What Is RAM Plus: RAM Plus क्या होता है, कैसे करता है काम? जानें इसके फायदे-नुकसान
What Is RAM Plus: हम जब भी नया स्मार्टफोन खरीदने जाते हैं तो सबसे पहले उसकी RAM चेक करते हैं, लेकिन कभी सोचा है आखिर ये RAM होती क्या है और हमारे फोन में इसका क्या काम होता है?

What Is RAM Plus: आजकल जब भी हम कोई नया स्मार्टफोन खरीदने जाते हैं, तो बॉक्स पर 6GB + 6GB या 8GB + 8GB RAM लिखा हुआ देखते हैं. कई बार स्मार्टफोन कंपनियां ग्राहकों को लुभाने के लिए इसे RAM Plus, Virtual RAM या Extended RAM का नाम देती हैं. लेकिन क्या आप कभी सोचा हैं कि यह रैम प्लस असल में क्या होता है और यह आपके फोन को फास्ट बनाता है या धीमा. दरअसल जब मुख्य फिजिकल रैम भर जाती है तो यह बैकग्राउंड ऐप्स को बंद होने से बचाने में मदद करता है. आइए आज जानते है कि आखिर यह RAM प्लस क्या है और यह काम कैसे करता है.
क्या होता है RAM Plus?
आसान भाषा में कहें तो 'रैम प्लस' आपके फोन में मौजूद असली रैम को वर्चुअली बढ़ाने का एक तरीका है. जब आप अपने स्मार्टफोन में भारी गेम खेलते हैं या एक साथ कई ऐप्स चलाते हैं, तो फोन की असली RAM कम पड़ने लगती है. ऐसे समय में RAM Plus फीचर आपके फोन के इंटरनल स्टोरेज में से कुछ जीबी जगह उधार ले लेता है और उसे रैम की तरह इस्तेमाल करने लगता है.
यह कैसे काम करता है
RAM Plus के काम करने का तरीका बहुत सीधा है. इसे हम एक उदाहरण से समझ सकते हैं. मान लीजिए आपके पास 6GB रैम और 128GB स्टोरेज वाला फोन है तो जब आप रैम प्लस फीचर को ऑन करके उसे 4GB पर सेट करते हैं, तो आपका फोन 128GB स्टोरेज में से 4GB हिस्सा रिजर्व कर लेता है. अब जब भी आप बैकग्राउंड में कई सारे ऐप्स खोलेंगे, तो फोन की असली 6GB RAM भरने के बाद, बैकग्राउंड ऐप्स का डेटा उस रिजर्व की गई 4GB स्टोरेज स्पेस जिसे वर्चुअल रैम कहते हैं में चला जाता है. इसके लिए फोन zRAM तकनीक का इस्तेमाल करता है, जो डेटा को कंप्रेस करके सेव रखती है.
RAM Plus के फायदे
इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप बैकग्राउंड में एक साथ कई ऐप्स खुले रख सकते हैं. जब आप दोबारा किसी ऐप पर जाएंगे, तो वह शुरू से रीलोड नहीं होगा. साथ ही जिन बजट स्मार्टफोन्स में केवल 3GB या 4GB RAM होती है, उनके लिए यह फीचर बहुत मददगार है. यह ऐप्स को अचानक क्रैश होने से बचाता है. इसके अलावा भारी गेम्स खेलते समय यह बैकग्राउंड ऐप्स को संभालने का काम करता है, जिससे गेमिंग के लिए असली RAM पूरी तरह खाली मिल जाती है.
यह भी पढ़ेंः बिना पता चले कैसे देखें किसी की Instagram Story, ये तरीके आएंगे काम
इसके नुकसान भी हैं...
RAM Plus के कुछ नुकसान भी हैं, जैसे इंटरनल स्टोरेज की स्पीड असली रैम की तुलना में बहुत धीमी होती है. इसलिए, वर्चुअल RAM कभी भी असली RAM जैसा सुपर-फास्ट परफॉर्मेंस नहीं दे सकती. साथ ही कई बार 8GB या 12GB RAM वाले महंगे फोन में इसे ऑन रखने से फोन फास्ट होने के बजाय धीमा होने लगता है. क्योंकि प्रोसेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से फोन के हैंग होने का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा बैकग्राउंड में डेटा को लगातार कंप्रेस और ट्रांसफर करने के कारण प्रोसेसर को ज्यादा काम करना पड़ता है, जिससे फोन की बैटरी जल्दी खत्म होती है.
यह भी पढ़ेंः वॉशिंग मशीन में ज्यादा डिटर्जेंट डालते हैं? हो जाएगी खराब






















