फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स से हो रहे स्कैम को लेकर सरकार ने दी वॉर्निंग, कही इन तीन चीजों का ध्यान रखने की बात
Fake Trading App Scam: फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स के जरिए स्कैम के बढ़ते खतरे के बीच सरकार ने नई एडवायजरी जारी की है. इसमें लोगों को इन ऐप्स से बचाव के तरीके बताए गए हैं.

- फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स लोगों को झांसे में लेकर ठगी कर रहे हैं।
- ये ऐप्स असली जैसी दिखकर निवेश के नाम पर पैसे ठगते हैं।
- आधिकारिक स्रोत, UPI हैंडल और ऐप की सत्यता जांचें।
- धोखाधड़ी होने पर साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
Fake Trading App Scam: पिछले कुछ समय से फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स के जरिए लोगों को स्कैम्स में फंसाया जा रहा है. इस बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने नई एडवायजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि लोगों को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर निवेश के जाल में फंसाया जा रहा है और आखिर में उन्हें अपना गंवाना पड़ता है. ये फर्जी ऐप्स दिखने में एकदम असली जैसी नजर आती हैं, जिससे लोगों के असली और नकली ऐप्स में फर्क कर पाना मुश्किल हो जाता है. आइए जानते हैं कि यह स्कैम कैसे काम करता है और इसे बचाव के लिए क्या किया जाना चाहिए.
Fake Trading App से कैसे होते हैं स्कैम?
सरकारी एडवायजरी में कहा गया है कि फर्जी ऐप्स का इंटरफेस और ब्रांडिंग बड़े ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स जैसी होती है. मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स, सोशल मीडिया एड और लिंक के जरिए इन ऐप्स को डाउनलोड करवाया जाता है. एक बार इंस्टॉल होने के बाद लोगों से स्टॉक और दूसरी जगहों पर निवेश के नाम पर पैसे डिपॉजिट करवा लिए जाते हैं. असल में यह पैसा निवेश की जगह ठगों के बैंक अकाउंट में चला जाता है. कई मामलों में लोगों को झूठा प्रॉफिट दिखाने के लिए फर्जी डैशबोर्ड बनाए जाते हैं. इससे लालच में आकर लोग और पैसा निवेश करते जाते हैं.
Fake Trading App Scam से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
सरकार ने ऐसे स्कैम से बचने के लिए लोगों को तीन बातों का ध्यान रखने को कहा है.
- पहली बात- यूजर्स को हमेशा ऑफिशियल सोर्सेस से बैंक डिटेल्स चेक करनी चाहिए. इससे उन्हें पता चल पाएगा कि उनका पैसा सही जगह निवेश हो रहा है या ठगों के अकाउंट में जा रहा है.
- दूसरी बात- हमेशा UPI हैंडल या पेमेंट गेटवे की ऑथेंटिसिटी को चेक करें. फर्जी ऐप्स हमेशा संदिग्ध पेमेंट क्रेडेंशियल्स यूज करती हैं.
- तीसरी बात- जब भी कोई ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करें, हमेशा उसके आगे लगे वेरिफाईड लेबल या सर्टिफिकेशन को चेक करना चाहिए. वेरिफाईड लेबल यह पहचानने में मदद करता है कि यह प्लेटफॉर्म लीगल है.
स्कैम का शिकार होने पर क्या करें?
अगर आप या आपका कोई जानकारी फाइनेंशियल स्कैम का शिकार हो गया है तो तुरंत इसकी शिकायत दर्ज करवाएं. ऐसी स्थिति में आप नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉन्टैक्ट कर सकते हैं या सरकार के साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं.
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Source: IOCL


























