स्कैम से बचाने में काम आएगा Dual OTP System, जानिए कैसे करेगा काम
Dual OTP System: फाइनेंशियल फ्रॉड रोकने के लिए कई बैंकों ने Dual OTP System शुरू कर दिया है. इसमें ट्रांजेक्शंस कंप्लीट करने के लिए दो अलग-अलग OTP की जरूरत पड़ती है.

- बैंकों ने शुरू किया डुअल ओटीपी सिस्टम, ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षा.
- इसमें लेनदेन के लिए दो अलग-अलग ओटीपी की होती है आवश्यकता.
- पहला ओटीपी खाताधारक, दूसरा परिवार के सदस्य को भेजा जाता है.
- वरिष्ठ नागरिकों को धोखाधड़ी से बचाने में यह सिस्टम प्रभावी है.
Dual OTP System: लोगों को चूना लगाने के लिए स्कैमर लगातार नए-नए रास्ते निकाल रहे हैं. डिजिटल अरेस्ट, फेक इन्वेस्टमेंट स्कीम और दूसरे तरीकों से लोगों और खासकर सीनियर सिटीजन को टारगेट किया जा रहा है. इस तरह के मामलों में लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. कुछ ही मिनटों में स्कैमर लोगों की पूरी उम्र की कमाई उड़ा रहे हैं. अब इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए कुछ बैंकों ने एक नया सिस्टम शुरू किया है. इसे Dual OTP system नाम दिया गया है और यह प्रोटेक्शन की एक एडिशनल लेयर के तौर पर काम करता है. आइए जानते हैं कि यह सिस्टम क्या है और कैसे काम करता है.
क्या है Dual OTP System?
जैसा नाम से पता चला है यह सिस्टम Dual OTP को यूज कर बैंकिंग ट्रांजेक्शंस पर एक्स्ट्रा वेरिफिकेशन लेयर एड करता है. इस सिस्टम में ट्रांजेक्शन कंप्लीट करने के लिए एक साथ दो अलग-अलग OTP भेजे जाते हैं. पहला OTP अकाउंट होल्डर के पास, जबकि दूसरा किसी फैमिली मेंबर या नॉमिनी के पास जाता है. दोनों OTP वेरिफाई होने के बाद ही लेनदेन पूरा होता है. कुछ मामलों में अगर बैंकों को किसी लेनदेन पर संदेह होता है तो इसका अलर्ट भी फैमिली मेंबर के पास चला जाता है. इस सिस्टम के कारण सीनियर सिटीजन को बातों में फुसलाकर या डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पैसा ऐंठना मुश्किल हो जाता है.
स्कैम से कैसे बचाएगा Dual OTP System?
साइबर क्रिमिनल डरा-धमकाकर और अर्जेंसी दिखाकर लोगों से पैसा लूटते हैं. डिजिटल अरेस्ट स्कैम में स्कैमर पुलिस अधिकारी, जज या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और उन्हें तुरंत पैसा ट्रांसफर करने को कहते हैं. कई बार लोग डर के मारे तुरंत पैसा ट्रांसफर कर देते हैं. अब यह नया सिस्टम एक चेकप्वाइंट की तरह काम करेगा. अगर स्कैमर अकाउंट होल्डर को ट्रांजेक्शन करने के लिए राजी कर लेता है तो भी ट्रांजेक्शन कंप्लीट नहीं होगी. इसके लिए दूसरे OTP की जरूरत पड़ेगी. इससे फैमिली मेंबर को भी स्कैम की जानकारी मिल जाएगी और कुछ संदेहास्पद लगने पर वो ट्रांजेक्शन कैंसिल कर पाएंगे.
स्कैम से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- अपने घर के बुजुर्गों को साइबर फ्रॉड के बारे में जागरूक करें और उन्हें OTP शेयर न करने की सलाह दें.
- अवेलेबल होने पर सीनियर सिटीजन के अकाउंट पर Dual OTP System को एक्टिवेट करवा लें.
- किसी भी अनजान व्यक्ति को कॉल, मैसेज या ईमेल आदि पर अपनी पर्सनल जानकारी न दें.
ये भी पढ़ें-
iPhone 15 हो गया एकदम सस्ता, चार्जर भी मिल रहा फ्री, पहले नहीं आई ऐसी धमाकेदार सेल
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























