छत को ही बना देते हैं बिजली घर, किस चीज से बने होते हैं सोलर पैनल?
What Are Solar Panels Made Of: सोलर पैनल घर की छत को ही बिजली घर बनाकर एनर्जी नीड्स को पूरा कर देते हैं. इनकी बनावट में ही इनके काम करने का तरीका छिपा हुआ है.

- सोलर पैनल सिलिकॉन सोलर सेल्स से बनते हैं, जो सूर्य की रोशनी को बिजली में बदलते हैं।
- एल्युमिनियम का मेटल फ्रेम पैनल को सुरक्षा देता है और माउंटिंग में मदद करता है।
- गिलास शीट सोलर सेल्स को बचाती है, जबकि बैक शीट नमी और गर्मी से सुरक्षा देती है।
- सोलर पैनल से उत्पन्न डायरेक्ट करंट (DC) को इन्वर्टर ऑल्टरनेट करंट (AC) में बदलता है।
What Are Solar Panels Made Of: पिछले कुछ समय से सोलर पैनल हर जगह नजर आने लगे हैं. ये एनर्जी के सबसे क्लीन और सबसे सस्ते सोर्सेस में से एक माने जाते हैं. घर की छत पर लगे ये पैनल सारी एनर्जी जरूरतों को पूरा कर देते हैं. कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि ये पैनल बिजली कैसे जनरेट करते हैं? इसका जवाब इन पैनल्स की बनावट में ही छिपा हुआ है. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि सोलर पैनल किन चीजों से बने होते हैं. साथ ही यह भी जानेंगे कि इसमें लगा कौन-सा पार्ट क्या काम करता है.
किन चीजों से बनता है सोलर पैनल?
सिलिकॉन सोलर सेल्स- सोलर पैनल बनाने में यूज होने वाला सबसे महत्वपूर्ण मैटेरियल सिलिकॉन है. पैनल में लगी सिलिकॉन सोलर सेल्स photovoltaic effect की मदद से सनलाइट को इलेक्ट्रिसिटी में बदल देती हैं इन्हें ग्लास पैनल के बीच में मैट्रिक्स जैसी स्ट्रक्चर में लगाया जाता है. ये पतले ग्लास की वेफर शीट के कॉन्टैक्ट में आकर इलेक्ट्रिक चार्ज क्रिएट करती हैं. ज्यादातर सोलर सेल्स मोनोक्रिस्टलाइन या पॉलीक्रिस्टलाइन होती हैं.
मेटल फ्रेम- पैनल को खराब मौसम या दूसरी खतरनाक स्थितियों से बचाने के लिए एक मेटल फ्रेम की जरूरत पड़ती है. मेटल फ्रेम आमतौर पर एल्युमिनियम का बना होता है. फ्रेम के कारण ही सोलर पैनल को मनचाहे एंगल पर माउंट किया जा सकता है.
ग्लास शीट- ग्लास शीट की थिकनेस 6-7mm होती है और इसे सिलिकॉन सोलर सेल्स को प्रोटेक्ट करने के लिए यूज किया जाता है. ग्लास एक्सटीरियर के नीचे इंसुलेशन के लिए केसिंग और एक प्रोटेक्टिव बैक शीट भी लगी होती है, जो पैनल के अंदर हीट और नमी को फैलने से रोकती है. इसके बिना पैनल के खराब होने का खतरा रहता है. अगर पैनल के अंदर का टेंपरेचर ज्यादा हो जाए तो एफिशिएंसी कम हो सकती है.
12V और बस वायर- पैनल में लगी सोलर सेल्स को कनेक्ट करने के लिए बस वायर का यूज होता है. इन्हें पतली लेयर में कवर किया जाता है ताकि सॉल्डरिंग आसान हो सके. इसके अलावा पैनल से जनरेट हुई बिजली को इन्वर्टर तक पहुंचाने के लिए 12V की वायर यूज की जाती है.
सोलर पैनल से घर तक कैसे पहुंचती है बिजली?
सोलर पैनल से जो बिजली पैदा होती है, वह डायरेक्ट करंट होता है. इसे घरों में यूज नहीं किया जा सकता क्योंकि घर में लगे बिजली उपकरण ऑल्टरनेट करंट पर चलते हैं. इसलिए सोलर पैनल के साथ इन्वर्टर लगा होता है. यह डायरेक्ट करंट को ऑल्टरनेट करंट में बदल देता है. इसके बाद यह घर में यूज के लायक हो जाती है.
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Source: IOCL

























