कैसे काम करता है Abhigyan App, 15 अगस्त पर कैसे करेगा लाल किले की सुरक्षा?
Independence Day 2026: 15 अगस्त के दिन लाल किले पर बड़ी संख्या में वीआईपी, वीवीआईपी और करीब 25 हजार आम दर्शकों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां Abhigyan App का इस्तेमाल कर रही हैं.

Independence Day 2026 : 15 अगस्त 2026 को जब लाल किले की प्राचीर से देश के प्रधानमंत्री तिरंगा फहराएंगे, तब समारोह स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी रहेगी. इस बार सुरक्षा में सिर्फ पुलिस बल ही नहीं, बल्कि AI और मॉर्डन तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. लाल किले पर बड़ी संख्या में वीआईपी, वीवीआईपी और करीब 25 हजार आम दर्शकों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां Abhigyan App का इस्तेमाल कर रही हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि अभिज्ञान ऐप क्या है, कैसे काम करता है और 15 अगस्त पर यह कैसे लाल किले की सुरक्षा करेगा.
क्या है Abhigyan App?
Abhigyan App को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी NCRB की ओर से तैयार किया गया है. यह ऐप सुरक्षा एजेंसियों को मौके पर ही किसी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच करने में मदद करता है. इसके लिए सुरक्षाकर्मियों को हैंडहेल्ड बायोमेट्रिक डिवाइस और पोर्टेबल फिंगरप्रिंट स्कैनर दिए गए हैं. किसी व्यक्ति पर शक होने पर पुलिसकर्मी मौके पर ही उसका फिंगरप्रिंट स्कैन कर सकते हैं.
कैसे काम करता है Abhigyan App?
यह ऐप National Automated Fingerprint Identification System (NAFIS) से लिंक है. फिंगरप्रिंट स्कैन होने के बाद ऐप उसे एक करोड़ से ज्यादा अपराधियों वाले डेटाबेस में तलाशता है. पूरी प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाती है और करीब 35 सेकंड में पहचान से जुड़ा रिजल्ट सामने आ सकता है. अगर फिंगरप्रिंट किसी पुराने अपराधी के रिकॉर्ड से मैच होता है, तो स्क्रीन पर लाल सिग्नल दिखाई देता है और संबंधित व्यक्ति की आपराधिक जानकारी सामने आ जाती है. वहीं अगर कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिलता, तो हरा सिग्नल दिखाई देता है.
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लाल किले पर क्यों इस्तेमाल हो रहा है?
15 अगस्त जैसे बड़े और संवेदनशील कार्यक्रम में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच हर संदिग्ध व्यक्ति को जांच के लिए पुलिस स्टेशन ले जाना आसान नहीं होता है. ऐसे में Abhigyan App पुलिस को मौके पर ही फिंगरप्रिंट के जरिए जांच करने की सुविधा देती है. इससे भीड़ में मौजूद किसी संदिग्ध या पुराने अपराधी की पहचान जल्दी की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है.
15 अगस्त पर यह कैसे लाल किले की सुरक्षा करेगा?
लाल किले और आसपास के इलाकों में करीब 1,000 CCTV कैमरे लगाए गए हैं. इनमें फेशियल रिकग्निशन सिस्टम यानी FRS वाले कैमरे भी शामिल हैं. इसके अलावा हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों से लैस FRS वैन भी तैनात की गई हैं. ये सिस्टम भीड़ में चेहरों को स्कैन करके उपलब्ध डेटाबेस से मिलाते हैं. किसी वांटेड या संदिग्ध व्यक्ति की पहचान होने पर अलर्ट जारी किया जाता है और कंट्रोल रूम को जानकारी भेजी जाती है. इसके साथ ही एंटी-ड्रोन सिस्टम भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है.
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