Mobile Restart Tips: मोबाइल को रोज री-स्टार्ट करना चाहिए या नहीं? जान लीजिए जवाब
Mobile Restart Tips: अक्सर देखने में आता है कि लोग अपने मोबाइल को डेली री-स्टार्ट करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं इसके फायदे और नुकसान? जानिए सिर्फ एक क्लिक में पूरी जानकारी

Mobile Restart Tips: आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है. सुबह जागने से लेकर रात को सोने तक, हमारा फोन लगातार काम करता रहता है. वहीं,लगातार चलने के कारण फोन के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर प्रेशर पड़ता है. ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या मोबाइल को रोज री-स्टार्ट करना चाहिए या नहीं? आइए इसका एकदम सटीक और वैज्ञानिक जवाब जानते हैं.
क्या रोज री-स्टार्ट करना जरूरी है?
टेक विशेषज्ञों के अनुसार, मोबाइल को रोज री-स्टार्ट करने की आवश्यकता नहीं होती है. आज के मॉडर्न स्मार्टफोन (एंड्रॉयड और आईओएस) बहुत ही एडवांस ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करते हैं. ये बैकग्राउंड ऐप्स और रैम (रैंडम एक्सेस मेमोरी) को खुद ही बेहतर तरीके से मैनेज कर लेते हैं. इसलिए रोज-रोज फोन बंद और चालू करने से कोई बड़ा लाभ नहीं होता है.
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सप्ताह में एक बार री-स्टार्ट करना है बेस्ट
भले ही रोज री-स्टार्ट करना जरूरी न हो, लेकिन हफ्ते में कम से कम एक बार फोन को री-स्टार्ट करना बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है. इसके कई कारण हैं
1.कैश मेमोरी की सफाई- जब हम फोन इस्तेमाल करते हैं, तो कई टेंपरेरी फाइलें (कैश फाइल्स) जमा हो जाती हैं. हफ्ते में एक बार री-स्टार्ट करने से यह कचरा साफ हो जाता है.
2.रैम होती है फ्री- अक्सर देखा जाता है कई ऐप्स बंद होने के बाद भी बैकग्राउंड में रैम का इस्तेमाल करते रहते हैं. री-स्टार्ट करने से रैम पूरी तरह खाली हो जाती है, जिससे फोन की स्पीड बढ़ जाती है.
3.बैटरी लाइफ में सुधार- इसके साथ ही बैकग्राउंड में चल रहे अनचाहे ऐप्स बंद होने से बैटरी की अनावश्यक खपत रुक जाती है, जिससे बैटरी बैकअप में सुधार होता है.
4.बग और क्रैश से छुटकारा- वहीं, लगातार चलने से कभी-कभी ऐप्स क्रैश होने लगते हैं या फोन हैंग करने लगता है. री-स्टार्ट करने से सिस्टम के छोटे-मोटे बग्स अपने आप ठीक हो जाते हैं.
डेली री-स्टार्ट करने के नुकसान
अगर आप अपने फोन को रोज बार-बार री-स्टार्ट करते हैं, तो इससे फोन की बैटरी पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ता है और फोन को पूरी तरह बूट (चालू) होने में अधिक प्रोसेसर पावर और बैटरी की जरूरत पड़ती है.
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