क्या प्राइवेट नहीं हैं WhatsApp पर भेजे जाने वाले मैसेज? Elon Musk बोले- इस पर भरोसा नहीं कर सकते
WhatsApp Encryption: मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp के एनक्रिप्शन पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. टेलीग्राम के सीईओ और एलन मस्क का कहना है कि इस मामले में व्हाट्सऐप पर भरोसा नहीं किया जा सकता.

- व्हाट्सऐप एनक्रिप्शन पर उठे सवाल, टेलेग्राम सीईओ और एलन मस्क ने घेरा।
- रिपोर्ट के अनुसार, थर्ड पार्टी मॉडरेशन के लिए मैसेज एक्सेस कर सकती है।
- मेटा ने आरोपों का खंडन किया, एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन का दावा किया।
- पिछले साल भी सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने एनक्रिप्शन पर सवाल उठाए थे।
WhatsApp Encryption: मेटा के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp के एनक्रिप्शन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. व्हाट्सऐप का दावा है कि उसके प्लेटफॉर्म पर सारे मैसेज एंड-टूं-एंड एनक्रिप्टेड होते हैं और सेंडर और रिसीवर के अलावा उन्हें कोई और नहीं पढ़ सकता. अब इस दावे पर सवाल खड़े होने लगे हैं. टेलीग्राम के सीईओ Pavel Durov और अमेरिकी अरबपति Elon Musk ने यूजर्स डेटा सेफ्टी को लेकर मेटा के इस प्लेटफॉर्म को घेरा है. दरअसल, हाल ही में एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें व्हाट्सऐपर यूजर के मैसेज एक्सेस करने का आरोप लगा था. मेटा ने इस रिपोर्ट का खंडन किया है.
इस रिपोर्ट के बाद WhatsApp Encryption पर उठने लगे सवाल
रिपोर्ट्स के अनुसार, मॉडरेशन के लिए व्हाट्सऐप के मैसेज थर्ड पार्टी एक्सेस कर सकती है. इस प्रोसेस में शामिल एक्सटर्नल फर्म्स के पास कुछ यूजर कंटेट की एक्सेस है. Durov ने इसी रिपोर्ट को हाइलाइट करते हुए व्हाट्सऐप पर आरोप लगाए हैं.
Pavel Durov और Elon Musk ने WhatsApp को घेरा
Durov ने व्हाट्सऐप को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कंपनी का एनक्रिप्शन सिस्टम इतिहास का सबसे बड़ा कंज्यूमर फ्रॉड है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्लेटफॉर्म ने यूजर्स को उनकी बातचीत की सिक्योरिटी को लेकर गुमराह किया है. यूजर्स के मैसेज थर्ड पार्टी कॉन्ट्रैक्टर के इंप्लॉयीज एक्सेस कर सकते हैं, जिससे डेटा प्राइवेसी को लेकर चिंताएं खड़ी होती हैं. मस्क ने भी कहा है कि व्हाट्सऐप पर भरोसा नहीं किया जा सकता. उन्होंने एक्स पर लिखा कि व्हाट्सऐप पर भरोसा नहीं किया जा सकता. इसके साथ ही उन्होने अपने प्लेटफॉर्म की मैसेजिंग सर्विस को भी प्रमोट किया. बता दें कि मस्क और Durov दोनों ही व्हाट्सऐप के कंपीटिटर हैं.
मेटा ने आरोपों पर क्या जवाब दिया है?
मेटा ने व्हाट्सऐप पर लगे आरोपों को खंडन करते हुए इन्हें झूठा बताया है. कंपनी ने कहा कि व्हाट्सऐप सिग्नल प्रोटोकॉल पर बेस्ड एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन यूज करती है, जो यह एनस्योर करता है कि केवल सेंडर और रिसीवर ही मैसेज पढ़ पाते हैं. कंपनी ने कहा कि मॉडरेशन सिस्टम एनक्रिप्शन को नहीं तोड़ता है. कंपनी चैट को डायरेक्ट एक्सेस करने की बजाय यूजर रिपोर्ट्स पर डिपेंड रहती है.
WhatsApp Encryption पर पहले भी उठे हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है, जब WhatsApp Encryption पर इस तरह सवाल उठ रहे हैं. पिछले साल साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट Nana Sei Anyemedu ने एक डेमो दिखाकर कंपनी के सिस्टम की पोल खोल दी थी. Anyemedu ने बताया है कि ट्रांसमिशन के दौरान मैसेज प्राइवेट रहते हैं, लेकिन रिसीवर के डिवाइस पर पहुंचने के बाद ये एनक्रिप्टेड नहीं रहते. डिवाइस को अनलॉक्ड, डिक्रिप्ट या फॉरेंसिक टूल्स के जरिए एक्सेस कर मैसेज की पूरी टाइमलाइन, टाइमस्टैंप और पार्टिसिपेंट डिटेल्स, फोटो, वीडियो, वॉइस नोट्स और अटैच्ड डॉक्यूमेंट्स से जुड़ी जानकारी निकाल सकती है.
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Source: IOCL


























