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TECH EXPLAINED: मालवेयर क्या होते हैं और कैसे काम करते हैं? जानिए इसके टाइप और बचाव के तरीके

साइबर अटैकर्स और हैकर्स लोगों को निशाना बनाने के लिए मालवेयर का इस्तेमाल करते हैं. मालवेयर कई प्रकार के होते हैं और इन्हें अलग-अलग कामों के लिए डिजाइन किया जाता है.

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  • मालवेयर दुर्भावनापूर्ण सॉफ़्टवेयर है जो डिवाइस को नुकसान पहुंचाता है।
  • यह विभिन्न तरीकों से इंस्टॉल होता है, जैसे लिंक क्लिक या अटैचमेंट खोलना।
  • रैंसमवेयर, स्पाईवेयर, वर्म्स, एडवेयर, ट्रोजन और बॉटनेट मालवेयर के प्रकार हैं।
  • संदिग्ध लिंक, पॉप-अप से बचें, सॉफ्टवेयर अपडेट रखें, सुरक्षित डाउनलोड करें।

What is Malware: अगर आप स्मार्टफोन और कंप्यूटर आदि यूज करते हैं तो आपने मालवेयर का नाम सुना ही होगा. मालवेयर मलेशियस सॉफ्टवेयर के लिए यूज की जाने वाली एक टर्म है. इन मलेशियस सॉफ्टवेयर को किसी डिवाइस को डैमैज या डिसरप्ट और चोरी करने के लिए तैयार किया जाता है. आमतौर पर हैकर्स किसी अनऑथेंटिक तरीके से किसी डिवाइस की एक्सेस लेने या हैकिंग के लिए मालवेयर का यूज करते हैं. आज हम आपको मालवेयर के बारे में पूरी डिटेल बताने जा रहे हैं. 

क्या होते हैं मालवेयर?

मालवेयर इनवेसिव सॉफ्टवेयर या कंप्यूटर कोड होते हैं, जिन्हें कंप्यूटर सिस्टम को इंफेक्ट, डैमेज या उसकी एक्सेस लेने के लिए तैयार किया जाता है. मालवेयर के कई प्रकार होते हैं और हर कोई डिवाइस को अपने हिसाब से प्रभावित करता है, लेकिन इन सबको कंप्यूटर सिस्टम की सिक्योरिटी और प्राइवेसी से छेड़छाड़ के लिए डिजाइन किया जाता है. मालवेयर सिर्फ कंप्यूटर ही नहीं, बल्कि मोबाइल डिवाइसेस को टारगेट करने के भी यूज किया जाता है.

कैसे काम करते हैं मालवेयर?

सभी मालवेयर का काम करने का बेसिक पैटर्न सेम होता है. मालवेयर वाले किसी लिंक या वेबसाइट पर क्लिक करने से यह सिस्टम में इंस्टॉल हो जाता है. इसके अलावा कई बार हैकर्स फाइल्स में मालवेयर अटैच कर देते हैं. इस कारण जैसे ही ये फाइल्स शेयर होती हैं, मालवेयर भी शेयर होता जाता है. मोबाइल डिवाइस की बात करें तो टेक्स्ट मैसेज के जरिए भी मालवेयर इंस्टॉल किया जा सकता है. इस तरह कई प्रकार से मालवेयर सिस्टम में इंस्टॉल किया जा सकता है. इंस्टॉल होने के बाद यह अपना काम शुरू कर देता है. हैकर्स हर मालवेयर को अलग-अलग कामों के लिए डिजाइन करते हैं. ऐसे में ये हैकर्स की कमांड पर काम करते हैं. हैकर्स मालवेयर का इसलिए इस्तेमाल करते हैं क्योंकि इसकी वजह से उनके लिए सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को तोड़ना आसान हो जाता है और वो ज्यादा लोगों को अपना निशाना बना पाते हैं. 

ये हैं मालवेयर के टाइप

Ransomware- फिरौती लेने के लिए इस मालवेयर का यूज किया जाता है. इंस्टॉल होने के बाद रैंसमवेयर सिस्टम या फाइल्स को लॉक कर देता है और इसके बदले रैंसम की डिमांड करता है. 

Spyware- किसी डिवाइस या नेटवर्क की इंफोर्मेशन कलेक्ट करने के लिए इसका यूज किया जाता है. सिस्टम में इंस्टॉल होने के बाद यह उसकी सारी इंफोर्मेशन अटैकर्स के पास भेजता है. इसकी मदद से अटैकर्स डिवाइस के माइक्रोफोन से लेकर कैमरा तक को कंट्रोल कर सकते हैं.

Worms- एक बार कंप्यूटर में घुसने के बाद ये खुद की नकल करते हैं और इनकी संख्या बढ़ती जाती है. एक समय पर ये इतने हो जाते हैं कि इनकी वजह से नेटवर्क ठप पड़ जाता है. कई बार Worms को सिस्टम में मालवेयर इंस्टॉल करने के लिए भी यूज किया जा सकता है. 

Adware- जैसा नाम से जाहिर हो रहा है, इन्हें एडवरटाइजिंग के जरिए रेवेन्यू कमाने के लिए तैयार किया जाता है. सिस्टम में इंस्टॉल होने के बाद ये यूजर्स को एक के बाद एक अनचाही एड दिखाते हैं. ये सिस्टम से पर्सनल डेटा भी कलेक्ट करते हैं, जिसके बेस पर एड को पर्सनलाइज किया जाता है. 

Trojans- ट्रोजन ऐसे मालवेयर होते हैं, जिनमें दूसरे मालवेयर छिपे होते हैं. आमतौर पर ट्रोजन को असली सॉफ्टवेयर के जरिए यूजर के डिवाइस में इंस्टॉल करने की कोशिश की जाती है. जैसे ही यह इंस्टॉल होता है, यह अपने अंदर छिपे मालवेयर को भी इंस्टॉल कर देता है. 

Botnets- बॉटनेट मालवेयर का टाइप नहीं है, लेकिन यह कंप्यूटर का कंप्यूटर कोड का एक नेटवर्क होता है, जो मालवेयर को एग्जीक्यूट करता है. इसमें अटैकर्स कंप्यूटर के एक ग्रुप को बॉट्स मालवेयर से इंफेक्ट कर देते हैं और इनका कंट्रोल किसी और के पास चला जाता है. इसे स्पैम भेजने और नकली एड क्रिएट करने के लिए यूज किया जाता है.

सिस्टम में मालवेयर का पता कैसे चलता है?

कुछ संकेतों को पहचानकर सिस्टम में मालवेयर का पता लगाया जा सकता है. अगर आपको लगता है कि डिवाइस की स्पीड एकदम स्लो हो गई है तो यह मालवेयर का काम हो सकता है. दरअसल, मालवेयर डिवाइस के प्रोसेसिंग रिसोर्सेस को यूज करते हैं, जिससे बाकी कामों के लिए पावर नहीं बचती और सिस्टम स्लो हो जाता है. इसके अलावा मालवेयर स्टोरेज स्पेस को भी कंज्यूम करते हैं. ऐसे में अगर अचानक आपका स्टोरेज स्पेस खत्म हो जाए तो यह मालवेयर का संकेत हो सकता है. अन्य संकेतों की बात करें तो सिस्टम में अचानक से पॉप-अप एड नजर आए को समझ जाएं कि आपका सिस्टम अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं है.

मालवेयर अटैक से कैसे बचें?

मालवेयर के अलग-अलग टाइप के हमलों से बचाव के लिए एंटी-मालवेयर सॉफ्टवेयर का यूज करने की सलाह दी जाती है. ये मालवेयर की पहचान कर उन्हें हटा देते हैं. इसके अलावा नीचे दी गईं टिप्स को फॉलो कर भी मालवेयर से बचा जा सकता है.

  • संदिग्ध लगने वाली पॉप-अप और बैनर एड पर क्लिक न करें.
  • किसी भी संदिग्ध या अनजान व्यक्ति से आए मैसेज, फाइल और ईमेल अटैचमेंट को ओपन न करें.
  • सुरक्षा खामियों से बचाव के लिए सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें. 
  • हमेशा भरोसेमंद सोर्सेस से ही ऐप्स और फाइल्स डाउनलोड करें. 
  • अपने सिस्टम में स्टोर डेटा का बैकअप लेते रहें ताकि डेटा लीक की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके.

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