बार-बार Screenshot लेने से फोटो क्यों हो जाती है खराब? जानिए क्या है इसके पीछे का कारण, ज्यादातर लोग आज भी हैं अंजान
Tech Tips: ज्यादातर स्मार्टफोन और लैपटॉप स्क्रीनशॉट को PNG या JPEG फॉर्मेट में सेव करते हैं.

- स्क्रीनशॉट लेते समय डिवाइस स्क्रीन रेजोल्यूशन कैप्चर करता है, मूल गुणवत्ता नहीं।
- फाइल कंप्रेशन और अतिरिक्त प्रोसेसिंग से स्क्रीनशॉट की क्वालिटी घट जाती है।
- बार-बार शेयर करने पर ऐप्स क्वालिटी और कम कर देते हैं।
- मूल फाइल डाउनलोड करें या HD अपलोड सेटिंग का उपयोग करें।
Tech Tips: आज के समय में लगभग हर स्मार्टफोन और लैपटॉप यूजर रोजाना स्क्रीनशॉट लेता है. कोई चैट सेव करता है, कोई ऑनलाइन पेमेंट की रसीद, तो कोई सोशल मीडिया पोस्ट या फोटो. लेकिन कई बार ऐसा देखा जाता है कि स्क्रीनशॉट लेने के बाद तस्वीर की क्वालिटी पहले जैसी नहीं रहती. खासकर जब फोटो को ज़ूम किया जाता है या बार-बार शेयर किया जाता है तब इमेज धुंधली और कम साफ दिखाई देने लगती है.
असल में स्क्रीनशॉट कभी भी ओरिजिनल फोटो की पूरी क्वालिटी को सेव नहीं करता. इसके पीछे कई तकनीकी कारण होते हैं जिनमें स्क्रीन रेजोल्यूशन और फाइल कंप्रेशन सबसे बड़े फैक्टर माने जाते हैं.
स्क्रीनशॉट लेने पर क्वालिटी क्यों घट जाती है?
सबसे बड़ा कारण होता है रेजोल्यूशन लॉस. जब आप किसी हाई-क्वालिटी फोटो को मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन पर देखते है तो डिवाइस उस फोटो का केवल वही हिस्सा और वही क्वालिटी दिखाता है जो स्क्रीन सपोर्ट करती है. ऐसे में जब स्क्रीनशॉट लिया जाता है तो आपका डिवाइस असली फोटो फाइल को सेव नहीं करता बल्कि स्क्रीन पर दिख रही पिक्सल वाली कॉपी को कैप्चर करता है. यही वजह है कि स्क्रीनशॉट असली फोटो जितना शार्प नहीं होता.
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी सोशल मीडिया ऐप ने पहले से फोटो को कंप्रेस कर रखा है तो स्क्रीनशॉट उसी कंप्रेस्ड वर्जन का बनेगा. बाद में ज़ूम करने पर फोटो में ब्लरनेस, ग्रेन या डिटेल की कमी साफ नजर आने लगती है.
फाइल कंप्रेशन भी है बड़ी वजह
ज्यादातर स्मार्टफोन और लैपटॉप स्क्रीनशॉट को PNG या JPEG फॉर्मेट में सेव करते हैं. कई बार डिवाइस और ऐप्स स्टोरेज बचाने या तेजी से अपलोड करने के लिए इन फाइल्स को और ज्यादा कंप्रेस कर देते हैं. इस अतिरिक्त कंप्रेशन का असर फोटो की क्वालिटी पर पड़ता है. खासकर टेक्स्ट, चेहरे और छोटे ग्राफिक्स धुंधले दिखने लगते हैं.
बार-बार शेयर करने से और बिगड़ती है तस्वीर
बहुत से लोग नोटिस करते हैं कि WhatsApp, Instagram या अन्य चैट ऐप्स पर स्क्रीनशॉट भेजने के बाद उसकी क्वालिटी और खराब हो जाती है. ऐसा इसलिए क्योंकि ज्यादातर प्लेटफॉर्म अपने-आप फोटो का साइज और रेजोल्यूशन कम कर देते हैं.
इससे अपलोडिंग तेज होती है और मोबाइल डेटा भी कम खर्च होता है, लेकिन फोटो की शार्पनेस कम हो जाती है. कई बार पेमेंट रसीदों का टेक्स्ट पढ़ना मुश्किल हो जाता है या डॉक्यूमेंट्स की जरूरी जानकारी साफ नजर नहीं आती.
स्क्रीनशॉट को ब्लर होने से कैसे बचाएं?
अगर आप चाहते हैं कि स्क्रीनशॉट ज्यादा साफ और शार्प दिखें तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
ओरिजिनल फोटो डाउनलोड करें
जहां संभव हो, स्क्रीनशॉट लेने के बजाय असली इमेज या डॉक्यूमेंट डाउनलोड करें. इससे क्वालिटी बेहतर बनी रहती है.
HD अपलोड सेटिंग ऑन रखें
WhatsApp और अन्य ऐप्स में HD या High Quality Upload विकल्प का इस्तेमाल करें.
बार-बार फॉरवर्ड करने से बचें
हर बार शेयर करने पर फोटो दोबारा कंप्रेस हो सकती है जिससे क्वालिटी गिरती जाती है.
ज्यादा क्रॉपिंग न करें
बहुत ज्यादा क्रॉप करने पर इमेज के पिक्सल कम हो जाते हैं और फोटो धुंधली दिखने लगती है.
डायरेक्ट शेयर फीचर का इस्तेमाल करें
कई ऐप्स ओरिजिनल फाइल शेयर करने का विकल्प देते हैं. स्क्रीनशॉट भेजने के बजाय वही तरीका बेहतर माना जाता है.
स्क्रीनशॉट सुविधाजनक हैं लेकिन परफेक्ट नहीं
स्क्रीनशॉट लेना बेहद आसान और तेज तरीका है लेकिन यह हमेशा ओरिजिनल फोटो की सही कॉपी नहीं होता. ज्यादातर मामलों में क्वालिटी इसलिए घटती है क्योंकि डिवाइस केवल स्क्रीन पर दिख रही इमेज को कैप्चर करता है जो पहले से कंप्रेस्ड हो सकती है.
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Source: IOCL
























