स्मार्ट टीवी खरीदना होगा महंगा, इन दो कारणों से बढ़ सकते हैं दाम, जानें डिटेल्स
स्मार्टफोन के बाद अब आपको स्मार्ट टीवी खरीदने के लिए भी ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. मेमोरी चिप्स की कमी के अलावा टीवी इंडस्ट्री में LCD पैनल की भी शॉर्टेज आने की संभावना है.

- स्मार्टफोन के बाद अब स्मार्ट टीवी हुए महंगे, मेमोरी चिप्स की कमी के कारण बढ़ रहे दाम।
- LCD पैनल की लागत भी बढ़ी, चीनी निर्माताओं के प्रोडक्शन रोकने से सप्लाई पर असर।
- 32 से 65 इंच तक के टीवी पैनल होंगे महंगे, वैश्विक बाजार पर पड़ेगा असर।
- जनवरी से बढ़ेंगे टीवी पैनल के दाम, प्रोडक्शन बंद होने से फरवरी में और वृद्धि संभव।
मेमोरी चिप्स की कमी के इनके दाम तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसके चलते स्मार्टफोन महंगे हो गए हैं. अब इसका असर स्मार्ट टीवी समेत दूसरे इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स पर भी पड़ना शुरू हो गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, सैमसंग के co-CEO टीएम रोह ने कहा कि मेमोरी चिप्स की कमी के असर से कोई भी कंपनी बची नहीं है. चूंकि सैमंसग समेत कई कंपनियां अपने महंगे मॉडल्स में मेमोरी चिप्स का काफी इस्तमेाल करती हैं, इसलिए स्मार्ट टीवी बनाने की लागत बढ़ी है और इसका सीधा असर प्रोडक्ट की कीमतों पर पड़ेगा.
LCD पैनल भी हो रहे हैं महंगे
स्मार्ट टीवी महंगे होने के पीछे केवल मेमोरी चिप्स की कमी ही एकमात्र कारण नहीं है. पिछले कुछ समय से LCD पैनल बनाने वाली कंपनियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल, HKC, BOE और CSOT जैसे कई चाइनीज मैन्युफैक्चरर ने लेबर कॉस्ट कम करने के लिए अगले महीने अपने ऑपरेशन सस्पेंड करने की तैयारी की है. इससे बाजार में कम LCD पैनल उपलब्ध होंगे, जिससे इनकी मांग बढ़ेगी और एक बार फिर स्मार्ट टीवी कंपनियों के इनके दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं. इसके अलावा कई कंपनियां अपना स्टॉक भरकर बैठ गई हैं, जिससे मार्केट में इनकी कमी होना लाजिमी है.
इस साइज के टीवीज पर ज्यादा असर
ट्रेंडफोर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी से टीवी पैनल के प्राइस बढ़ने लगेंगे और इससे 32, 43, 55 और 65 इंच के पैनल महंगे हो जाएंगे. फरवरी में प्रोडक्शन बंद होने से दाम और ऊपर जा सकते हैं. बता दें कि दुनियाभर में लगभग 95 प्रतिशत टीवी में LCD पैनल यूज होते हैं. ऐसे में अगर दामों में जरा भी बढ़ोतरी होती है तो इसका असर ग्लोबल मार्केट पर पड़ना तय है. कहा जा रहा है कि अगर यह स्थिति कुछ महीनों तक जारी रहती है तो लोगों को स्मार्ट टीवी खरीदने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे.
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Source: IOCL

























