडीशनर तक में इनका यूज होने लगा. इनके काम करने का तरीका बड़ा आसान है. रिमोट में लगा एक माइक्रोप्रोसेसर बाइनरी कोड क्रिएट करता है. इस कोड को रिमोट में लगा एमिटर लाइट की पल्सेस के तौर पर एनकोड करता है, जिसे डिवाइस की तरफ फ्लैश किया जाता है. उस लाइट को सामने वाला डिवाइस डिकोड कर कमांड में बदल देता है. यही तरीका है कि जब आप रिमोट पर बटन दबाते हैं तो टीवी में चैनल चेंज हो जाता है.

आज भी क्यों यूज हो रही है दशकों पुरानी टेक्नोलॉजी

पिछले कुछ सालों में टीवी समेत लगभग सारे गैजेट का स्वरूप बदल गया है तो यह सवाल उठना लाजिमी है कि रिमोट में अब भी दशकों पुरानी टेक्नोलॉजी क्यों यूज हो रही है. इसके जवाब में कम लागत, रिलायबिलिटी, पावर एफिशिएंसी और सिंपलिसिटी जैसी कई चीजें गिनाईं जा सकती हैं. यानी टीवी रिमोट मे कई वर्षों से चले आ रहे इंफ्रारेड को यूज करना सस्ता पड़ता है, यह ज्यादा भरोसेमंद है और वायरलेस टेक्नोलॉजी के मुकाबले यह कम पावर कंज्यूम करता है. इसे यूज करने के लिए कंपनियों को किसी तरह की यूटिलिटी फीस भी नहीं देनी पड़ती. इन्हीं कारणों के चलते कंपनियां आज भी टीवी रिमोट में ब्लूटूथ की बजाय इंफ्रारेड का यूज कर रही है.

ब्लूटूथ के भी हैं कई फायदे

ब्लूटूथ कई भी कई फायदे हैं और अगर टीवी रिमोट में इसे यूज किया जाता है तो टीवी देखना आसान हो जाएगा. ब्लूटूथ की रेंज इंफ्रारेड से ज्यादा होती है. इसका फायदा यह होगा कि दूसरे कमरे से भी टीवी को कंट्रोल किया जा सकेगा. इसी तरह एक रिमोट कई डिवाइस को कंट्रोल करने के काम आ सकता है.

ये भी पढ़ें-

क्या आपके फोन की स्क्रीन भी ऐसा कर रही है? ये 5 संकेत हैं खतरे की घंटी

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले एक दशक से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हूं. फिलहाल एबीपी न्यूज के साथ काम कर रहा हूं और यहां टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों, गैजेट्स, ऐप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रेंड्स पर लिख रहा हूं. फ्यूचर टेक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया से जुड़े टॉपिक्स में विशेष रुचि है. पिछले 10 वर्षों में नेशनल, पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, ऑटो, बिजनेस और टेक समेत कई बीट्स पर काम करने का अनुभव रहा है. इस दौरान टाइम्स इंटरनेट, दैनिक जागरण और न्यूजबाइट्स जैसे कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. 

विभिन्न बीट्स पर काम करने के अनुभव ने खबरों को अलग-अलग नजरिए से समझने और पेश करने की समझ दी. रिपोर्टिंग और कंटेंट लिखने के दौरान हमेशा कोशिश रही कि खबरों को आसान और भरोसेमंद तरीके से रीडर तक पहुंचाया जाए. 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान ग्राउंड रिपोर्टिंग करने और कई नेताओं के इंटरव्यू लेने का भी अवसर मिला. 

काम के सिलसिले में कई बड़े कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और विशेष आयोजनों को कवर करने का मौका मिला, जहां अलग-अलग पहलुओं को समझने का अवसर मिला. डिजिटल मीडिया के लगातार बदलते दौर में नई चीजें सीखने और खुद को अपडेट रखने की कोशिश रहती है, ताकि कंटेंट को बेहतर और रीडर के समझने के लिए आसान बनाया जा सके.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

टीवी रिमोट ब्लूटूथ से क्यों नहीं चलते? वर्षों पुरानी वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
टीवी रिमोट ब्लूटूथ से क्यों नहीं चलते? वर्षों पुरानी वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
क्या होता है Quantum Computer? जानिए नॉर्मल कंप्यूटर से कैसे है अलग
क्या होता है Quantum Computer? जानिए नॉर्मल कंप्यूटर से कैसे है अलग
कैसे Android Phones भूकंप आने से पहले ही अलर्ट भेज देते हैं? जानिए क्या है इसके पीछे की टेक्नोलॉजी
कैसे Android Phones भूकंप आने से पहले ही अलर्ट भेज देते हैं? जानिए क्या है इसके पीछे की टेक्नोलॉजी
सिर्फ बोलने से ही लॉक हो जाएगा आपका स्मार्टफोन! जानें कैसे यूज करें ये फीचर
सिर्फ बोलने से ही लॉक हो जाएगा आपका स्मार्टफोन! जानें कैसे यूज करें ये फीचर
Advertisement

वीडियोज

Sansani | Crime News | Ketan Murder Case:'विग लगाता था... इसलिए मरना था?' सिया का चौंकाने वाला दावा!
Welcome to the Jungle Review: Akshay Kumar की मजेदार कॉमेडी, लॉजिक नहीं सिर्फ एंटरटेनमेंट
Raakh के Villain Akash Makhija ने सुनाई struggle, Death Threatsऔर success की अनसुनी कहानी
Sansani | Ketan Agrawal Murder Case:मर्डर से ठीक एक दिन पहले सिया और चेतन ने रची थी ये साजिश!
Ketan Murder Case: 350 फीट गहरी खाई...'क्राइम कुंडली' सामने आई! | Bharat ki Baat
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
थलापति विजय का बड़ा फैसला, जननायकन के प्रोड्यूसर को दिल्ली में दी बड़ी जिम्मेदारी, BJP-DMK भड़की
थलापति विजय का बड़ा फैसला, जननायकन के प्रोड्यूसर को दिल्ली में दी बड़ी जिम्मेदारी, BJP-DMK भड़की
यूपी में बदलने वाला है मौसम, अयोध्या-वाराणसी समेत 31 जिलों में बारिश का अलर्ट; जानें IMD का अपडेट
यूपी में बदलने वाला है मौसम, अयोध्या-वाराणसी समेत 31 जिलों में बारिश का अलर्ट; जानें IMD का अपडेट
IND vs IRE 1st T20I: भारत की हार के 3 बड़े कारण, जानें क्यों और कैसे आयरलैंड के खिलाफ खत्म हुई बादशाहत
भारत की हार के 3 बड़े कारण, जानें क्यों और कैसे आयरलैंड के खिलाफ खत्म हुई बादशाहत
Carry On Jatta 4 BO Collection Day 1: 'कैरी ऑन जट्टा 4' ने मचाई धूम, गिप्पी ग्रेवाल की फिल्म ने तोड़ा अपने पहले पार्ट का रिकॉर्ड, जानें- कलेक्शन
'कैरी ऑन जट्टा 4' ने मचाई धूम, गिप्पी ग्रेवाल की फिल्म ने तोड़ा अपने पहले पार्ट का रिकॉर्ड, जानें- कलेक्शन
केतन को 350 फीट गड्ढे में धक्का चेतन दिया या सिया? CCTV और हुड्डी में उलझी मर्डर मिस्ट्री
केतन को 350 फीट गड्ढे में धक्का चेतन दिया या सिया? CCTV और हुड्डी में उलझी मर्डर मिस्ट्री
PoK विद्रोह: पाकिस्तान की फूड ब्लॉकेड नीति 14वें दिन भी जारी! कहुटा बॉर्डर पर सैकड़ों ट्रक खड़े, आम लोगों से भी जब्त हो रहा राशन
PoK विद्रोह: पाकिस्तान की फूड ब्लॉकेड नीति 14वें दिन भी जारी! कहुटा बॉर्डर पर खड़े सैकड़ों ट्रक
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को भेजा 'गिफ्ट', बोले - 'हैप्पी बर्थडे, प्लीज...'
CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को भेजा 'गिफ्ट', बोले - 'हैप्पी बर्थडे, प्लीज...'
Explained: दरवाजे पर दस्तक, फॉर्म और मतदान का अधिकार! दिल्ली में SIR के लिए कस लें कमर, क्या, कैसे, कब और क्यों होगा?
दरवाजे पर दस्तक, फॉर्म और मतदान का अधिकार! दिल्ली में क्या, कैसे, कब और क्यों होगा SIR?
Embed widget